Raghav Chadha Joins BJP की खबर ने शुक्रवार शाम पूरे देश की राजनीति में हलचल मचा दी। पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान किया कि वह और उनके साथ कुल 7 राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शाम को ही चंडीगढ़ स्थित BJP मुख्यालय पहुंचकर नितिन नवीन से पार्टी की सदस्यता ली।
दिलचस्प बात यह है कि AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 का एक साथ पार्टी छोड़ना किसी राजनीतिक भूचाल से कम नहीं है। और बस यहीं से शुरू हुई पंजाब में नई राजनीतिक उथल-पुथल की कहानी।
अशोक मित्तल पर ED छापे के 10वें दिन BJP में एंट्री
समझने वाली बात है कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चेयरमैन अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर पर 15 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की थी। और ठीक 10 दिन बाद 24 अप्रैल को वह BJP में शामिल हो गए। यह कोई संयोग है या सियासी सौदेबाजी, यह सवाल अब पूरी राजनीति में गूंज रहा है।
AAP नेता संजय सिंह ने इसी बात को उठाते हुए कहा, “अशोक मित्तल के यहां कुछ दिन पहले ED का छापा पड़ा और आज उन्हें तोड़ लिया गया। यह साफ-साफ ऑपरेशन लोटस है।”
राघव चड्ढा बोले: मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति था
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा, “पिछले कुछ सालों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। जिस पार्टी का गठन भ्रष्टाचार को खत्म करने की शपथ के साथ हुआ था, वह आज भ्रष्टाचार और समझौतावादी लोगों के हाथों में बुरी तरह फंस चुकी है।”
उन्होंने बताया कि उनके साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता और संदीप पाठक भी BJP में शामिल हो रहे हैं। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल राघव, संदीप और अशोक ही मौजूद थे।
अगर गौर करें तो राघव ने यह भी कहा कि “भारत का संविधान यह प्रोविजन देता है कि अगर दो-तिहाई से ज्यादा सांसद किसी दूसरी पार्टी में जाना चाहें तो वे ऐसा कर सकते हैं। इसलिए दलबदल कानून लगने का कोई मतलब नहीं है।”

बिक्रम सिंह मजीठिया का तीखा हमला: अभी तो ट्रेलर है
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह तो शुरुआत है, अभी तो फिल्म का ट्रेलर है पूरी फिल्म पंजाब के लोग जल्द ही देखेंगे। मैं इसकी उम्मीद अगस्त में कर रहा था, लेकिन यह अप्रैल में ही हो गया है।”
मजीठिया का दावा है कि जल्द ही AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “अब पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। यह सिलसिला जालंधर और लुधियाना से शुरू होगा।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मजीठिया ने पंजाब के राज्यपाल से अपील की है कि जल्द से जल्द विधानसभा का सत्र बुलाया जाए और मुख्यमंत्री भगवंत मान को बहुमत साबित करने के लिए कहा जाए।
मजीठिया ने भगवंत मान पर लगाया ऑस्ट्रेलिया संपत्ति का आरोप
बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पार्टी बदल सकते हैं क्योंकि वे अपनी ऑस्ट्रेलिया स्थित संपत्तियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं। मजीठिया का दावा है कि मुख्यमंत्री को केंद्रीय एजेंसियों जैसे ED और CBI की कार्रवाई का डर है।
देखा जाए तो यह आरोप कितना सच है, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इससे पंजाब की राजनीति में एक नई बहस जरूर शुरू हो गई है।

भगवंत मान की प्रेस कॉन्फ्रेंस: यह वॉशिंग मशीन का खेल
राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शाम को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “ये वही वॉशिंग मशीन है, जो शरद पवार की पार्टी तोड़ने में इस्तेमाल की गई थी। इन लोगों ने आज हमारी पार्टी के सांसदों को तोड़ा है।”
भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा, “राघव का यहां दम घुटने लग गया। जब 50 नंबर कोठी में थे, तो वहां बड़ी खुली हवा आती थी। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे।”
हैरान करने वाली बात यह है कि भगवंत मान ने अशोक मित्तल पर ED के छापे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अशोक मित्तल के यहां ED का एक छापा था। इनकी पार्टी ED और CBI के सिर पर चलती है। यह डेमोक्रेटिक पार्टी नहीं है।”
भगवंत मान का ED को चुनौती: हिम्मत है तो मेरे घर छापा मारो
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय एजेंसियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, “मैं कहता हूं ED से, आओ भगवंत के घर छापा मारो। केजरीवाल-सिसोदिया को जेल में रखा, क्या मिल गया? आप में हिम्मत है तो आओ। मेरे साथ पंजाब के लोग हैं, उनके प्यार की कोई कीमत नहीं है।”
समझने वाली बात है कि यह सीधी चुनौती है BJP और केंद्र सरकार को। भगवंत मान ने साफ कर दिया कि वह किसी दबाव में नहीं आने वाले।
संजय सिंह का पलटवार: मोदी-शाह का ऑपरेशन लोटस
राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद दिल्ली में AAP नेता संजय सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, “अमित शाह और मोदी का ऑपरेशन लोटस, घटिया राजनीति का खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है।”
संजय सिंह ने सभी 7 सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, “राजिंदर गुप्ता, साहनी, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल… इन सबको AAP ने जमीन से उठाकर संसद के अंदर पहुंचाने का काम किया। लेकिन इन सातों लोगों ने पंजाब की जनता की पीठ में छुरा मारा है।”
उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने पंजाब के किसानों के खिलाफ काले कानून पास किए, उस पार्टी में जाकर आप ईमानदारी और सच्चाई की बात करोगे? कौन मानेगा आपकी बात?”
