Rajpura Service Center: राजपुरा के पुराने बस स्टैंड पर स्थित सरकारी सेवा केंद्र की बिजली, बिल की अदायगी न होने के कारण पावरकॉम (बिजली विभाग) ने काट दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सेवा केंद्र ठेके पर चला रही निजी कंपनी ने समय पर बिजली का बिल जमा नहीं करवाया, जिस कारण बिजली विभाग को यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
इस लापरवाही का सीधा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि लोग अपने जरूरी सरकारी कामों के लिए सेवा केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन बिजली गुल होने के कारण निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं।
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लोगों की परेशानी
बिजली सप्लाई बंद होने के कारण सेवा केंद्र के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। अंदर कंप्यूटर और अन्य सिस्टम बंद होने के कारण सारा कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है।
समझने वाली बात यह है कि सेवा केंद्र पहुंचे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष जताते हुए कहा कि एक ओर पंजाब सरकार घर-घर और सुचारू रूप से सरकारी सेवाएं पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन दूसरी ओर ठेकेदारों की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना पहुंच के कारण जनता को बिना वजह खज्जल-खुआर होना पड़ रहा है।
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जनता की मांग
गुस्से में आए लोगों ने मांग की है कि बिल न भरने वाली इस डिफॉल्टर कंपनी का ठेका तुरंत रद्द किया जाए और इसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह कंपनी पहले भी कई बार अपनी जिम्मेदारी से भागती रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकारी सेवाओं को प्राइवेट कंपनियों को ठेके पर देने में यही समस्या आती है। जब ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते तो आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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SDM ने की सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले के बारे में जब SDM राजपुरा रविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके नोटिस में आ चुका है। उन्होंने कंपनी को सख्त लहजे में तुरंत बिजली का बकाया बिल जमा करवाने और सेवा केंद्र को फिर से चालू करने के लिए लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि लोगों की खज्जल-खुआरी को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।
राहत की बात यह है कि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। उम्मीद है कि जल्द ही सेवा केंद्र फिर से चालू हो जाएगा।
सरकारी सेवाओं में खामी
अगर गौर करें तो यह मामला सरकारी सेवाओं को निजी हाथों में देने की समस्या को उजागर करता है। जब सेवाएं ठेके पर दी जाती हैं तो ठेकेदार मुनाफे के चक्कर में अपनी जिम्मेदारियां भूल जाते हैं। नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
चिंता का विषय यह है कि अगर समय पर बिल का भुगतान नहीं किया जा सकता तो ऐसी कंपनियों को ठेका क्यों दिया जाता है? सरकार को ठेका देने से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति की जांच करनी चाहिए।
आम जनता पर असर
इस घटना से आम लोगों का सरकारी सेवाओं पर से विश्वास कम होता है। लोग अपने जरूरी काम जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के लिए सेवा केंद्र आते हैं। जब उन्हें सेवा नहीं मिलती तो उनका सरकार पर से भरोसा उठ जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
• राजपुरा के सरकारी सेवा केंद्र की बिजली बिल न भरने पर काटी गई
• ठेकेदार कंपनी ने समय पर बकाया बिल जमा नहीं करवाया
• आम जनता को जरूरी सरकारी काम के लिए परेशानी हो रही है
• SDM राजपुरा ने तुरंत बिल जमा करवाने के निर्देश दिए
• लोगों ने डिफॉल्टर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की













