Southwest Monsoon 2026 Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 23 मई 2026 को एक अहम अपडेट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर लिया है और अगले 3-4 दिनों में केरल तक पहुंचने की पूरी संभावना है। लेकिन देखने वाली बात यह है कि जहां दक्षिण भारत बारिश के स्वागत की तैयारी में है, वहीं उत्तर और मध्य भारत अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। कल विदर्भ के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.2°C तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में अगले 7 दिनों तक गर्मी और भी बढ़ने वाली है, जबकि दूसरी तरफ केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मानसून 2026: कहां तक पहुंचा, कब आएगा केरल?
India Meteorological Department के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज यानी 23 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पूर्व अरब सागर के और हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों में प्रवेश कर लिया है।
मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अब तक:
- 7°N/60°E से 7°N/70°E
- 7°N/75°E से 8°N/80°E
- 10°N/85°E से 13.5°N/90°E
- 17°N/95°E तक
अगर गौर करें तो IMD ने साफ किया है कि अगले 3-4 दिनों में मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और अंडमान सागर के बचे हुए हिस्सों में प्रवेश कर सकता है।
यानी साफ शब्दों में कहें तो केरल में मानसून की एंट्री 26-27 मई के आसपास हो सकती है, जो सामान्य समय (1 जून के आसपास) से थोड़ा पहले है।
पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम ने अपना मिजाज दिखाया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ गर्मी का कहर जारी है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हुई।
भारी से अति भारी बारिश (11-20 सेमी):
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
- असम और मेघालय
भारी बारिश (7-11 सेमी):
- बिहार, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा
सबसे ज्यादा बारिश:
- पश्चिम बंगाल के बीच टी.जी. में 18 सेमी
- असम के अकबरपुर में 16 सेमी
- अरुणाचल के ओयान में 10 सेमी
इसके अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं की बात करें तो उत्तराखंड के चमोली में 78 किमी प्रति घंटे, हिमाचल के हमीरपुर में 65 किमी प्रति घंटे और महाराष्ट्र के पुणे के तालेगांव में 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
47.2°C! विदर्भ में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, यूपी-एमपी भी तप रहे
समझने वाली बात यह है कि मानसून की खबर के बीच सबसे बड़ी चिंता अभी भी मध्य भारत और उत्तर भारत में जारी भीषण गर्मी है। कल यानी 22 मई 2026 को महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.2°C दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
हीट वेव से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र:
- विदर्भ: लगभग सभी जगहों पर गंभीर लू की स्थिति
- पश्चिम उत्तर प्रदेश: कई स्थानों पर लू
- पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण हरियाणा, उत्तरी तेलंगाना: कुछ जगहों पर लू
- पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम झारखंड, उत्तरी आंतरिक ओडिशा: अलग-अलग जगहों पर लू
पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 45-47°C के बीच रहा:
- मध्य भारत
- उत्तर प्रदेश से सटे इलाके
- हरियाणा
- पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत
देश के बाकी हिस्सों में तापमान 40-45°C के बीच रहा, सिवाय पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पश्चिमी दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के।
अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान: किन इलाकों में कितनी गर्मी?
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि IMD ने अगले एक हफ्ते के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, वो काफी चिंताजनक है। आइए समझते हैं राज्यवार स्थिति:
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश:
- 23-29 मई तक लगातार लू की स्थिति
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंभीर लू (Severe Heat Wave)
- पूर्वी मध्य प्रदेश में गंभीर लू
- तापमान 43-46°C के बीच रहने की संभावना
विदर्भ (महाराष्ट्र):
- 23-29 मई तक गंभीर लू की स्थिति जारी रहेगी
- कई स्थानों पर 45-47°C तापमान रह सकता है
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली:
- 24-29 मई तक लू की स्थिति
- 24-27 मई को कई जगहों पर गंभीर लू
- दिल्ली में 43-45°C तापमान रहने का अनुमान
राजस्थान:
- 23-29 मई तक लू की स्थिति
- पश्चिम राजस्थान में 24-29 मई को गंभीर लू
- तापमान 44-47°C तक जा सकता है
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़:
- 23-27 मई तक अलग-अलग स्थानों पर लू
- तापमान 42-44°C
तेलंगाना:
- 23-26 मई तक लू की स्थिति
- तापमान 42-43°C
दिल्ली-NCR: अगले 4 दिन का मौसम पूर्वानुमान
23 मई 2026 (आज):
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना
- दोपहर से शाम के बीच 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
- अधिकतम तापमान: 41-43°C
24 मई 2026:
- मुख्य रूप से साफ आसमान
- कुछ स्थानों पर लू की स्थिति
- 20-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
- अधिकतम तापमान: 43-45°C
- न्यूनतम तापमान: 27-29°C
25 मई 2026:
- सुबह साफ, दोपहर में आंशिक बादल
- कुछ स्थानों पर लू
- दोपहर से शाम तक गरज के साथ विकास संभव
- अधिकतम तापमान: 43-45°C
- न्यूनतम तापमान: 29-31°C
26 मई 2026:
- मुख्य रूप से साफ आसमान
- कुछ स्थानों पर लू
- कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 5°C से भी ज्यादा हो सकता है
- अधिकतम तापमान: 43-45°C
केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का अलर्ट
जबकि उत्तर और मध्य भारत गर्मी से जूझ रहा है, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश शुरू हो गई है।
केरल और लक्षद्वीप:
- 23-27 मई तक व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश
- गरज, बिजली और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं
- कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल:
- 23-26 मई तक छिटपुट बारिश
- गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ
- कुछ स्थानों पर भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत:
- अरुणाचल प्रदेश: 25-27 मई को भारी बारिश, 23-24 मई को अति भारी बारिश
- असम और मेघालय: 26 मई को भारी बारिश, 23-25 मई को अति भारी बारिश
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 23-24 मई को भारी बारिश
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- 23-27 मई तक व्यापक बारिश
- 25-26 मई को भारी बारिश
- 23-24 मई को अति भारी बारिश की चेतावनी
मछुआरों के लिए चेतावनी: इन इलाकों में न जाएं
IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी: 23-28 मई
- दक्षिण बंगाल की खाड़ी का अधिकांश हिस्सा: 23-26 मई
- दक्षिण आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु तट: 23-24 मई
- अंडमान सागर: 23 मई
अरब सागर:
- केरल, कर्नाटक तट, लक्षद्वीप, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र: 23-27 मई
- सोमालिया तट: 23-27 मई
समुद्र में तेज हवाएं (50-70 किमी/घंटा तक) और ऊंची लहरों के कारण मछली पकड़ने की गतिविधियां खतरनाक हो सकती हैं।
लू और गर्मी से बचाव: क्या करें, क्या न करें
Red Alert (गंभीर खतरा) क्षेत्रों के लिए:
- सभी उम्र के लोगों में हीट स्ट्रोक का बहुत ज्यादा खतरा
- कमजोर लोगों (बच्चे, बुजुर्ग, बीमार) के लिए विशेष सावधानी
- धूप में बिल्कुल न निकलें
Orange Alert क्षेत्रों के लिए:
- लंबे समय तक धूप में रहने या भारी काम करने वालों को हीट इलनेस का खतरा
- कमजोर लोगों के लिए स्वास्थ्य चिंता
- गर्मी से बचें, ठंडे रहें, डिहाइड्रेशन से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं (प्यास न लगे तब भी)
- ORS, लस्सी, तोरानी, नींबू पानी, छाछ आदि पिएं
Yellow Alert क्षेत्रों के लिए:
- सामान्य लोगों के लिए सहनीय गर्मी
- कमजोर लोगों के लिए मध्यम स्वास्थ्य चिंता
- हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें
- सिर ढकें – कपड़ा, टोपी या छाता इस्तेमाल करें
किसानों के लिए सलाह
ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों (उत्तरी कर्नाटक):
- फलों के बागों और सब्जियों में ओला जाली या ओला टोपी का उपयोग करें
- खेतों में प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें
- पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें और सुरक्षित स्थानों पर रखें
भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों:
- धान, मक्का, सब्जियां और बागों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- पके हुए उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर रखें
- नर्सरी और युवा पौधों को अस्थायी आवरण से बचाएं
गर्मी/लू प्रभावित क्षेत्रों (यूपी, एमपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा):
- सब्जियों, फलों के पेड़ों और नर्सरी में हल्की और बार-बार सिंचाई करें
- गन्ना, कपास और चारा फसलों में पर्याप्त सिंचाई बनाए रखें
- मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग करें
- पानी की कमी से बचने के लिए पुआल/पॉलीथीन से मल्चिंग करें
पशुपालकों के लिए:
- ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड में रखें
- चारा और फ़ीड सुरक्षित स्थानों पर रखें
- गर्मी और लू के क्षेत्रों में जानवरों को साफ, स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी दें
- पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकें
आगे क्या होगा? मानसून कब तक पहुंचेगा दिल्ली-एनसीआर?
देखा जाए तो मानसून की प्रगति सामान्य गति से चल रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो:
- 26-27 मई: केरल में प्रवेश
- 5-10 जून: कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
- 15-20 जून: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से
- 25-30 जून: दिल्ी-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश
यानी उत्तर भारत को अभी करीब एक महीने तक इस भीषण गर्मी से जूझना पड़ेगा। जब तक मानसून वहां पहुंचेगा, तब तक तापमान 45-47°C के आसपास रहने की संभावना है।
समझने वाली बात यह है कि इस साल मानसून की प्रगति सामान्य है, लेकिन मानसून से पहले की गर्मी असामान्य रूप से तीव्र है। यह जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है।
विश्लेषण: क्यों इतनी तीव्र है इस बार की गर्मी?
IMD के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल की गर्मी पिछले कुछ सालों से ज्यादा तीव्र है। कई कारण हैं:
- एल नीनो प्रभाव: हालांकि अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसका असर अभी भी दिख रहा है
- पश्चिमी विक्षोभ की कमी: अप्रैल-मई में जो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में राहत देते हैं, वो इस बार कम आए
- शहरीकरण: कंक्रीट के जंगल गर्मी को और बढ़ा रहे हैं (शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव)
- ग्लोबल वार्मिंग: लगातार बढ़ता वैश्विक तापमान
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) भी सामान्य से 3-5°C ज्यादा है कई जगहों पर। इसका मतलब है कि रात में भी राहत नहीं मिल रही, जो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरनाक है।
मुख्य बातें (Key Points):
- दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 ने अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया
- अगले 3-4 दिनों में केरल तक पहुंचने की संभावना (26-27 मई के आसपास)
- विदर्भ के ब्रह्मपुरी में 47.2°C – सीजन का सबसे ज्यादा तापमान
- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ में 23-29 मई तक गंभीर लू की चेतावनी
- दिल्ली-NCR में 24-26 मई को 43-45°C तापमान का अनुमान
- केरल, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत में अगले 4-5 दिन भारी बारिश
- मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में न जाने की सलाह