राघव चड्ढा के 2 साल के अलगाव के संकेत
अगर गौर करें तो राघव चड्ढा पिछले दो साल से AAP से दूरी बना रहे थे। 21 मार्च 2024 को जब शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया, तब राघव ने न कुछ बोला, न सोशल मीडिया पर कुछ लिखा।
फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को करारी हार मिली। पार्टी को सिर्फ 22 सीटें मिलीं जबकि BJP ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई। तब भी राघव चुप्पी साधे रहे।
2025 की शुरुआत में ही राघव के सोशल मीडिया अकाउंट से AAP का बैनर और चुनाव निशान हटने लगे। AAP के अंदर चर्चा होने लगी कि राघव पार्टी के बजाय पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस कर रहे हैं।
27 फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित बाकी आरोपियों को शराब घोटाले में CBI के मामले से बरी कर दिया। AAP ने इसका जश्न मनाया, लेकिन राघव नदारद रहे।
AAP ने 2 अप्रैल को राघव को उपनेता पद से हटाया था
2 अप्रैल को AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा सांसदों के उपनेता पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को चिट्ठी दी गई, जिसमें यह भी कहा गया कि उन्हें पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए।
इसके बाद 3 अप्रैल को राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा था, “मैंने संसद में जनता के मुद्दे उठाए, क्या यह अपराध है? मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उस वक्त कई AAP नेता सामने आए थे। अनुराग ढांडा, सौरभ भारद्वाज, आतिशी मार्लेना ने कहा था कि राघव पार्टी लाइन से हट गए हैं और मोदी से डरते हैं।
दलबदल कानून क्यों नहीं लगेगा?
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि दलबदल कानून नहीं लगेगा क्योंकि AAP के दो-तिहाई सांसदों ने यह फैसला लिया है। AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 का BJP में जाना संवैधानिक रूप से वैध है।
संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अगर किसी दल के दो-तिहाई सदस्य मिलकर विलय (merger) का फैसला लेते हैं, तो उन पर दलबदल कानून नहीं लगता। यही तर्क राघव चड्ढा ने दिया है।
स्वाति मालीवाल बोलीं: इटानगर में हूं, शाम को बात करूंगी
जब राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वाति मालीवाल का नाम लिया, तो मीडिया ने उनसे संपर्क किया। स्वाति ने कहा, “मैं इटानगर में हूं। शाम को दिल्ली लौटकर बात करूंगी।”
अभी तक स्वाति मालीवाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे साफ नहीं हो पा रहा कि वह सच में BJP में शामिल हो रही हैं या नहीं।
कांग्रेस का तंज: मेन आर्किटेक्ट ने ही साथ छोड़ा
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जब पार्टी के “मेन आर्किटेक्ट” ने ही साथ छोड़ दिया, तो यह अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।
रंधावा का कहना है कि आने वाले चुनावों से पहले पार्टी के बाकी सांसद भी साथ छोड़ सकते हैं।
केजरीवाल का बयान: BJP ने फिर पंजाबियों के साथ धोखा किया
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “BJP ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धोखा।”
हालांकि केजरीवाल ने विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस ट्वीट से साफ है कि AAP इसे BJP की साजिश मान रही है।
पंजाब में AAP की स्थिति क्या है?
