Southwest Monsoon 2026 Advance: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने शुक्रवार 30 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) ने रफ्तार पकड़ ली है और अरब सागर, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अब अगले 4-5 दिनों में केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून की दस्तक होने की संभावना है।
देखा जाए तो इस साल मॉनसून अपने समय पर आ रहा है जो देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की बात है। दिलचस्प बात यह है कि 30 मई 2026 तक मॉनसून की उत्तरी सीमा 10°N/60°E से होते हुए 22°N/97°E तक पहुंच गई है।
लेकिन समझने वाली बात यह है कि मॉनसून के आगमन के साथ-साथ कई राज्यों में तेज आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। IMD ने विशेष रूप से 30 और 31 मई के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
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पिछले 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश? रिकॉर्ड तोड़ बारिश
पिछले 24 घंटों में यानी 29 मई की सुबह 8:30 बजे से 30 मई की सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई:
बिहार में सबसे ज्यादा बारिश रही। मोतिहारी (पूर्वी चंपारण जिला) में 12 सेमी बारिश हुई जो बहुत भारी (Very Heavy) श्रेणी में आती है। कसबा (पूर्णिया), सिलाव (नालंदा), पिपराकोठी में 7-8 सेमी बारिश दर्ज की गई।
केरल में उरुमी (कोझिकोड) में 11 सेमी, एर्नाकुलम साउथ में 10 सेमी, मट्टनचेरी, कोची IAF में 9 सेमी बारिश हुई।
तमिलनाडु में कृष्णगिरि में 8 सेमी, ऊथु (तिरुनेलवेली), अम्मापेट्टई (इरोड) में 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा उत्तराखंड (देहरादून 7 सेमी), पंजाब (भरतगढ़, कोटला में 8 सेमी), पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय में भी भारी बारिश हुई।
80-100 kmph की रफ्तार से चली आंधी: तबाही का मंजर
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान ने तबाही मचाई:
पश्चिम उत्तर प्रदेश में आगरा में 100 kmph की रफ्तार से आंधी चली – यह बेहद खतरनाक स्तर है। फिरोजाबाद में 61 kmph, अलीगढ़ में 65 kmph, इटावा, झांसी, फर्रुखाबाद में 50-57 kmph की तेज हवाएं चलीं।
गंगीय पश्चिम बंगाल में अलीपुर में 88 kmph, कालना में 83 kmph, हुगली में 78 kmph, दमदम में 74 kmph की तूफानी हवाएं रिकॉर्ड हुईं।
ओडिशा के भवानीपटना में 78 kmph, मध्य प्रदेश के अशोकनगर में 70 kmph, ग्वालियर और शिवपुरी में 67 kmph की तेज आंधी चली।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में भी 40-67 kmph की तेज हवाएं चलीं।
ओलावृष्टि ने बढ़ाई मुसीबत: फसलों को नुकसान
अगर गौर करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हुई। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि ओले गिरने से खड़ी फसलों, फलों के बागों और सब्जियों की भारी क्षति होती है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी (Duststorm) भी चली जिससे दृश्यता काफी कम हो गई।
गर्मी की लहर में राहत: अब सिर्फ तीन इलाकों में
IMD के अनुसार मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से गर्मी की लहर (Heat Wave) कम हो गई है। अब केवल विदर्भ, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ इलाकों में 30 मई को गर्मी की लहर बनी रहेगी।
29 मई को राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में देश का सबसे अधिक 46.0°C तापमान दर्ज किया गया। विदर्भ के अधिकांश स्थानों पर तापमान 40-45°C के बीच रहा।
अगले एक हफ्ते का मौसम पूर्वानुमान: किस राज्य में क्या होगा?
पूर्वोत्तर भारत:
• पूरे सप्ताह बिखरी से मध्यम बारिश की संभावना
• नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 30 मई-1 जून और 4-5 जून को भारी बारिश संभव
• असम-मेघालय में 1-5 जून तक भारी बारिश
• अरुणाचल प्रदेश में 2-5 जून तक भारी बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:
• तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 30 मई-3 जून तक भारी बारिश के साथ गर्जना-चमक
• केरल और माहे में 30 मई-5 जून तक भारी बारिश – मॉनसून की पूर्ण सक्रियता
• आंध्र प्रदेश में 30-31 मई को 50-70 kmph की तेज आंधी (Thundersquall)
• रायलसीमा में 30 मई को भारी बारिश और ओलावृष्टि संभव
पूर्वी भारत:
• ओडिशा और झारखंड में 30 मई को 60-80 kmph की तूफानी हवाएं
• बिहार में 30 मई को भारी बारिश और 50-70 kmph की आंधी
• अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में पूरे सप्ताह बारिश जारी रहेगी
• ओडिशा में 30 मई को ओलावृष्टि की आशंका
उत्तर-पश्चिम भारत:
• दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश में 30 मई को 60-80 kmph की तूफानी आंधी
• हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 30 मई को तेज आंधी और ओलावृष्टि
• राजस्थान में 30-31 मई को तूफान और धूल भरी आंधी
• पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम यूपी में 30 मई को भारी बारिश और ओले गिरने की आशंका
मध्य भारत:
• विदर्भ में 30-31 मई को 50-70 kmph की आंधी
• पश्चिम मध्य प्रदेश में 30 मई-3 जून तक तूफान और भारी बारिश
• छत्तीसगढ़ में 30 मई को ओलावृष्टि संभव
पश्चिम भारत:
• गुजरात में 30 मई-2 जून तक 50-70 kmph की आंधी
• 31 मई-2 जून तक भारी बारिश
• 31 मई को ओलावृष्टि की आशंका
• महाराष्ट्र में 2 जून को ओलावृष्टि संभव
दिल्ली-NCR में क्या है मौसम का हाल?
