Punjab RC Driving Licence Backlog को लेकर पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के वित्त, परिवहन, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में मंगलवार को परिवहन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी करने में हो रही देरी और लंबित आवेदनों के समयबद्ध निपटारे पर गंभीरता से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
परिवहन सचिव से लेकर RTO तक, सभी वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
Punjab RC Driving Licence Backlog को लेकर हुई इस अहम बैठक में परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है। बैठक में परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल के अलावा सचिव RTA, RTO और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
परिवहन मंत्री चीमा ने बताया कि सार्वजनिक सेवाओं को सुचारू बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की व्यापक समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस आर.सी. और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से जुड़ी उन समस्याओं पर था, जिनसे पंजाब के आम नागरिक लंबे समय से परेशान हैं।
लंबित आवेदनों का सख्त संज्ञान, जल्द निपटारे के आदेश
Punjab RC Driving Licence Backlog से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या यह है कि सत्यापन और अनुमोदन के स्तर पर हजारों आवेदन लंबे समय से अटके हुए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस स्थिति का सख्त संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन सभी लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार समयबद्ध सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। जो भी मामले निर्धारित समय सीमा से अधिक देरी वाले हैं, उन सभी की बारीकी से निगरानी की जाएगी। यह बात उन लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है जो अपनी गाड़ी की RC या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए हफ्तों और महीनों से इंतजार कर रहे हैं।
देरी के कारणों का डेटा होगा इकट्ठा, जवाबदेही तय होगी
Punjab RC Driving Licence Backlog को खत्म करने के लिए सरकार ने सिर्फ आदेश देने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि एक ठोस रणनीति भी अपनाई है। वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि जवाबदेही सुनिश्चित करने और प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विभाग द्वारा लंबित आवेदनों के साथ-साथ देरी के कारणों का विस्तृत डेटा भी एकत्र किया जा रहा है।
इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी अधिकारी बिना वजह फाइलों को लटकाकर नहीं रख सकेगा। जब हर देरी का कारण दर्ज होगा, तो यह साफ हो जाएगा कि कहां और किस स्तर पर लापरवाही हो रही है। यह कदम पंजाब के परिवहन विभाग में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।
फेसलेस ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर
Punjab RC Driving Licence Backlog को दूर करने में डिजिटल सेवाओं की भूमिका पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। परिवहन मंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस पर जोर देते हुए कहा कि फेसलेस और संपर्क रहित माध्यम से दी जा रही ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं की गहन समीक्षा की गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फेसलेस सेवाओं की श्रेणी में जो भी आवेदन लंबित हैं, उनका समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। फेसलेस सेवा का मतलब है कि नागरिक को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती और ऑनलाइन ही सारी प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अगर यह सिस्टम सही ढंग से काम करने लगे, तो आम लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
केंद्रीकृत प्रिंटिंग शाखा का बैकलॉग खत्म करना सबसे बड़ी प्राथमिकता
Punjab RC Driving Licence Backlog की एक बड़ी वजह केंद्रीकृत प्रिंटिंग शाखा में छपाई का भारी बैकलॉग है। कई बार ऐसा होता है कि आवेदन स्वीकृत हो जाता है, लेकिन RC या लाइसेंस की प्रिंटिंग में महीनों लग जाते हैं। वित्त मंत्री चीमा ने इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
नागरिकों को हो रही इस परेशानी को सरकार गंभीरता से ले रही है। जब कोई व्यक्ति नई गाड़ी खरीदता है या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करता है, तो उसे समय पर दस्तावेज मिलना उसका अधिकार है। प्रिंटिंग बैकलॉग खत्म होने से सड़क पर बिना RC के चलने वाले वाहनों की समस्या भी कम होगी।
हाईवे ट्रैफिक कैमरों की तैनाती और सड़क सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
बैठक में सिर्फ Punjab RC Driving Licence Backlog ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और परिवहन संचालन जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से बात हुई। वित्त मंत्री ने बताया कि पूरे पंजाब में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाईवे ट्रैफिक कैमरों की तैनाती और निगरानी पर गंभीर चर्चा हुई।
इसके अलावा, परिवहन नेटवर्क की कुशलता, भरोसेयोग्यता और पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए समय-सारिणी की समीक्षा की गई। शेष रूटों को ध्यान में रखते हुए परिवहन सेवाओं को अधिक कुशल, विश्वसनीय और सुलभ बनाने पर भी काम किया जा रहा है। इससे पंजाब में सार्वजनिक परिवहन का ढांचा और मजबूत होगा।
आम नागरिकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
पंजाब में हर रोज हजारों लोग नई गाड़ी खरीदते हैं, पुरानी गाड़ी का ट्रांसफर कराते हैं या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हैं। जब RC और DL समय पर नहीं मिलते, तो लोगों को न सिर्फ कानूनी परेशानी होती है, बल्कि चालान कटने और अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर लगाने जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं। सरकार का यह कदम सीधे तौर पर लाखों वाहन मालिकों और लाइसेंस आवेदकों को राहत देगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने Punjab RC Driving Licence Backlog खत्म करने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
- सत्यापन और अनुमोदन स्तर पर लंबित सभी आवेदनों के जल्द निपटारे और देरी के कारणों का डेटा इकट्ठा करने के आदेश दिए गए।
- फेसलेस DL सेवाओं को मजबूत करने और केंद्रीकृत प्रिंटिंग शाखा का बैकलॉग प्राथमिकता पर खत्म करने के निर्देश जारी हुए।
- हाईवे ट्रैफिक कैमरों की तैनाती और परिवहन सेवाओं को अधिक कुशल व सुलभ बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।













