America Iran War Escalates की खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो एक दिन पहले तक शांति की बात कर रहे थे और इजराइल को इसलिए धमका रहे थे कि उसने ईरान पर हवाई हमला किया था, वही ट्रंप अब ईरान पर हमले के आदेश अपनी सेना को दे रहे हैं।
देखा जाए तो यह पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध की शुरुआत हो सकती है। अमेरिका की सेना ने ईरान के आठ शहरों को निशाना बनाया है और लगभग 20 से ज्यादा ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमला किया। इसके बाद ईरान ने भी पलटवार कर खाड़ी देशों में बने अमेरिका के सैन्य बेसों को तबाह करने का दावा किया है।
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क्यों शुरू हुई जंग?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ईरान पर आरोप लगाया था कि उसने अमेरिका के एक अटैक हेलीकॉप्टर Apache को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मार गिराया है। ट्रंप तभी से बदला लेने की बात कह रहे थे। वहीं ईरान का कहना था कि अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर उसने हमला नहीं किया है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अब तक 38 बार दावा किया था कि ईरान अमेरिका से डील करना चाहता है और जल्दी ही डील हो जाएगी। लेकिन डील की जगह अब जंग शुरू हो गई है।
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अमेरिका के हमले
अमेरिका ने ईरान के आठ शहरों पर एयर स्ट्राइक कर दी:
| शहर/क्षेत्र | हमले का विवरण |
|---|---|
| केशम आइलैंड | छह धमाके सुने गए |
| सिरिक आइलैंड | पानी के दो प्लांट निशाना बनाए गए |
| हॉर्मुज प्रांत | हवाई हमले |
| जस्क | सैन्य ठिकाने निशाना बनाए |
| बुशहर | एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला |
अमेरिकी सेना ने बताया कि उनकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने हॉर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है, “कमांडर इन चीफ के निर्देश पर US सेंट्रल कमांड की फोर्स ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए। यह मिशन ईरान की बिना वजह की आक्रामकता का एक उचित जवाब है।”
ईरान का पलटवार
लेकिन अमेरिका के इस हमले ने पश्चिम एशिया में लागू युद्ध विराम को तोड़ दिया। जिसके बाद ईरान ने भी जोरदार पलटवार किया:
ईरान के हमले:
- बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमले
- जॉर्डन समेत क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर 21 हमले
- जॉर्डन के एक एयरबेस पर F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर नष्ट
- कमांड सेंटर समेत चार अहम ठिकाने नष्ट
- अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का दावा
दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर लंबी दूरी वाली कद्र, इमाद और खैबर शेकन मिसाइलें दागीं। आईआरजीसी (IRGC) की एयरस्पेस फोर्स ने ठोस और लिक्विड फ्यूल वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए कहा, “बुधवार की सुबह तड़के अमेरिकी शासन ने देश के दक्षिणी इलाकों पर क्रूर हमले किए। यह हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। हमने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार के तहत अमेरिकी सैन्य आक्रामकता का जवाब दिया।”
ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने भी चेतावनी दी है, “अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो क्षेत्र में तय किए गए लक्ष्यों पर और ज्यादा व्यापक और कड़े हमले किए जाएंगे।”
अगर गौर करें तो यह सीधी जंग की धमकी है।
खाड़ी देशों को चेतावनी
ईरानी विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को चेताते हुए कहा कि “क्षेत्र के देशों की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अमेरिका और इजराइल को अपने इलाके का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न करने दें।”
समझने वाली बात यह है कि अमेरिका के सैन्य बेस सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और जॉर्डन में हैं। अगर ये देश अमेरिका को अपनी जमीन से हमले करने देंगे, तो ईरान उन्हें भी निशाना बना सकता है।
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इजराइल पर पश्चिमी प्रतिबंध
इस बीच, वेस्ट बैंक में हिंसा फैलाने वाले इजराइली सेटलर्स पर छह पश्चिमी देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, न्यूजीलैंड और नॉर्वे का नाम शामिल है।
इन छह देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, “चरमपंथी सेटलर्स लगातार फिलस्तीनियों पर हमले कर रहे हैं। उनके मानवाधिकारों का खुलेआम हनन हो रहा है। इन हिंसक लोगों को इजराइल सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है।”
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरो ने बताया कि फ्रांस ने वेस्ट बैंक में हिंसा को देखते हुए इजराइली वित्त मंत्री बिजलेल स्मोट्रिच, बसने वाले समूहों के तीन नेताओं और 21 बसने वालों के देश में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव
पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में घातक हमले किए हैं। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल थे।
यह हमले बीते दिन अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हसनखेल इलाके में एक सुरक्षा चौकी पर हुए हमले के बाद हुए हैं। दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
नेपाल में सुदन गुरुंग की वापसी
नेपाल में बालेन शाह की सरकार में सुदन गुरुंग की वापसी हो गई है। उन्होंने दोबारा बतौर गृह मंत्री पदभार संभाल लिया है। पदभार संभालते ही गुरुंग ने 2001 के शाही परिवार केस की फाइल दोबारा खोलने की घोषणा की है, जिसमें राजा वीरेंद्र शाह और उनके पूरे परिवार की जान ले ली गई थी।
चीन में नया डायनासोर
चीन के गांसू प्रांत में एक ऐसे डायनासोर का पता चला है जिसका नाम है जियान चांग माइक्रोरैप्टर। यह करीब 12 करोड़ साल पुराना है। इसके आगे के हाथों और पीछे के पैरों दोनों पर लंबे-लंबे पंख थे। जब यह अपने पंख फैलाता था तो इनकी लंबाई करीब 4 फुट हो जाती थी।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू
- अमेरिका ने ईरान के 8 शहरों पर हवाई हमले किए
- ईरान ने बहरीन, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर 21 हमले किए
- ट्रंप ने Apache हेलीकॉप्टर गिराए जाने का बदला लिया
- इजराइल पर 6 पश्चिमी देशों ने लगाए प्रतिबंध
- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए, 13 की मौत
- नेपाल में सुदन गुरुंग ने 2001 शाही परिवार केस फिर खोला
- चीन में 4 पंखों वाला डायनासोर मिला













