सात साल बाद बेअदबी के मामलों में ‘आप’ सरकार की निगरानी में मिलेगा न्याय : कैबिनेट मंत्री धालीवाल

चंडीगढ़, 26 अगस्त: कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बादल परिवार को बचाने और उनका साथ देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सिख संगत पिछले सात सालों से गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामलों में इंसाफ की मांग कर रही है,लेकिन बादल-कैप्टन ने उन्हें हमेशा गुमराह किया। आप सरकार सिख संगत को न्याय दिलाएगी।

शुक्रवार को पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए न्याय की मांग करने वाले दो सिखों की कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग में मौत हो गयी थी। उनकी मौत के लगभग सात साल बाद भी न अकाली दल और न कांग्रेस की सरकार में उन्हें न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि अकाली दल और कोंग्रेस की सरकारों ने सिख संगत की भावनाओं को हमेशा नज़रअंदाज़ किया और मामले को टालते रही। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि“पूरा पंजाब जानता है कि बादल और कैप्टन आपस में मिले हुए थे। उनकी आपसी सांठगांठ के कारण बरगाड़ी और बहबल कलां फायरिंग कांड के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई। लेकिन,मान सरकार किसी भी दोषी को नही बख्शेगी। जल्द सभी दोषी जेल के अंदर होंगे।

मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले “गुटका साहिब” की सौगंध खाकर कहा था कि वे गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में सिख संगत को न्याय दिलाएंगे। लेकिन बादलों के साथ उनकी मिलीभगत के कारण उन्होंने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बेअदबी की घटना के आरोपी मोहिंदर पाल बिट्टू को भी कांग्रेस के शासन के दौरान जेल में मार दिया गया। उस समय सुखजिंदर सिंह रंधावा गृह मंत्री थे,जिन्होंने जांच न कर मामले को दबा दिया।

मीडिया के सवाल ‘सुखबीर बादल ने 2015 में सिख प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के आदेश से इनकार किया था,का जवाब देते हुए मंत्री धालीवाल ने कहा कि,“वे झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री या गृह मंत्री की अनुमति के बिना कोई भी पुलिस अधिकारी कभी गोली नहीं चला सकता। एसआईटी ने सुखबीर बादल को तलब किया है,जांच के दौरान सच सामने आएगा।

मंत्री ने बादल को यह भी स्पष्ट करने की चुनौती दी कि क्या कोटकपूरा में मौजूद अधिकारी उनके संपर्क में थे? किसके आदेश पर अधिकारियों ने गोलियां चलाई थी? क्या उन्होंने अधिकारियों को गोली चलाने का आदेश दिया था? गृह मंत्री के रूप में क्या अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया था?यदि अधिकारियों ने बिना अनुमति के फायरिंग की थी, तो बतौर गृह मंत्री उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई?

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने बदलाव की उम्मीद में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जल्द ही कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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