2024 के लोकसभा चुनावों में AAP ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं:
- गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर)
- राजकुमार चब्बेवाल (होशियारपुर)
- मालविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब)
पंजाब विधानसभा में 2027 में चुनाव होने हैं। फिलहाल AAP के पास बहुमत है, लेकिन अब सवाल यह है कि अगर विधायक भी पार्टी छोड़ना शुरू कर दें तो क्या होगा?
मजीठिया का दावा है कि जल्द ही विधायकों की “उलटी गिनती” शुरू होगी और यह सिलसिला जालंधर और लुधियाना से शुरू होगा।
मजीठिया की मांग: फ्लोर टेस्ट कराया जाए
बिक्रम सिंह मजीठिया ने मांग की है कि अब मुख्यमंत्री को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अब बहानेबाजी नहीं चलेगी और न ही लोग सिर्फ भाषणों से संतुष्ट होंगे।”
उन्होंने पंजाब के राज्यपाल से अपील की है कि जल्द से जल्द विधानसभा का सत्र बुलाया जाए और फ्लोर टेस्ट कराया जाए।
राज्यसभा से विधानसभा तक टूट के संकेत
देखा जाए तो राज्यसभा से शुरू हुई यह टूट अब विधानसभा तक पहुंच सकती है। अगर मजीठिया के दावे सच साबित होते हैं और AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ना शुरू कर देते हैं, तो भगवंत मान सरकार पर संकट गहरा सकता है।
समझने वाली बात है कि पंजाब में राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। आम आदमी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
टिकट बेचकर लाए बाहरी, अब छोड़कर भागे: मजीठिया के आरोप
मजीठिया ने आरोप लगाया कि राज्यसभा की टिकटें बेचकर बाहरी लोगों को लाया गया और अब वे ही पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग समझ चुके हैं कि राज्यसभा की टिकटें कैसे दी गईं और अब जो लोग बाहर से लाए गए थे, वे ही पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।”
यह आरोप कितना सच है, यह तो जांच से पता चलेगा, लेकिन इससे AAP की छवि पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं।
BJP की चुप्पी भी अहम
इस पूरे मामले में BJP की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को पार्टी की सदस्यता दी, लेकिन कोई बयान जारी नहीं किया।
यह चुप्पी भी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। BJP इस मुद्दे को ज्यादा हवा नहीं देना चाहती, क्योंकि इससे AAP को सहानुभूति मिल सकती है।
आम आदमी पर क्या असर?
इस राजनीतिक उथल-पुथल का असर पंजाब के आम आदमी पर भी पड़ेगा। राज्यसभा में AAP की ताकत कमजोर होने से संसद में पंजाब के मुद्दों की आवाज कमजोर पड़ेगी।
अगर विधानसभा में भी अस्थिरता बढ़ी, तो विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। पंजाब को मजबूत सरकार की जरूरत है, न कि राजनीतिक संकट की।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें इन बातों पर टिकी हैं:
- क्या बाकी के 4 सांसद (स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता) भी सामने आएंगे?
- क्या BJP इन सांसदों को कोई पद देगी?
- क्या सच में AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ेंगे?
- क्या फ्लोर टेस्ट होगा?
- क्या भगवंत मान सरकार स्थिर रहेगी?
यह सब सवाल अभी अनुत्तरित हैं। लेकिन एक बात तय है – Raghav Chadha Joins BJP की यह घटना पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ साबित होगी।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। AAP समर्थक इसे गद्दारी और ऑपरेशन लोटस बता रहे हैं। वहीं BJP समर्थकों का कहना है कि नेताओं को AAP की तानाशाही से मुक्ति मिली है।
लेकिन आम पंजाबी की राय यही है कि नेता अपने फायदे के लिए पार्टी बदलते रहते हैं, लेकिन जनता का भला कोई नहीं सोचता।
मुख्य बातें (Key Points)
- Raghav Chadha Joins BJP के साथ कुल 7 AAP राज्यसभा सांसद BJP में शामिल हुए।
- अशोक मित्तल पर 15 अप्रैल को ED छापा हुआ था, 10 दिन बाद उन्होंने BJP जॉइन की।
- संजय सिंह ने इसे “ऑपरेशन लोटस” बताया और मोदी-शाह पर निशाना साधा।
- भगवंत मान ने कहा यह “वॉशिंग मशीन” का खेल है, ED को घर पर छापा मारने की चुनौती दी।
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा “अभी तो ट्रेलर है, फिल्म बाकी है” और फ्लोर टेस्ट की मांग की।
- राघव चड्ढा ने कहा “मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति था”, दलबदल कानून नहीं लगेगा।
- पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव, विधायकों के टूटने की अटकलें तेज।













