‘सुपर मॉम’ मेरी कॉम का सपना तोक्यो ओलिंपिक में टूटा

तोक्यो, 29 जुलाई (The News Air)
‘सुपर मॉम’ मेरी कॉम जब गुरुवार को रिंग में उतरीं तो उनके कंधे पर करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का बोझ था। मेरी अब तक उन उम्मीदों पर खरी भी उतरी थीं। रेकॉर्ड 6 बार वर्ल्ड चैंपियन बनीं। दुनियाभर के तमाम सम्मानित प्रतिस्पर्धाओं में देश का गौरव बढ़ाया। ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। कमी थी तो सिर्फ़ गोल्ड मेडल की, जिस सपने के लिए उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में भी बॉक्सिंग जारी रखी और अपने सपने का पीछा करती रहीं। हालांकि, यह सपना तोक्यो ओलिंपिक में टूटा गया है।

छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) को महिला बॉक्सिंग के क्वॉर्टर फाइनल में कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से हार का सामना करना पड़ा। पहले राउंड में मेरी को कोलंबियाई बॉक्सर से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि दूसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज़ ने ज़ोरदार कमबैक किया और 3-2 से जीत दर्ज़ की। हालांकि, तीसरे राउंड में वालेंसिया ने न केवल कमबैक किया, बल्कि मुक़ाबला 3-2 से अपने नाम कर लिया।

जब रेफरी ने मुक़ाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया तो मेरी कॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। जिस तरीक़े से वालेंसिया पहली घंटी बजने के बाद भागी थी, उससे लग रहा था कि यह मुक़ाबला कड़ा होने वाला है और ऐसा ही हुआ। शुरू से ही दोनों मुक्केबाज़ एक दूसरे पर मुक्के जड़ रही थीं।

कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया 2016 रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता हैं। मेरी कॉम इससे पहले दो बार इस कोलंबियाई मुक्केबाज़ से भिड़ी थी और दोनों में जीती थीं, जिसमें 2019 विश्व चैंपियनशिप का क्वॉर्टर फाइनल भी शामिल है।

इससे पहले उन्होंने डोमेनिका गणराज्य की मिगुएलिना हर्नांडिज गार्सिया पर शानदार जीत से प्री-क्वॉर्टर फाइनल में एंट्री ली थी। ओलिंपिक 2012 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता मेरी कॉम ने अपने से 15 साल जूनियर और पैन अमेरिकी खेलों की ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 4-1 से शिकस्त दी थी।

Leave a Comment