LIVE | ...
सोमवार, 24 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Supreme Court Drama: पटीशनर ने जजों को कहा ‘ज्यूडिशियल सर्वेंट’, बेंच की तरफ फेंके कागज

Supreme Court Drama: पटीशनर ने जजों को कहा ‘ज्यूडिशियल सर्वेंट’, बेंच की तरफ फेंके कागज

प्रबल प्रताप नाम के व्यक्ति ने कोर्ट में की बदतमीजी, खुद को बताया 'सॉवरेन', कोर्ट ने दिखाई नरमी, पटीशन खारिज

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शनिवार, 11 जुलाई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
Supreme Court
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Supreme Court Drama – भारत की सर्वोच्च अदालत में शुक्रवार को उस समय नाटकीय हालात पैदा हो गए जब एक पटीशनर ने सुनवाई के दौरान जजों की बेअदबी की और उनकी तरफ कागजों का बंडल फेंक दिया। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई इस घटना के कारण अदालत की कार्यवाही में विघ्न पड़ा। प्रबल प्रताप के नाम से पहचाने गए इस व्यक्ति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली अपनी पटीशन की सुनवाई के दौरान जजों को “मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट” कहकर संबोधित किया।


यह घटना अदालत की गरिमा पर एक सीधा हमला थी। देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट में ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं। अगर गौर करें, तो न्यायपालिका के प्रति सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन इस पटीशनर ने खुलेआम अदालत का अपमान किया।

🔍 यह भी पढ़ें- Ram Mandir Donation Controversy: Supreme Court सोमवार को सुनवाई, CBI जांच की मांग वाली PILs

कोर्ट को दिया ‘हुक्म’, खुद को बताया ‘सॉवरेन’

पटीशनर ने अदालत को संबोधित करते हुए कहा: “मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट (न्यायिक नौकर)। मैं तुम्हें आदेश देता हूं कि तुम ACP लखनऊ के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दो।”

इस अजीब प्रस्तुति से हैरान होकर, जस्टिस विश्वनाथन ने पूछा: “तुम हमें आदेश दे रहे हो?”

पटीशनर ने जवाब दिया: “मेरी तरफ से सिर्फ इतना ही है। सब कुछ रिकॉर्ड पर है।” जब कोर्ट ने उससे पूछा कि क्या वह बेंच को हुक्म दे रहा है, तो उसने खुद को “सॉवरेन” (प्रभुसत्ता संपन्न) बताया।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह व्यवहार न सिर्फ अदालत की अवमानना है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की गरिमा पर भी सीधा हमला है।

🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा फैसला: RTE Act ना लागू करने पर Supreme Court ने केंद्र-पंजाब को भेजा नोटिस

हवा में उड़ाए कागज, सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा

इसके बाद पटीशनर ने अचानक अपनी फाइल में से कागज निकालकर बेंच की तरफ फेंक दिए, जो कोर्ट रूम में हवा में बिखर गए। सुरक्षा कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे काबू किया और जबरदस्ती अदालत से बाहर ले गए।

दिलचस्प बात यह है कि पूरी घटना के दौरान अदालत ने पूरा संयम बरता। जजों ने न तो तुरंत अवमानना का मामला बनाया, न ही किसी सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।

कोर्ट ने दिखाई नरमी, पटीशन खारिज की

पटीशनर के इस “गैर-संसदीय” व्यवहार के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया। अदालत ने अपने आदेश में नोट किया कि पटीशनर की मानसिक हालत “बहुत परेशान” (very disturbed) जान पड़ती थी और वह निराशा में ऐसा कर रहा था।

जजों ने कहा कि उन्हें उसके साथ हमदर्दी है। हालांकि, अदालत ने रिकॉर्ड की जांच करने के बाद उसकी पटीशन को गुणों के आधार पर खारिज कर दिया।

यह भी पढे़ं 👇

Health Special: Diabetic Foot

Health Special: Diabetic Foot से बचाव, Rectal Cancer के लक्षण, Berries के फायदे

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Mobile Manufacturing Scheme

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की योजना, अब भारत बनाएगा खुद का मोबाइल

सोमवार, 24 अगस्त 2026
BL Santosh Punjab Visit

BJP Punjab Elections: सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ेगी, SAD से गठजोड़ नहीं

सोमवार, 24 अगस्त 2026
India Waste Dumping Ground

India Waste Dumping Ground: भारत क्यों बन रहा दुनिया का कचरा घर?