30 मई 2026: दोपहर बाद बादल छाए रहेंगे। शाम-रात में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जना-चमक और 50-70 kmph की तेज आंधी चलेगी। अधिकतम तापमान 36-38°C रहेगा।
31 मई: शाम-रात में हल्की बारिश और 40-60 kmph की तेज हवाएं। तापमान 36-38°C।
1 जून: आंशिक बादल। तापमान 37-39°C।
2 जून: आंशिक बादल। तापमान 38-40°C।
समझने वाली बात यह है कि तापमान सामान्य से 3-5°C कम रहेगा जो राहत देने वाला है।
मछुआरों के लिए गंभीर चेतावनी: इन इलाकों में न जाएं
IMD ने 30 मई से 4 जून तक मछुआरों को निम्न क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है:
बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन और मालदीव क्षेत्र, तमिलनाडु और श्रीलंका तट, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, आंध्र प्रदेश तट
अरब सागर: उत्तरी अरब सागर, गुजरात तट, पाकिस्तान-ईरान तट, ओमान तट, पश्चिम-मध्य अरब सागर, सोमालिया तट
किसानों के लिए विशेष सलाह: फसलों को कैसे बचाएं?
ओलावृष्टि से बचाव:
• फलों के बागों और सब्जी के पौधों में हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करें
• खेतों में प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें
• पके हुए फलों को तुरंत तोड़ लें और सुरक्षित जगह रखें
भारी बारिश से बचाव:
• धान, मक्का, सब्जियों के खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें
• वर्तमान में सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव स्थगित करें
• केले, नारियल, पपीता के पौधों को सहारा दें
• पके हुए धान की कटाई वर्तमान बारिश के बाद तुरंत करें
गर्मी की लहर से बचाव:
• सुबह-शाम हल्की और बार-बार सिंचाई करें
• फसलों में जैविक मल्च या पुआल का उपयोग करें
• केले के गुच्छों को पत्तियों से ढकें
• नई लगाई गई फसलों में शेड नेट का उपयोग करें
पशुपालन:
• ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
• साफ और पर्याप्त पेयजल दें
• चारा और दाना सुरक्षित जगह पर रखें
• तालाबों के चारों ओर जाली लगाकर मछलियों को बचाएं
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह: क्या करें, क्या न करें
तूफान-आंधी के दौरान:
• घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
• पेड़ों के नीचे शरण न लें – बिजली गिरने का खतरा
• बिजली की चमक के दौरान कंक्रीट के फर्श या दीवारों से दूर रहें
• बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें
• जल निकायों से तुरंत बाहर निकल आएं
• अनावश्यक यात्रा से बचें
गर्मी की लहर के दौरान:
• सीधी धूप में जाने से बचें
• हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
• सिर ढकें – कपड़ा, टोपी या छाता उपयोग करें
• पर्याप्त पानी पिएं
• बुजुर्गों, बच्चों और पुराने रोगियों का विशेष ध्यान रखें
तापमान में होगा बदलाव: किस क्षेत्र में क्या उम्मीद?
• उत्तर-पश्चिम भारत: 30 मई तक कोई बदलाव नहीं, फिर 31 मई-5 जून तक 6-8°C की वृद्धि
• मध्य भारत: 1 जून तक 2-4°C की गिरावट, फिर स्थिर
• पूर्वी भारत: 30 मई तक स्थिर, फिर 31 मई-5 जून तक 2-3°C की वृद्धि
• महाराष्ट्र: 1-3 जून तक 2-3°C की गिरावट
• गुजरात: 3 जून तक 3-5°C की गिरावट
क्या है पूरा मामला?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हर साल जून के पहले हफ्ते में केरल तट पर दस्तक देता है। इस साल भी मॉनसून समय पर आ रहा है। 30 मई तक यह अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है।
लेकिन मॉनसून के पूर्व के मौसम में हमेशा तेज आंधी, तूफान और अनियमित बारिश की घटनाएं होती हैं। यही कारण है कि IMD ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और ट्रफ (Trough) जैसी मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं जिनके कारण व्यापक मौसम गतिविधियां हो रही हैं।
किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है क्योंकि रबी फसलों की कटाई चल रही है और खरीफ की तैयारी शुरू हो रही है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को काफी नुकसान हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
• दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 30 मई को अरब सागर, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ा
• अगले 4-5 दिनों में केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पहुंचेगा
• 30-31 मई को उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में 60-100 kmph की तूफानी हवाएं
• पश्चिम यूपी के आगरा में 100 kmph, गंगीय पश्चिम बंगाल में 88 kmph आंधी रिकॉर्ड
• बिहार के मोतिहारी में 12 सेमी, केरल में 11 सेमी भारी बारिश
• हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी
• गर्मी की लहर अब केवल विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना तक सीमित
• राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में 46°C – देश का सबसे गर्म स्थान
• मछुआरों को 30 मई-4 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाने की सलाह












