LIVE | ...
शनिवार, 13 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - World Hottest Cities: दुनिया के 50 गर्म शहरों में सबसे ज्यादा UP के

World Hottest Cities: दुनिया के 50 गर्म शहरों में सबसे ज्यादा UP के

तापमान 43-44 डिग्री पार, नागपुर टॉप पर लेकिन यूपी के 25+ शहर लिस्ट में, क्या है इस भीषण गर्मी का कारण और कैसे बचें

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शनिवार, 23 मई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, उत्तर प्रदेश
A A
0
World Hottest Cities
106
SHARES
709
VIEWS
ShareShareShareShareShare

World Hottest Cities 2026: आज हम बात करने वाले हैं दुनिया के सबसे ज्यादा गर्म शहरों की। हालांकि देखने वाली बात यह है कि दुनिया के सबसे ज्यादा गर्म शहर सारे भारत में ही हैं। और बस यहीं से शुरू होती है चिंता की कहानी। ऐसा लग रहा है जैसे भगवान की सीधी नजर भारत की तरफ पड़ रही है और भारत को सबसे ज्यादा इस समय उबाला जा रहा है, जो कि आप भी महसूस कर रहे होंगे।

बट ये सब चीजें क्यों हो रही हैं? क्या है इसके पीछे का पूरा फैक्ट? वो हर एक बात हम आज विस्तार से समझेंगे।

दुनिया के 50 सबसे गर्म शहर: ज्यादातर UP के

देखिए, फिलहाल एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें बताया गया है कि दुनिया के सबसे ज्यादा गर्म 50 शहर कौन से हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से लगभग सारे शहर भारत के हैं और सबसे बड़ी लिस्ट उत्तर प्रदेश की है।

तो कौन-कौन से शहर हैं? आपका अपना शहर है तो कमेंट करके जरूर बताइएगा। आइए जानते हैं:

टॉप 50 हॉटेस्ट सिटीज की लिस्ट:

रैंकशहरराज्यतापमान (लगभग)
1नागपुरमहाराष्ट्र44°C+
2रायपुरछत्तीसगढ़43-44°C
3चंद्रपुरमहाराष्ट्र43-44°C
4-30मुरादाबाद, अकबरपुर, सिद्धार्थ नगर, इटावा, बदायूं, बांदा, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, प्रयागराज, सीतापुर, गाजीपुर, मथुरा, आगरा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, एटा, बिजनौर, औरैया, जौनपुर, अलीगढ़, संभल, आजमगढ़, वाराणसी, पीलीभीत, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर, बहराइच, शामली, अमरोहाउत्तर प्रदेश43-44°C
–रुद्रपुरउत्तराखंड42-43°C
–भरतपुर, श्रीगंगानगरराजस्थान42-43°C
–भिलाई, दुर्ग, महासमुंदछत्तीसगढ़42-43°C
–ग्वालियर, बुरहानपुरमध्य प्रदेश42-43°C
–सिवानबिहार42-43°C
–जींद, करनाल, पानीपतहरियाणा41-42°C
–खम्मम, सूर्यपेटतेलंगाना41-42°C
–धनबादझारखंड41-42°C
–खारतूमसूडान42-43°C

समझने वाली बात यह है कि मोस्ट ऑफ द सिटीज जो शामिल हैं, वो उत्तर प्रदेश की हैं। और बाकी तो टॉप 50 वर्ल्ड के सबसे हॉटेस्ट सिटी इंडिया में ही हैं। यह बड़ी चिंता की स्थिति है।

कितनी गर्मी पड़ रही है UP में?

