Delhi Old Vehicle Policy : दिल्ली में पुराने वाहनों के खिलाफ एक बार फिर सख्ती शुरू हो गई है। परिवहन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को सार्वजनिक स्थानों पर चलाने या पार्क करने पर बिना किसी सूचना के जब्त कर स्क्रैप कर दिया जाएगा। विभाग ने वाहन मालिकों को 15 दिन का समय दिया है कि वे या तो एनओसी लेकर अपने वाहन दूसरे राज्यों में पंजीकृत कराएं या फिर उन्हें स्क्रैप करवा दें।
यह अभियान खासतौर पर बीएस-3 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर केंद्रित है। पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब 7 महीने बाद परिवहन विभाग ने फिर से सक्रिय होकर नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है नियम और कितने वाहन हुए स्क्रैप?
दिल्ली सरकार के नियमों के मुताबिक, 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन दिल्ली की सड़कों पर नहीं चल सकते। परिवहन विभाग ने बताया कि 2018 से अब तक 8 लाख से अधिक वाहनों को एनओसी के जरिए दूसरे राज्यों में पंजीकृत किया जा चुका है। वहीं, करीब 80 प्रतिशत वाहनों को स्क्रैप कर दिया गया है। पिछले 8 वर्षों में परिवहन विभाग ने कुल 61 लाख पुराने वाहनों का पंजीकरण रद्द किया है।
BS3 और BS4 वाहनों का भ्रम दूर करें
पूर्व उपायुक्त और परिवहन विशेषज्ञ अनिल शिकारा ने बताया कि इस अभियान में लोगों को BS3 और BS4 वाहनों को लेकर भ्रम है। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2010 से पहले के वाहन BS3 श्रेणी में आते हैं और 1 अप्रैल 2010 से 1 अप्रैल 2020 तक के वाहन BS4 श्रेणी में आते हैं। इस बार की कार्रवाई से वाहन मालिकों को अंतिम चेतावनी मिल गई है।
क्या है आगे की राह?
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उम्र पूरी कर चुके वाहनों को फिटनेस के आधार पर चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अब विभाग ने फिर से कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने साफ किया है कि दिल्ली क्षेत्र के भीतर ऐसे वाहनों को बिना किसी और सूचना के जब्त किया जाएगा और स्क्रैप कर दिया जाएगा। वाहन मालिक चाहें तो एनओसी लेकर अपने वाहन दूसरे राज्यों में पंजीकृत करा सकते हैं, अन्यथा उन्हें स्क्रैप करवाना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर बैन।
बिना नोटिस जब्त कर स्क्रैप किए जाएंगे वाहन, 15 दिन में करें इंतजाम।
8 लाख से अधिक वाहन एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में शिफ्ट, 61 लाख का पंजीकरण रद्द।
BS3 और उससे नीचे के वाहनों पर खास फोकस, BS4 वालों को भी राहत नहीं।








