Punjab Roadways Contract Workers Strike: खराब मौसम की परवाह किए बिना पंजाब के ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने मोहाली में अपनी आवाज बुलंद की। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की तरफ से शुरू की गई हड़ताल के दौरान सोमवार को मोहाली के फेज-6 स्थित अंतर्राष्ट्रीय बस अड्डे पर राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। देखा जाए तो यह प्रदर्शन सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों के गुस्से और निराशा की साफ तस्वीर पेश करता है।
बारिश में भी नहीं डिगे कर्मचारी, पूरे पंजाब से पहुंचे प्रदर्शनकारी
मोहाली के अंतर्राष्ट्रीय बस अड्डे पर सोमवार सुबह से ही कर्मचारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। खराब मौसम और बारिश के बावजूद पंजाब के विभिन्न जिलों से सैकड़ों ट्रांसपोर्ट कर्मचारी धरने में शामिल होने के लिए पहुंचे। अगर गौर करें तो इस बार का प्रदर्शन पिछले कई विरोध प्रदर्शनों से काफी अलग था। कर्मचारियों का गुस्सा साफ देखा जा सकता था। उनके हाथों में तख्तियां थीं और नारों की गूंज पूरे इलाके में सुनाई दे रही थी।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “हमारी मांगें पूरी करो”, “सरकार जवाब दो”, “ठेका प्रथा बंद करो” जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि धरने को रोकने के लिए पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर तैनात था, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ कूच करने का ऐलान किया था।
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यूनियन नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
धरने को संबोधित करते हुए Punjab Roadways Contract Workers Union के प्रमुख नेताओं रेशम सिंह और शमशेर सिंgh ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और विभाग के अधिकारियों ने पहले कर्मचारियों की मांगें मान ली थीं और इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया गया था। लेकिन समझने वाली बात यह है कि यह पत्र सरकार के साथ बातचीत के दौरान हुए फैसलों के अनुसार जारी नहीं किया गया।
रेशम सिंह ने आरोप लगाया, “पनबस के अधिकारी जानबूझकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। वे हड़ताल खत्म करवाना चाहते हैं, लेकिन हमारी असली मांगों को टालते जा रहे हैं। हम साफ कह देना चाहते हैं कि जब तक मानी गई मांगें पूरी तरह लागू नहीं होतीं, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
शमशेर सिंह ने कहा, “सरकार ने हमें कई बार आश्वासन दिए, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदला। हमारी बुनियादी मांगें—जैसे स्थायी नौकरी, उचित वेतन, और बेहतर कामकाजी परिस्थितियां—अभी तक अधूरी हैं।”
चंडीगढ़ कूच की तैयारी, प्रशासन अलर्ट
यहां ध्यान देने वाली बात है कि प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ की ओर कूच करने का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। मोहाली पुलिस की बड़ी टुकड़ी मौके पर तैनात कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर कर्मचारी चंडीगढ़ की ओर बढ़ने का प्रयास करते हैं तो उन्हें रोका जाएगा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इजाजत दे रहे हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
Punjab Roadways, Punbus और PRTC Contract Workers की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- स्थायी नौकरी: कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी किया जाए
- उचित वेतन: समान काम के लिए समान वेतन की नीति लागू हो
- बेहतर कामकाजी परिस्थितियां: सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार
- पुराने बकाए: लंबित भुगतानों का तत्काल निपटान
- सोशल सिक्योरिटी: पेंशन, मेडिकल और अन्य लाभ
ट्रांसपोर्ट सेवाएं प्रभावित, यात्रियों को परेशानी
हड़ताल के कारण पंजाब के कई हिस्सों में सरकारी बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन लोगों को जो रोजाना सरकारी बसों पर निर्भर रहते हैं। कई रूटों पर बसें या तो चल नहीं रही हैं या फिर बहुत कम संख्या में चल रही हैं।
एक यात्री ने कहा, “हम समझते हैं कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं, लेकिन हमें भी रोजाना अपने काम पर जाना होता है। सरकार को जल्द से जल्द इस मसले का समाधान करना चाहिए।”
सरकार की चुप्पी चिंता का विषय
अभी तक पंजाब सरकार या ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने सरकार से बातचीत की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई बुलावा नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार जल्द ही इस मसले पर ध्यान नहीं देती तो स्थिति और बिगड़ सकती है। हड़ताल लंबी खिंचने से न सिर्फ आम जनता को दिक्कत होगी, बल्कि सरकार की छवि पर भी असर पड़ेगा।
जानें पूरा मामला
पंजाब में ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की समस्याएं कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कई सालों से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर आवाज उठाते रहे हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह सुविधाएं और अधिकार मिलें। लेकिन सरकारी तंत्र की सुस्ती और नौकरशाही के चक्कर में उनकी समस्याएं अक्सर दबी रह जाती हैं।
इस बार कर्मचारियों ने ठान लिया है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
मुख्य बातें (Key Points):
- मोहाली के फेज-6 स्थित अंतर्राष्ट्रीय बस अड्डे पर Punjab Roadways Contract Workers का बड़ा विरोध प्रदर्शन
- खराब मौसम के बावजूद पंजाब भर से सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए
- यूनियन नेताओं रेशम सिंह और शमशेर सिंgh ने सरकार पर लगाए गुमराह करने के आरोप
- प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ कूच का ऐलान किया, पुलिस बल मौके पर तैनात
- स्थायी नौकरी, उचित वेतन और बेहतर सुविधाओं की मांग