फिलहाल मुरादाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, बरेली, सीतापुर, गाजीपुर, मथुरा जैसे शहरों में तापमान 43 से 44 डिग्री देखने को मिल रहा है।

अगर गौर करें तो अब यह बात केवल और केवल लू तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जो गर्म हवाएं हैं, जो बढ़ता तापमान है, वो भारत में पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और बुंदेलखंड सभी क्षेत्रों तक व्यापक तौर पर फैलता जा रहा है।

सबसे बड़ी दिक्कत: रात में भी गर्मी

एक बड़ी दिक्कत यह है कि इस समय शाम के समय भी तापमान कम नहीं हो रहा है। शाम होने के बावजूद अभी भी एक हैवी-हैवी तापमान बना हुआ है, जो कि चिंता वाली स्थिति है।

पहले जो स्थिति थी, हम यह देखते थे कि दिन के समय हमारी जो पृथ्वी थी, वो सूर्य ताप को अवशोषित किया करती थी और शाम के समय रिलीज किया करती थी। लेकिन अब अगर आप शाम को 6:00 बजे, 6:30 बजे भी बाहर निकलते हैं, तो भी आपको अच्छी खासी हीट महसूस होती है।

शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect)

यह इस समय चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि इसे कहा जाता है शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect)। यानी कि जेनरली हीट आ तो रही है, लेकिन जिस तरह से वापस जानी चाहिए, उस रूप में वापस नहीं जा रही है।

उत्तर प्रदेश में इतनी ज्यादा गर्मी क्यों?

अब उत्तर प्रदेश में क्यों है इतना ज्यादा दिक्कत वाला हाल, वो समझने वाली चीज है। आइए समझते हैं कारणों को:

1. भौगोलिक स्थिति (Geographical Location)

उत्तर प्रदेश की ज्योग्राफिकल लोकेशन यहां सबसे बड़ा इंपॉर्टेंट फैक्टर है। देखिए, सबसे पहले इंपॉर्टेंट है इसकी ज्योग्राफिकल सिचुएशन। यह जिस जगह पर मौजूद है, वो है इंडो-गंगा मैदान (Indo-Gangetic Plains)।

तो अब इस दौरान क्या है कि यह जिस तरह का मैदान है, यह मैदान पूरा समतल भूमि है। अब इस समतल भूमि की स्थिति में न तो कोई अवरोध है, न ही कोई प्रावधान है। अब ऐसे में चाहे बंगाल की खाड़ी से या फिर अरब सागर से, यानी कि राजस्थान या मध्य भारत, किसी भी हिस्से से जो गर्म हवाएं इस समय चल रही हैं भारत में, अगर वो उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं, तो बिना रोक-टोक एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचेंगी।

यह भी पढे़ं 👇

Mailing Children History

Mailing Children History: जब डाक से भेजे जाते थे जीवित बच्चे

शनिवार, 13 जून 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

शनिवार, 13 जून 2026
Southwest Monsoon

IMD Weather Alert: Southwest Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, Delhi में 80 kmph आंधी का अलर्ट, 10 राज्यों में Heavy Rain

शनिवार, 13 जून 2026
Breaking News Live Updates 13 June 2026

Breaking News Live Updates 13 June 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

शनिवार, 13 जून 2026

यानी कि अवरोध का न होना उत्तर प्रदेश की गर्मी के लिए एक बड़ा कारण है।

2. बादलों और नमी का अभाव

देखिए, अभी फिलहाल शुष्क मौसम चल रहा है। मानसून आने वाला है और इससे पहले वैसे तो खैर नमी आना शुरू हो जाती है, बट अभी तक नमी नहीं आई है।

हर तरफ आपको जो हवा भी लग रही होगी, जो गर्मी भी लग रही होगी, यह सूखी गर्मी है। अभी गीली गर्मी बाद में आएगी जब बारिश आने लगेगी। अभी सूखी गर्मी की वजह से परेशानी सब जगह यही है कि आर्द्रता और बादल दोनों ही जगह कम देखने को मिल रहे हैं।

नमी युक्त हवाओं की स्थिति अभी भारत में नहीं है। तो इसीलिए जो शुष्क हवाएं हैं, वो सब जगह से नमी निकाल रही हैं और ज्यादा आपको परेशानियां हो रही हैं।

3. शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect)

अब शहरी ऊष्मा प्रभाव का आपको हर जगह देखने को मिलेगा। इस दौरान होता क्या है कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के दौरान जब कभी बीच में कोई शहर होता है, तो वो शहर विशेष हो जाता है।

उस शहर की कंक्रीट की संरचनाएं हैं, डामर वाली सड़कें हैं, शहरीकरण है, मजबूत ऊंची-ऊंची दीवारें हैं। तो इस वजह से होता यह है कि जब वो हिस्सा तापमान को ऑब्जर्व कर रहा होता है, ऊष्मा को ऑब्जर्व कर रहा होता है, तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्र तो थोड़ा जल्दी ठंडे हो जाते हैं।

लेकिन कंक्रीट की संरचनाओं की वजह से वहां पर ऊष्मा लंबे समय तक फंसती है और उस हिस्से को ज्यादा गर्म रखती है। तो यह भी एक दिक्कत वाली बात है।

आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली जैसे जो बड़े-बड़े शहर हैं, वो कंक्रीट, डामर और घनी शहरी संरचनाओं की वजह से ही लंबा और इस समय अधिक तापमान फेस कर रहे हैं।

4. शुष्क मृदा (Dry Soil)

शुष्क मृदा एक बड़ी समस्या है क्योंकि बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मिट्टी इस समय शुष्क हो रही है। और इसकी वजह से वनस्पति का आवरण भी लगातार घटता हुआ दिख रहा है।

5. आंतरिक ताप क्षेत्र

एक और बड़ी परेशानी है, वो है आंतरिक ताप क्षेत्र। दरअसल, अत्यधिक गर्मी की घटनाएं हो रही हैं, जो कि बड़ी समस्या है।

यानी कि जो भी हो रहा है, वो ज्यादा हो रहा है और आपको पहले की तुलना में ज्यादा डेंस चीजें देखने को मिलेंगी। गर्मी पहले से ज्यादा और अवधि पहले से लंबी, तीव्रता पहले से ज्यादा और व्यापकता पहले से ज्यादा। हर एक चीज पहले के मुकाबले ज्यादा है।

6. जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

इस पूरे सिचुएशन का मतलब क्या है? जो गर्मी की स्थिति पहले थी, वो अब नहीं रही है और अब गर्मी पहले के मुकाबले ज्यादा सक्रिय है और आपको ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।

तो इस सब के पीछे का अगर हम एक वर्ड यूज करें सिचुएशन को डिनोट करने के लिए, तो वो है जलवायु परिवर्तन (Climate Change)। इस पूरे फैक्ट के पीछे रिस्पॉन्सिबल है जलवायु परिवर्तन।

जिस तरह से लगातार कार्बन का उत्सर्जन हो रहा है, हम लोग लगातार जो जीवाश्म ईंधनों का दोहन कर रहे हैं, यह अब हम लोगों को परिणाम दिखा रहा है और बता रहा है कि देखो कितनी नुकसानदायक चीजें हैं। और बढ़ता हुआ तापमान उसका पूरा सूचक है।

स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव

अब फिलहाल जलवायु परिवर्तन ही है क्योंकि अब आपको लंबे समय तक लू देखने को मिल रही है। रात के समय पहले मौसम अच्छा हो जाया करता था, लेकिन अब नहीं है क्योंकि रात के समय आपको अब इस दौरान बहुत गर्म रातें महसूस करने को मिलेंगी।

स्वास्थ्य संकट:

  • हीट स्ट्रोक (Heat Stroke): बहुत सारे लोग जो अपने खाने-पीने का ध्यान नहीं रख रहे हैं, पानी नहीं पी रहे, ड्रिंक्स नहीं ले रहे हैं, उन लोगों को हीट स्ट्रोक आ रहे हैं और गर्मियों में हीट स्ट्रोक की वजह से बहुत लोगों की जान जाती है।
  • निर्जलीकरण (Dehydration): अगर आपकी बॉडी निर्जलीकरण की स्थिति में आ जाती है, डिहाइड्रेट हो जाती है, तो समझिए समय से पानी पीते रहना भी आवश्यक है।
  • हृदय संबंधी समस्याएं: हार्ट रिलेटेड इश्यूज भी हो सकते हैं और सबसे ज्यादा इश्यू जो है, वो बच्चों और वृद्धों को हो रहा है यहां पर क्योंकि उनके लिए सिचुएशन ठीक नहीं है।

इसीलिए कहा जाता है कि इन दिनों में बाहर समझ-समझकर निकलना है। धूप में बाहर नहीं निकलना है। हीट एक्शन प्लान बनाते हैं सब अलग-अलग स्टेट्स।

जल संकट और कृषि को नुकसान

इस पूरी सिचुएशन के दौरान पानी की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से जल संकट उत्पन्न हो जाता है और भूजल पर भी इस समय बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा होता है।

साथ ही साथ कृषि को भी नुकसान होता है क्योंकि मिट्टी की स्थिति शुष्क हो जाती है, तापमान ज्यादा होता है, जिससे कि प्रोडक्टिविटी गिरती है और मिट्टी अपनी नमी को कम कर रही होती है। तो इस सिचुएशन में हर तरफ से नुकसान ही है।

लू (Heat Wave) किसे कहते हैं?

अब हमें यह भी समझना है कि लू होती क्या है। इन सभी चीजों में आपको एक नाम बार-बार सुनने को मिलेगा कि बाहर लू चल रही है। बट लू किसे कहा जाता है?

लू को अंग्रेजी में Heat Wave कहते हैं। फिलहाल लू का मामला यह है कि जब कभी भी तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है और हवा शुष्क चल रही होती है, तो इसको हम लोग लू से जोड़ देते हैं।

अब लेकिन इस दौरान किसी एक पर्टिकुलर क्षेत्र का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा आपको देखने को मिलेगा और इसका मानव स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण पर नुकसानदायक प्रभाव पड़ेगा।

Heat Wave की परिभाषा:

क्षेत्रतापमान सीमा
मैदानी क्षेत्र40°C या उससे अधिक
तटीय क्षेत्र37°C या उससे अधिक
पर्वतीय क्षेत्र30°C या उससे अधिक

तो मैदानी, तटीय और पर्वतीय तीनों जगह पर यह स्थिति अलग-अलग है।

कैसे बचें इस भीषण गर्मी से?

और बड़ी चीज यह है कि जितना हो सकता है, उतना लिक्विड लेते रहें और इन सभी चीजों के अलावा यह भी ध्यान रखना है कि खुद को कवर करके रखिए, बचाकर रखिए। सबसे जरूरी चीज है यह। सेफ रहेंगे तो सब अच्छा रहेगा।

बचाव के उपाय:

  1. खूब पानी पिएं, लिक्विड चीजें लें
  2. दोपहर में बाहर जाने से बचें (12-4 बजे के बीच)
  3. हल्के रंग के कपड़े पहनें
  4. सिर ढककर रखें
  5. ठंडे पानी से नहाएं
  6. Air conditioner या कूलर का इस्तेमाल करें

लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी मजबूरी है बाहर जाना। उनका काम नहीं चलेगा। जैसे कि दिहाड़ी मजदूरों का बाहर जाना मैंडेटरी है क्योंकि काम है और काम सारा खुले में होता है। किसानों को भी अपना सारा काम खुले में करना पड़ता है। निर्माण श्रमिक भी इस दौरान खुले में काम करते हैं। इसके अलावा और भी बहुत सारे लोग हैं जो बाहर ऑन रोड रहते हैं, उन सबके लिए भी यह सारी सिचुएशन समस्या की सिचुएशन है और इनके ऊपर व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है।

