संयुक्त किसान मोर्चा ने चुनावों को लेकर लिया अहम फ़ैसला, 22 संगठन मोर्चे से किए सस्पेंड

The News Air- पंजाब में चुनाव लड़ रहे 22 किसान संगठनों को 4 महीने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद फिर चर्चा होगी कि उनके बारे में आगे क्या फ़ैसला लिया जाए? किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि मोर्चे का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

इसके अलावा मोर्चे ने केंद्र सरकार को MSP कमेटी और केस वापस लेने के लिए 31 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। मांगे पूरी न हुई तो 31 को केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ वादाखिलाफी दिवस मनाएंगे। फिर 1 फरवरी से पश्चिम बंगाल की तरह मिशन यूपी और उत्तराखंड शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर 2021 को सरकार ने हमें पत्र भेजा था लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की।

सिंघु बॉर्डर पर हुई मीटिंग के बाद किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने समझौते के मुताबिक़ अभी तक MSP पर क़ानूनी गारंटी के लिए कमेटी नहीं बनाई। इसके अलावा किसानों पर सभी जगहों पर दर्ज़ केस वापस नहीं लिए गए। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर केंद्र ने मांगे न मानी तो फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

लखीमपुर खीरी में मोर्चा लगाने की चेतावनी

इस मीटिंग में लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने का भी मुद्दा उठा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री टेनी पर कार्रवाई न होने का विरोध जताया। मीटिंग में फ़ैसला लिया गया कि 21 जनवरी से 3 दिन के लिए राकेश टिकैत लखीमपुर खीरी जाएंगे। वह इस घटना में मरे लोगों के परिवारों और केस में नामज़द सभी पीड़ितों से मिलेंगे। अगर सुनवाई नहीं होती तो फिर लखीमपुर खीरी में इंसाफ़ मिलने तक मोर्चा लगाया जाएगा।

इन मांगों की सहमति पर ख़त्म हुआ था आंदोलन

MSP : क़ानूनी गारंटी के लिए केंद्र सरकार कमेटी बनाएगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि लिए जाएंगे। अभी जिन फ़सलों पर MSP मिल रही है, वह जारी रहेगी। MSP पर जितनी ख़रीद होती है, उसे भी कम नहीं किया जाएगा।
केस वापसी : हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार केस वापस लेगी। दिल्ली और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के साथ रेलवे द्वारा दर्ज़ केस भी वापस होंगे।
मुआवज़ा : पंजाब सरकार की तरह आंदोलन में मरे यूपी और हरियाणा के किसानों के परिवार को 5 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा। किसान आंदोलन में 700 से ज़्यादा किसानों की मौत हुई।
बिजली बिल : बिजली संशोधन बिल को सरकार सीधे संसद में नहीं ले जाएगी। पहले उस पर किसानों के अलावा सभी संबंधित पक्षों से चर्चा होगी।
प्रदूषण क़ानून : प्रदूषण क़ानून को लेकर किसानों को सेक्शन 15 से आपत्ति थी, जिसमें किसानों को क़ैद नहीं, जुर्माने का प्रावधान है। इसे केंद्र सरकार हटाएगी।

फिरोजपुर में बनी थी सहमति, लेकिन PM सुरक्षा चूक के बाद ठप

फिरोजपुर में 5 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने किसान नेताओं से मीटिंग की थी। इसमें सहमति बनी थी कि 15 जनवरी तक MSP कमेटी बना दी जाएगी। 30 जनवरी तक केस वापस ले लिए जाएंगे। 15 मार्च को पीएम मोदी किसान नेताओं से नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में मिलेंगे। हालांकि किसानों के हाईवे ब्लॉक करने की वजह से पीएम को संबोधित किए बिना ही दिल्ली वापस लौटना पड़ा। जिसके बाद यह सहमति भी ठप हो गई।

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