Heat Wave Alert India को लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 अप्रैल 2026 को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप रहेगा। कई जगहों पर पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
देखा जाए तो, बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 44.2°C दर्ज किया गया जो देश में सबसे अधिक था। पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में पारा 40-45°C की रेंज में बना हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत में गर्मी का कहर जारी है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आने वाले दिनों में बादल फटने जैसी स्थिति बन सकती है।
यह IMD की आधिकारिक प्रेस रिलीज है जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा 22 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:25 बजे जारी की गई। आइए विस्तार से समझते हैं कि आपके राज्य में क्या रहेगा मौसम का हाल और किन सावधानियों की जरूरत है।

बीते 24 घंटों का मौसम रिकॉर्ड – क्या रहा हाल
बीते 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा ओडिशा के कुछ हिस्सों में 7-11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई।
इटानगर में 10 सेमी, असम के माजुली में 11 सेमी और ओडिशा के कोरापुट में 11 सेमी बारिश हुई। यह काफी भारी वर्षा मानी जाती है।
आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का दौर भी जारी रहा। असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
शिलांग में सबसे तेज 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। धुबरी में 76 किमी/घंटा और बोमडिला में 54 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की गई।
ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आईं। असम, मेघालय, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में ओले गिरने की रिपोर्ट मिली।
हरियाणा में गर्म रात की स्थिति दर्ज की गई जहां रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
तापमान का हाल – कहां कितनी गर्मी
समझने वाली बात यह है कि देश के बड़े हिस्से में तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
40-45°C की रेंज में तापमान:
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, ओडिशा, विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों और पश्चिम राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु के अलग-अलग स्थानों पर अधिकतम तापमान 40-45°C के बीच दर्ज किया गया।
देश का सबसे गर्म स्थान:
उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2°C तापमान दर्ज किया गया जो बीते 24 घंटों में देश में सबसे अधिक था।
सामान्य से अधिक तापमान:
हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर तापमान सामान्य से 5°C से अधिक रहा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, बिहार और कोंकण-गोआ के कुछ हिस्सों में भी सामान्य से काफी अधिक तापमान दर्ज हुआ।
हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तापमान सामान्य से 1.6-3.0°C अधिक रहा।
न्यूनतम तापमान:
रात का तापमान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में 13-19°C के बीच रहा। देश के मैदानी इलाकों में 20-26°C के बीच रहा।
राजस्थान के भीलवाड़ा में सबसे कम 16°C न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
Heat Wave Alert – किन राज्यों में लू की चेतावनी
Heat Wave Alert India के तहत मौसम विभाग ने निम्नलिखित राज्यों के लिए लू की चेतावनी जारी की है:
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 24 और 25 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश: 23 और 25 अप्रैल को लू की स्थिति रहेगी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश: 22 से 26 अप्रैल तक लगातार लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। यह सबसे लंबी अवधि है।
राजस्थान: 24 से 26 अप्रैल तक लू का प्रकोप रहेगा।
मध्य प्रदेश: 23 से 26 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है।
विदर्भ और छत्तीसगढ़: 24 से 27 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रहेगी।
गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड: 22 और 23 अप्रैल को लू चल सकती है।
चिंता का विषय यह है कि ये सभी क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं जहां लाखों लोग बाहर काम करते हैं। लू से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
गर्म और उमस भरा मौसम – Hot & Humid Alert
लू के अलावा कुछ तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी भी जारी की गई है।
ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश: 22 से 26 अप्रैल तक गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। यह संयोजन बेहद असहज होता है।
गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल: 22 से 25 अप्रैल तक उमस बनी रहेगी।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल: 22 से 24 अप्रैल तक Hot & Humid conditions रहेंगी।
तटीय कर्नाटक: 22 और 23 अप्रैल को।
गुजरात के तटीय क्षेत्र: 24 और 25 अप्रैल को।
उमस के साथ गर्मी और भी खतरनाक हो जाती है क्योंकि शरीर का पसीना सूख नहीं पाता और शरीर ठंडा नहीं हो पाता।
Warm Night Conditions – गर्म रातें
हैरान करने वाली बात यह है कि कुछ जगहों पर रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहेंगी।
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली: 22 से 25 अप्रैल तक गर्म रातों की स्थिति रहेगी। यानी रात में भी आराम नहीं मिलेगा।
ओडिशा: 24 से 26 अप्रैल तक।
कोंकण और गोवा: 23 से 25 अप्रैल तक।
गर्म रातें स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से खतरनाक होती हैं क्योंकि शरीर को दिन की गर्मी से रिकवर होने का मौका नहीं मिलता।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