सोमवार, 24 अगस्त 2026

समझने वाली बात यह है कि कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह समझा कि व्यक्ति मानसिक तनाव में था। यही न्यायपालिका की परिपक्वता और संयम का प्रतीक है।

🔍 यह भी पढ़ें- Supreme Court Homemakers ₹30,000: बड़ा फैसला, अब मिलेगा सम्मान

क्या था मामला?

पटीशनर प्रबल प्रताप ने लखनऊ में एक सहायक पुलिस कमिश्नर (ACP) और एक निजी कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। उसकी यह याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ थी।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

यह घटना पिछले साल अक्टूबर में घटी एक और घटना की याद दिलाती है, जब एक वकील ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की बेंच की तरफ कोई चीज फेंकी थी। लेकिन इस ताजा मामले में अदालत ने संजम दिखाते हुए मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी

इस घटना ने सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर बहस छेड़ दी है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पटीशनर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, जबकि कुछ लोगों ने कोर्ट के संयमित रवैये की सराहना की है।

एक ट्विटर यूजर ने लिखा: “अगर मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा है, तो उसे इलाज की जरूरत है, सजा की नहीं। कोर्ट ने सही किया।”

वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा: “अदालत की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में उदाहरण पेश करना चाहिए।”

क्या है कोर्ट की अवमानना का कानून?

भारतीय कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की अवमानना करने पर 6 महीने तक की जेल और 2,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। लेकिन अदालत के पास यह विवेकाधिकार भी है कि वह मानसिक स्वास्थ्य या अन्य परिस्थितियों को देखते हुए नरमी बरते।


मुख्य बातें (Key Points):
  • सुप्रीम कोर्ट में पटीशनर ने जजों को “ज्यूडिशियल सर्वेंट” कहकर अपमानित किया
  • बेंच की तरफ कागज फेंके, खुद को “सॉवरेन” बताया
  • जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई घटना
  • कोर्ट ने मानसिक हालत देखते हुए सख्त कार्रवाई नहीं की, पटीशन खारिज
  • सोशल मीडिया पर घटना को लेकर बहस छिड़ी
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Chandigarh Electric Bus Accident: चलती बस के निकले टायर, बड़ा हादसा टला

Next Post

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग से पहले बड़ा तोहफा! पश्चिम बंगाल में सैलरी डबल

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Health Special: Diabetic Foot

Health Special: Diabetic Foot से बचाव, Rectal Cancer के लक्षण, Berries के फायदे

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Mobile Manufacturing Scheme

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की योजना, अब भारत बनाएगा खुद का मोबाइल

सोमवार, 24 अगस्त 2026
BL Santosh Punjab Visit

BJP Punjab Elections: सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ेगी, SAD से गठजोड़ नहीं

सोमवार, 24 अगस्त 2026
India Waste Dumping Ground

India Waste Dumping Ground: भारत क्यों बन रहा दुनिया का कचरा घर?

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Sukhbir Singh Badal

Sukhbir Badal की राजनीति में वापसी: हमले के 2 हफ्ते बाद संभालेंगे मोर्चा

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Ration Card Update 2026

Ration Card Update 2026: झारखंड में 2.64 करोड़ लोगों को राशन का लक्ष्य

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Next Post
8th Pay Commission

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग से पहले बड़ा तोहफा! पश्चिम बंगाल में सैलरी डबल

Delhi DTC Pink Ticket

Delhi DTC Pink Ticket: 1 अगस्त से बदलेगा फ्री बस यात्रा का नियम, पिंक सहेली कार्ड जरूरी

Delhi Metro Inderlok Extension

Delhi Metro Inderlok Extension: दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार शुरू, सराय रोहिल्ला में निर्माण कार्य आरंभ

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।