Punjab Power Demand Record High पहुंच गई है। हीट वेव (लू) और गेहूं की कटाई के सीजन के तीसरे चरण की शुरुआत के बीच पंजाब में बिजली की शिखर मांग तेजी से बढ़ रही है, जो बुधवार को 16,130 मेगावाट को पार कर गई है। देखा जाए तो यह इस साल की सबसे ऊंची मांग है जो पिछले साल के आंकड़ों के करीब पहुंच गई है।
जून में पहली बार ही हीट वेव की स्थितियों और बढ़ते दिन के तापमान के बीच आज पंजाब में बिजली की मांग बढ़ी है। हालांकि, आने वाले तीन दिनों में बारिश की भविष्यवाणी के साथ, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के लिए कुछ राहत मिल सकती है।
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रिकॉर्ड तोड़ मांग
बुधवार दोपहर को बिजली की मांग 16,130 मेगावाट थी, जिसके कारण सूबे के कुछ हिस्सों में अनधिकारित बिजली कट लगे हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले साल 10 जून को अधिकतम बिजली की मांग 16,192 मेगावाट थी, जिसमें 3,383 लाख यूनिट की सप्लाई थी। यानी इस साल की मांग पिछले साल के बेहद करीब है।
मंगलवार को बिजली की मांग 15,400 मेगावाट थी। दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बिजली की मांग में 2,000 मेगावाट से अधिक का इजाफा हुआ है।
| तिथि | बिजली की मांग (MW) | वृद्धि |
|---|---|---|
| 8 जून 2026 | लगभग 14,000 MW | – |
| 9 जून 2026 | 15,400 MW | +1,400 MW |
| 10 जून 2026 | 16,130 MW | +730 MW |
| 10 जून 2025 (पिछले साल) | 16,192 MW | तुलना के लिए |
कहां से आ रही है बिजली?
बुधवार दोपहर को Punjab Power Demand को पूरा करने के लिए पंजाब का अपना कुल उत्पादन 5,286 मेगावाट से अधिक था। सूबा दिन के समय सस्ती सौर ऊर्जा (Solar Power) खरीद रहा था।
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उत्पादन का विवरण:
- सरकारी सेक्टर के थर्मल यूनिट: 1,336 मेगावाट
- निजी सेक्टर का उत्पादन: 2,783 मेगावाट
- सौर ऊर्जा: 444 मेगावाट
- रणजीत सागर: दो यूनिट चालू
तकनीकी खराबी:
- रोपड़ के दो थर्मल यूनिट बंद
- गोइंदवाल का 1 थर्मल यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद
अगर गौर करें तो आज दोपहर को PSPCL की तरफ से नॉर्दर्न ग्रिड से बिजली लेने का शेड्यूल 10,558 मेगावाट था। यानी पंजाब अपनी जरूरत का लगभग 65% बिजली बाहर से खरीद रहा है।
क्यों बढ़ी मांग?
Punjab Power Demand के तेजी से बढ़ने के पीछे मुख्य कारण हैं:
1. गेहूं की कटाई: जैसे-जैसे गेहूं की कटाई का शेड्यूल अपने अंतिम चरण में दाखिल हुआ है, ट्यूबवेल चलाने के लिए बिजली की मांग बढ़ गई है।
2. हीट वेव (लू): जून में पहली बार हीट वेव की स्थितियों के कारण एयर कंडीशनर और कूलर का इस्तेमाल बढ़ा है।
3. बढ़ता तापमान: दिन का तापमान 40°C से ऊपर जा रहा है।
4. ट्यूबवेल: खेतों में सिंचाई के लिए हजारों ट्यूबवेल चौबीसों घंटे चल रहे हैं।
बारिश से मिलेगी राहत?
PSPCL के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश पड़ने से बिजली की मांग घट जाएगी और इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “मांग पहले ही 16,000 मेगावाट को छू चुकी है और अगर पंजाब में कहीं-कहीं बारिश पड़ती है, तो खेतों में गेहूं के लिए ट्यूबवेल चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह यकीनी बनाएगा कि बिजली की मांग घट जाए।”
समझने वाली बात यह है कि:
- बारिश से ट्यूबवेल बंद होंगे
- तापमान गिरने से AC/कूलर कम चलेंगे
- मांग 3,500 से 4,500 मेगावाट तक घट सकती है
अनधिकृत बिजली कटौती
चिंता का विषय यह है कि मांग बढ़ने से सूबे के कुछ हिस्सों में अनधिकारित बिजली कटौती हो रही है। हालांकि PSPCL के अधिकारियों ने दावा किया कि बिजली की जरूरी मात्रा उपलब्ध थी और “कट सिर्फ जरूरी स्थितियों या तकनीकी खराबी के कारण ही लगाए गए थे।”
लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। कई इलाकों से बिजली कटौती की शिकायतें आ रही हैं। राहत की बात यह है कि सरकार ने निर्देश दिए हैं कि अनावश्यक कटौती न की जाए।
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गैस से बिजली की ओर शिफ्ट
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने कहा, “गैस-आधारित ऊर्जा से बिजली-आधारित ऊर्जा की ओर बदलाव ने सिर्फ एक तनावपूर्ण प्रणाली से दूसरी प्रणाली पर दबाव स्थानांतरित किया है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।”
दिलचस्प बात यह है कि पहले लोग खाना बनाने के लिए गैस (LPG) का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब महंगाई के कारण कई लोग इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग और बढ़ रही है।
पिछले साल से तुलना
| पैरामीटर | 10 जून 2025 | 10 जून 2026 |
|---|---|---|
| अधिकतम मांग | 16,192 MW | 16,130 MW |
| कुल सप्लाई | 3,383 लाख यूनिट | डेटा प्रतीक्षित |
| स्थानीय उत्पादन | लगभग 5,200 MW | 5,286 MW |
| सौर ऊर्जा | लगभग 400 MW | 444 MW |
क्या करे PSPCL?
Punjab Power Demand को पूरा करने के लिए PSPCL को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
1. बंद यूनिट्स की मरम्मत: रोपड़ और गोइंदवाल के बंद यूनिट्स को जल्द चालू करना होगा।
2. अधिक बिजली खरीद: नॉर्दर्न ग्रिड से और अधिक बिजली खरीदनी होगी।
3. सौर ऊर्जा बढ़ाना: दिन के समय सस्ती सौर ऊर्जा की खरीद बढ़ानी होगी।
4. लोड मैनेजमेंट: बेहतर लोड मैनेजमेंट से कटौती कम की जा सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में बिजली की मांग 16,130 मेगावाट पर पहुंची
- यह इस साल का सबसे ऊंचा आंकड़ा है
- पिछले तीन दिनों में 2,000 MW से अधिक की वृद्धि
- हीट वेव और गेहूं कटाई के तीसरे चरण के कारण बढ़ी मांग
- स्थानीय उत्पादन 5,286 MW, बाकी नॉर्दर्न ग्रिड से खरीद
- कुछ हिस्सों में अनधिकारित बिजली कटौती
- बारिश से 3,500-4,500 MW की मांग घट सकती है
- रोपड़ और गोइंदवाल के यूनिट तकनीकी खराबी से बंद












