Private School Fee Regulation Punjab: पंजाब विधानसभा ने रविवार को अपने मानसून सत्र के अंतिम दिन एक साथ कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किए गए ‘पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों की फीस का विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस कानून के लागू होने के बाद अब कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना 5 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। देखा जाए तो, यह माता-पिता के लिए एक बड़ी राहत की खबर है जो हर साल बेतहाशा बढ़ती स्कूल फीस से परेशान रहते हैं।
इसके अलावा उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों, स्ट्रीट लाइटों, सफाई व्यवस्था की बेहतरी के लिए ‘पंजाब कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन बिल, 2026’ पेश किया, जिसे भी पास कर दिया गया। इस बिल के तहत अब औद्योगिक इकाइयों का मेंटेनेंस चार्ज उनके बिजली के बिल में ही जोड़कर वसूला जाएगा।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने Punjab Vidhan Sabha में ‘पंजाब आउटसोर्स कर्मचारी (अनुबंध आधारित नियुक्ति) बिल, 2026’ पेश किया, जिससे लगभग 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। समझने वाली बात यह है कि इस बिल से ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों की बिचौलियागिरी खत्म होकर कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध पर लाया जाएगा।
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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर पूर्ण विराम: क्या-क्या बदलेगा?
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विधानसभा को संबोधित करते हुए बताया कि इस कानून से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। अगर गौर करें तो, अब तक प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाते रहे हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
फीस वृद्धि पर सख्त नियंत्रण: कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना 5 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि किसी स्कूल को इससे अधिक फीस बढ़ानी है तो उसे जिला रेगुलेटरी बॉडी से 180 दिन पहले मंजूरी लेनी होगी।
फोरेंसिक ऑडिट अनिवार्य: फीस बढ़ाने की मांग करने वाले स्कूलों के वित्तीय रिकॉर्ड का फोरेंसिक ऑडिट करवाया जाएगा ताकि व्यावसायिक मुनाफाखोरी का पता लगाया जा सके। दिलचस्प बात यह है कि यह प्रावधान स्कूलों को पूरी तरह पारदर्शी बनने के लिए मजबूर करेगा।
पुरानी फीस की वापसी अनिवार्य: जिन स्कूलों ने पिछले 36 महीनों (3 सालों) में कुल मिलाकर 15 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई राशि 90 दिनों के अंदर माता-पिता को वापस करनी होगी।
किताब-वर्दी पर मनमानी खत्म: स्कूल अब माता-पिता को किसी विशेष दुकानदार या विक्रेता से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे। कम से कम 3 प्रकाशकों या विक्रेताओं की सूची जारी करना अनिवार्य होगा।
सभी शुल्क फीस के दायरे में: ट्यूशन फीस के अलावा एनुअल चार्ज, स्मार्ट क्लास, एक्टिविटी, लैब और लाइब्रेरी जैसे सभी खर्चे अब फीस के दायरे में लाए गए हैं। यानी स्कूल अब अलग-अलग नाम से पैसे नहीं वसूल सकेंगे।
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नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। फीस वापस न करने की सूरत में ₹10,000 प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने इस बार सिर्फ कागजी नियम नहीं, बल्कि ठोस दंड व्यवस्था भी लागू की है।
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माने की राशि | अतिरिक्त कार्रवाई |
|---|---|---|
| 5% से अधिक फीस वृद्धि (बिना अनुमति) | ₹5 लाख तक | वापसी अनिवार्य |
| फीस वापस न करना | ₹10,000 प्रति दिन | कानूनी कार्रवाई |
| लगातार उल्लंघन | भारी जुर्माना | मान्यता रद्द |
| जबरन किताब/वर्दी बेचना | ₹2 लाख तक | चेतावनी/सस्पेंशन |
आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत: ठेकेदारों की बिचौलियागिरी खत्म
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में ‘पंजाब आउटसोर्स कर्मचारी (अनुबंध आधारित नियुक्ति) बिल, 2026’ पेश किया। इस बिल का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों और संस्थानों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों/ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले योग्य कच्चे कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध पर लाना है।
बिल की मुख्य विशेषताएं:
26,000 से 28,000 कर्मचारियों को फायदा: इस बिल से लगभग 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलेगा जो वर्षों से ठेकेदारों के माध्यम से काम कर रहे हैं।
सेवा की शर्तें: सामान्य श्रेणी (Group-C & Group-D) के लिए न्यूनतम 5 साल की निरंतर सेवा अनिवार्य है। खतरनाक श्रेणी (बिजली विभाग, सफाई कर्मचारी, फायरमैन आदि) के लिए 3 साल की सेवा पर्याप्त होगी।
निरंतर सेवा की परिभाषा: हर साल कम से कम 240 दिनों की उपस्थिति और रोजाना कम से कम 7 घंटे की ड्यूटी जरूरी है। एजेंसी बदलने से सेवा में रुकावट नहीं मानी जाएगी।
वेतन की गारंटी: अनुबंध पर आने के बाद मिलने वाला वेतन पहले मिलने वाली ‘नेट इन-हैंड’ सैलरी से कम नहीं होगा और ‘कोड ऑन वेजेस, 2019’ के न्यूनतम वेतन नियमों के अनुसार होगा।
अनुबंध की अवधि: अनुबंध साल-दर-साल के आधार पर बढ़ाया जाएगा, जो 58 साल की उम्र तक चलेगा। बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।
कोर्ट केस वाले कर्मचारी: जिन कर्मचारियों ने स्थायी होने या अन्य मांगों के लिए अदालतों में केस किए हुए हैं, उन्हें अनुबंध पर आने के लिए 30 दिनों के अंदर केस वापस लेने का शपथपत्र देना होगा।
पुराना कानून रद्द: इस बिल के लागू होने से “पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्परेरी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्स्ड एम्प्लॉईज वेलफेयर एक्ट, 2016” को रद्द कर दिया गया है।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नई व्यवस्था: बिजली बिल में मेंटेनेंस चार्ज
उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा पेश किए गए ‘पंजाब कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन बिल, 2026’ को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। यह बिल राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में साझी सुविधाओं जैसे सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, सफाई और ड्रेनेज सिस्टम की बेहतरी के लिए लाया गया है।
बिल की मुख्य बातें:
बिजली बिल में शामिल होगा सर्विस चार्ज: अब औद्योगिक क्षेत्रों की देखभाल के लिए लगाए जाने वाले ‘सर्विस चार्ज’ फैक्ट्रियों के मासिक बिजली बिलों में शामिल करके पावरकॉम द्वारा वसूले जाएंगे।
90% फंड रखरखाव के लिए: एकत्र किए गए इन चार्जों में से 90 फीसदी फंड संबंधित क्षेत्र की समिति के मेंटेनेंस फंड में जाएंगे और बाकी 10 फीसदी विकास प्राधिकरणों को दिए जाएंगे।
प्रॉपर्टी टैक्स में छूट: नगर निगम या काउंसिल क्षेत्रों में यह सर्विस चार्ज औद्योगिक इकाइयों के प्रॉपर्टी टैक्स की जगह पर ही गिने जाएंगे।
जिला निगरानी प्राधिकरण: हरेक जिले के डिप्टी कमिश्नर को ‘डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग अथॉरिटी’ बनाया गया है, जो उद्योगपतियों की समस्याओं और विवादों का निपटारा करेगी।
पर्यावरण नियम अनिवार्य: सभी औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पंजाब प्रदूषण रोकथाम बोर्ड के नियमों की पालना करना अनिवार्य होगा।
उच्च शिक्षा से जुड़े तीन विश्वविद्यालय बिल पारित
पंजाब विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किए गए तीन महत्वपूर्ण बिल सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। इनमें क्लाउड यूनिवर्सिटी होशियारपुर बिल 2026, एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला बिल 2026 और फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला बिल 2026 शामिल हैं।
इस मौके पर कांग्रेसी विधायक पारगट सिंह, अवतार सिंह जूनियर और कुलदीप सिंह ढिल्लों ने बहस में हिस्सा लिया, जबकि आजाद विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने विरोध जताया। समझने वाली बात यह है कि डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार बड़े कदम उठा रही है।
वित्त मंत्री द्वारा GST संशोधन बिल पारित
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा ‘पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) 2026’ भी पारित किया गया। सदन में विरोधी पक्ष द्वारा नारेबाजी भी हुई लेकिन बिल पास हो गया। इस बिल से राज्य के कर संग्रह में सुधार होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियां: मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विधानसभा को बताया कि पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों में से 51.30 लाख परिवारों को रजिस्टर किया जा चुका है। इससे 1.25 करोड़ लोग लाभ ले रहे हैं। अब तक 5.30 लाख लोगों ने कैशलेस इलाज करवाया है और सरकार द्वारा ₹1009.35 करोड़ के इलाज को मंजूरी दी जा चुकी है।
योजना की विशेषताएं:
- 657 हस्पताल योजना में शामिल
- 92 और हस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया
- प्रति परिवार ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज
- सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार
मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स की भर्ती विवाद पर सफाई
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स की भर्ती में 237 में से सिर्फ 13 उम्मीदवार ही हरियाणा के हैं। विरोधी पक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने स्वास्थ्य विभाग में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स की भर्ती के दौरान पड़ोसी राज्यों के उम्मीदवारों को पंजाब में नौकरी देने का मुद्दा उठाया था।
विरोधी पक्ष का हंगामा: एक दिन में 8 बिल पास करने पर विरोध
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाई के दौरान सदन के अंदर और बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विरोधी पक्ष कांग्रेस द्वारा प्रताप सिंह बाजवा की अगुवाई में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में 8 बिल पेश करने, बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को नौकरियां देने और OPS जैसे वादे पूरे न करने पर सरकार को घेरा गया।
बाजवा ने पंजाब में 65,000 नौकरियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा 70 फीसदी नौकरियां बाहरी राज्यों के लोगों को दी गई हैं। उन्होंने इस बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की। बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा OPS (Old Pension Scheme), DA (Dearness Allowance) के मुद्दे और अन्य बड़े वादे किए गए थे, जो पूरे नहीं हुए।
विरोधी पक्ष के नेता ने स्पीकर से सत्र को एक-दो दिनों के लिए और बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में 9 बिलों पर चर्चा मुश्किल है।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और जानकारियां
खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक ने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान केंद्रीय पूल में भारतीय खाद्य निगम (FCI) को कुल 105 लाख मीट्रिक टन चावल डिलीवर किए जाने हैं। 7 अगस्त, 2026 तक 85.79 लाख मीट्रिक टन (81.21%) चावल डिलीवर किए जा चुके हैं। FCI के पास स्टोरेज स्पेस की कमी के कारण चावल की मिलिंग और डिलीवरी की मियाद 30 जून, 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2026 तक कर दी गई है।
श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि फरीदकोट जिले में पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत 37,835 मजदूर रजिस्टर्ड हैं। उन्हें विभिन्न कल्याण योजनाओं के तहत ₹5.62 करोड़ की वित्तीय सहायता वितरित की गई है।
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में कुल 1860 लाइब्रेरियनों की पदें हैं। इनमें से 1075 पद भरे हुए हैं और 785 पद खाली हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया चल रही है।
स्थानीय सरकार मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि बरनाला शहर में ₹69.64 करोड़ की लागत से 64.50 किलोमीटर नई सीवरेज लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा।
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि बठिंडा के गांव पथराला और डूमवाली में बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए लसाड़ा ड्रेन की सफाई और मजबूतीकरण के लिए ₹26.51 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
डीवर्मिंग अभियान: 71 लाख बच्चों को लक्षित
इसी बीच, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नेशनल डीवर्मिंग डे के अवसर पर मोहाली के स्कूल ऑफ एमिनेंस में राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक की आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। पूरे पंजाब में लगभग 71 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो बच्चे किसी कारणवश दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस के दौरान यह दवा दी जाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Vidhan Sabha के मानसून सत्र के अंतिम दिन 8 महत्वपूर्ण बिल पारित
- प्राइवेट स्कूल अब सालाना 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे
- नियम तोड़ने पर ₹5 लाख तक जुर्माना और मान्यता रद्द का प्रावधान
- 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध पर लाया जाएगा
- औद्योगिक क्षेत्रों का मेंटेनेंस चार्ज अब बिजली बिल में शामिल होगा
- तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल पारित
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 51.30 लाख परिवार रजिस्टर्ड
- विरोधी पक्ष ने एक दिन में 8 बिल पास करने पर जताया विरोध