मानसून से उम्मीद

ऐसे में कोई खास अच्छा अनुभव हमें नहीं होता। हालांकि कुछ दिन और बाकी हैं। भारत में मानसून का प्रवेश होने वाला है। जब भारत में मानसून का प्रवेश होगा, उसके बाद हम उम्मीद करेंगे कि चीजें बदलेंगी और सुधार देखने को मिलेगा।

सो यही है इंपॉर्टेंट चीजें जो वर्तमान में ध्यान रखनी हैं। बट अपनी सेफ्टी सबसे पहले है। ध्यान रखिए, स्वस्थ रहिए और खुशहाल रहिए।


मुख्य बातें (Key Points):

  • दुनिया के top 50 hottest cities में ज्यादातर भारत के शहर, खासकर उत्तर प्रदेश के 25+ शहर शामिल
  • नागपुर (महाराष्ट्र) पहले नंबर पर, UP में 43-44°C तापमान
  • मुख्य कारण: इंडो-गंगा मैदान की भौगोलिक स्थिति, नमी का अभाव, शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव, जलवायु परिवर्तन
  • स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव: हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण, हृदय रोग
  • बचाव: खूब पानी पिएं, दोपहर में बाहर न निकलें, हल्के कपड़े पहनें

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश में इतनी ज्यादा गर्मी क्यों पड़ रही है?

उत्तर प्रदेश इंडो-गंगा के समतल मैदान में है जहां गर्म हवाओं को रोकने के लिए कोई पहाड़ी अवरोध नहीं है। शहरीकरण, कंक्रीट की संरचनाएं, नमी का अभाव और जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण हैं।

प्रश्न 2: Heat Wave (लू) से कैसे बचें?

खूब पानी पिएं, दोपहर 12-4 बजे के बीच बाहर न निकलें, हल्के रंग के कपड़े पहनें, सिर ढककर रखें। हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रश्न 3: क्या जलवायु परिवर्तन इस गर्मी के लिए जिम्मेदार है?

हां, जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण है। कार्बन उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन के दोहन से तापमान लगातार बढ़ रहा है। गर्मी की अवधि, तीव्रता और व्यापकता पहले से ज्यादा हो गई है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Delhi Bakrid Guidelines: सड़कों पर कुर्बानी पर रोक, 8 सख्त नियम जारी

Next Post

Aaj Ka Rashifal 24 May: सिंह-तुला वालों का दिन शानदार, जानें सभी राशियों का हाल

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Mailing Children History

Mailing Children History: जब डाक से भेजे जाते थे जीवित बच्चे

शनिवार, 13 जून 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

शनिवार, 13 जून 2026
Southwest Monsoon

IMD Weather Alert: Southwest Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, Delhi में 80 kmph आंधी का अलर्ट, 10 राज्यों में Heavy Rain

शनिवार, 13 जून 2026
Breaking News Live Updates 13 June 2026

Breaking News Live Updates 13 June 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

शनिवार, 13 जून 2026
Aaj Ka Rashifal 13 June 2026

Aaj Ka Rashifal 13 June 2026 में जानें किस राशि को मिलेगा धन लाभ

शनिवार, 13 जून 2026
Indian Navy Mission

Indian Navy Mission: समंदर में फंसे Live Missile Warhead को निकाला, बड़े विस्फोट से बची जानें

शुक्रवार, 12 जून 2026
Next Post
Aaj Ka Rashifal 24 May

Aaj Ka Rashifal 24 May: सिंह-तुला वालों का दिन शानदार, जानें सभी राशियों का हाल

Breaking News Live Updates 24 May 2026

Breaking News Live Updates 24 May 2026: Top Headlines, हर खबर सबसे तेज

Southwest Monsoon 2026

Southwest Monsoon 2026: केरल के करीब पहुंचा मानसून, पर यूपी-एमपी में 47°C की तपिश

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।