जहां देश का एक बड़ा हिस्सा गर्मी से तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में बिल्कुल विपरीत स्थिति है।
अरुणाचल प्रदेश:
22 और 24 अप्रैल को भारी बारिश होगी। लेकिन असली चिंता 25 से 28 अप्रैल के बीच है जब अत्यधिक भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
अत्यधिक भारी वर्षा का मतलब है 115.6 से 204.4 मिमी से अधिक बारिश। यह बादल फटने जैसी स्थिति हो सकती है।
असम और मेघालय:
22 और 25 अप्रैल को भारी बारिश। 26 से 28 अप्रैल तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी।
26 अप्रैल को असम और मेघालय में तूफानी हवाएं (Thundersquall) भी चलेंगी जिनकी रफ्तार 50-60 किमी/घंटा से लेकर 70 किमी/घंटा तक हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
25 और 26 अप्रैल को भारी बारिश होगी।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
25 और 26 अप्रैल को भारी बारिश। 25 अप्रैल को तूफानी हवाएं भी चलेंगी।
दिल्ली-NCR का मौसम पूर्वानुमान – 22 से 25 अप्रैल
दिल्ली और NCR के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।
22 अप्रैल 2026 (आज):
मुख्य रूप से साफ आकाश रहेगा। दिन में तेज हवाएं 15-25 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी। अधिकतम तापमान 39-41°C के बीच रहेगा। यह सामान्य से 3.1-5.0°C अधिक होगा।
23 अप्रैल:
मुख्य रूप से साफ आकाश। अधिकतम तापमान 40-42°C और न्यूनतम 23-25°C रहेगा। तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा।
24 अप्रैल:
मुख्य रूप से साफ आकाश। हीटवेव की स्थिति अलग-अलग स्थानों पर बनेगी। अधिकतम तापमान 42-44°C तक पहुंच सकता है। यह गर्मी का चरम दिन होगा।
25 अप्रैल:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। फिर भी हीटवेव जारी रहेगी। अधिकतम तापमान 42-44°C और न्यूनतम 24-26°C रहेगा।
देखा जाए तो, दिल्ली में अगले 3-4 दिन बेहद कठिन रहने वाले हैं। 24 और 25 अप्रैल सबसे गर्म दिन होंगे।
ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं की चेतावनी
कुछ राज्यों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।
असम और मेघालय: 22 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक: 22 और 23 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना।
मध्य महाराष्ट्र: 22 से 24 अप्रैल तक ओले गिर सकते हैं।
मराठवाड़ा: 22 अप्रैल को।
तूफानी हवाएं (Thundersquall):
असम और मेघालय में 26 अप्रैल को 50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 अप्रैल को। बिहार में 24 से 26 अप्रैल तक। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 26 और 27 अप्रैल को।
अन्य क्षेत्रों में मौसम की स्थिति
उत्तर-पश्चिम भारत:
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 24 और 25 अप्रैल को हल्की बारिश/बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 25 से 28 अप्रैल तक। उत्तराखंड में 25 और 26 अप्रैल को। पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 26 से 28 अप्रैल तक।
पूर्वी भारत:
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 से 28 अप्रैल तक छिटपुट बारिश। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 24 से 28 अप्रैल तक। झारखंड में 24 से 26 अप्रैल तक। ओडिशा में 22 से 26 अप्रैल तक।
दक्षिण भारत:
केरल, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और आंतरिक कर्नाटक में 22 से 26 अप्रैल तक छिटपुट बारिश। तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 25 अप्रैल तक। तमिलनाडु में 22 से 24 अप्रैल तक। रायलसीमा में 22 और 23 अप्रैल को।
पश्चिम भारत:
कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में 22 से 25 अप्रैल तक छिटपुट बारिश।
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत:
26 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। 27 और 28 अप्रैल को 2-3°C की गिरावट आएगी।
मध्य भारत:
26 अप्रैल तक 2-4°C की वृद्धि। 27 और 28 अप्रैल को कोई खास बदलाव नहीं।
पूर्वी भारत:
25 अप्रैल तक कोई खास बदलाव नहीं। 26 से 28 अप्रैल के दौरान 2-3°C की गिरावट।
महाराष्ट्र:
25 अप्रैल तक 2-3°C की वृद्धि। इसके बाद कोई बदलाव नहीं।
गुजरात:
23 अप्रैल तक कोई बदलाव नहीं। 24 से 27 अप्रैल तक 2-3°C की वृद्धि।
पूर्वोत्तर भारत:
23 अप्रैल तक 2-4°C की वृद्धि। इसके बाद कोई बदलाव नहीं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियां
Heat Wave Alert India के दौरान स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
खतरे:
- लंबे समय तक धूप में रहने या भारी काम करने वालों में हीट स्ट्रोक का खतरा
- शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चिंता
- डिहाइड्रेशन का खतरा
- हीट क्रैम्प्स और हीट एग्जॉशन
बचाव के उपाय:
- गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडे रहें
- डिहाइड्रेशन से बचें
- प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं
- ORS, घर में बना पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें
- सिर ढककर रखें
भारी बारिश के दौरान सावधानियां
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के दौरान:
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़
- निचले इलाकों में जलभराव
- अंडरपास बंद हो सकते हैं
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- बड़े शहरों में जलभराव से ट्रैफिक जाम
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी खिसकने की संभावना
- बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
सावधानियां:
- निकलने से पहले अपने रूट पर ट्रैफिक जाम की जांच करें
- ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में न रहें
- आवश्यक सामान घर में रखें
ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं से बचाव
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की टूटी शाखाएं
- बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान
- केले और पपीते के पेड़ों को बड़ा नुकसान
- बिजली और संचार लाइनों को नुकसान
- तेज हवा/ओले से बागान और खड़ी फसलों को नुकसान
- खुले स्थानों पर लोगों और पशुओं को चोट
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान
- कच्चे घरों/दीवारों और झोपड़ियों को नुकसान
- ढीली वस्तुएं उड़ सकती हैं
सुरक्षा उपाय:
- मौसम की स्थिति पर नजर रखें
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें
- यात्रा से बचें
- सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और दीवारों से न टिकें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें
- पानी से तुरंत बाहर आएं
- बिजली संचालित वस्तुओं से दूर रहें
किसानों के लिए कृषि सलाह
ओलावृष्टि के लिए:
असम, मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में फलों के बागों और सब्जी के पौधों को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल (Hail Nets) या ओला कैप का उपयोग करें। जलभराव से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें। पके फलों की जल्द से जल्द तुड़ाई करें।
भारी बारिश के लिए:
अरुणाचल प्रदेश में पत्तागोभी, मटर, सरसों, धान और आलू की कटाई करें और उपज को सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में उचित जल निकासी चैनल सुनिश्चित करें।
असम और मेघालय में फसल के खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी निकालने की व्यवस्था करें।
उच्च तापमान/लू के लिए:
महाराष्ट्र में हरी मूंग, सब्जियों, नए लगाए गए सुपारी और नारियल में सिंचाई करें। विदर्भ में गर्मी की फसलों में ठंडे घंटों के दौरान हल्की और बार-बार सिंचाई करें।
गुजरात में ग्वार, खीरा, तोरई, लौकी, करेला आदि में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करें।
ओडिशा में बोरो धान, गर्मी मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी के खेतों में हल्की सिंचाई दें।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में खड़ी फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई दें।
फसल अवशेष, भूसा या पॉलिथीन से मल्चिंग करें ताकि मिट्टी की नमी का नुकसान कम हो।
पशुपालन और मुर्गी पालन के लिए सलाह
भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें। चारा और चारा को सुरक्षित जगह पर रखें।
तालाबों के आसपास उचित जाली के साथ आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके और मछलियां बच सकें।
उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में पशुओं के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराएं। मुर्गीपालन शेड की छतों को घास से ढकें ताकि प्रतिकूल प्रभाव कम हो।
मौसम तंत्र और कारण
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान मौसम स्थिति के पीछे कई मौसम तंत्र जिम्मेदार हैं:
एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में देशांतर 52°E के साथ अक्षांश 32°N के उत्तर में स्थित है।
मराठवाड़ा से कोमोरिन क्षेत्र तक आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु से होते हुए निचले क्षोभमंडलीय स्तर में एक गर्त/हवा विच्छेद चल रहा है।
उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तर में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है।
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के पाकिस्तान में निचले क्षोभमंडलीय स्तर में एक चक्रवाती परिसंचरण है।
उत्तर तमिलनाडु में निचले क्षोभमंडलीय स्तर में एक चक्रवाती परिसंचरण है।
आंतरिक महाराष्ट्र और आसपास के तेलंगाना तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी के बीच एक प्रतिचक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
आने वाले दिनों की रणनीति
देखा जाए तो अगले 4-5 दिन देश के लिए मिश्रित रहने वाले हैं। जहां उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का कहर रहेगा, वहीं पूर्वोत्तर में बारिश की बाढ़ आ सकती है।
तुरंत करें:
- अपने क्षेत्र की मौसम चेतावनी देखें
- आवश्यक सामान जैसे पानी, ORS, छाता, टोपी आदि तैयार रखें
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
- पालतू जानवरों और पशुओं की देखभाल करें
- आपातकालीन नंबर सुरक्षित रखें
24 और 25 अप्रैल विशेष सावधानी:
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग 24 और 25 अप्रैल को विशेष सावधानी बरतें। ये दिन सबसे गर्म रहने वाले हैं।
26-28 अप्रैल पूर्वोत्तर अलर्ट:
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के लोग 26 से 28 अप्रैल के लिए तैयार रहें। बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• IMD ने Heat Wave Alert India जारी किया, अगले 4-5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लू चलेगी
• पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे लंबी अवधि की चेतावनी – 22 से 26 अप्रैल तक लगातार लू, बांदा में 44.2°C दर्ज
• दिल्ली-NCR में 24 और 25 अप्रैल को हीटवेव, तापमान 42-44°C तक पहुंचेगा, गर्म रातों की भी चेतावनी
• अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में 26-28 अप्रैल को अत्यधिक भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) की चेतावनी
• असम और मेघालय में 26 अप्रैल को 70 किमी/घंटा तक तूफानी हवाएं, शिलांग में 85 किमी/घंटा हवा दर्ज
• 10 राज्यों में लू – पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, UP, राजस्थान, MP, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड
• तटीय क्षेत्रों में Hot & Humid conditions – ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल में उमस भरा मौसम












