LIVE | ...
शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

चंडीगढ़ सेक्टर 39 में हजारों कर्मचारियों पर पानी की बौछारें, कई घायल, सरकार पर दबाव बढ़ा

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब, सियासत
A A
0
Punjab Employees Protest
105
SHARES
697
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Punjab Government Employees Protest Chandigarh 2026: पंजाब के हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के दाना मंडी, सेक्टर 39 में विशाल महारैली का आयोजन किया। लेकिन जब इस महारैली के बाद कर्मचारियों ने पंजाब विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, तो चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया और वॉटर कैनन (Water Cannon) का इस्तेमाल करते हुए कर्मचारियों पर पानी की तेज बौछारें छोड़ीं।

देखा जाए तो यह टकराव पंजाब की भगवंत मान सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक बन गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं – महंगाई भत्ता (DA), पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली और अस्थायी शिक्षकों को स्थायी करना। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।

समझने वाली बात यह है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक दिन का मामला नहीं है। पिछले कई महीनों से पंजाब के सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लामबंद हो रहे थे। और आज की महारैली उस लंबे संघर्ष का चरम बिंदु थी।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Money Laundering: ED ने GLADA से मांगा उद्योगपतियों की जमीन का रिकॉर्ड, माइनिंग घोटाले की जांच तेज

दाना मंडी में उमड़ा कर्मचारियों का सैलाब

शुक्रवार की सुबह से ही चंडीगढ़ के दाना मंडी, सेक्टर 39 में पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कर्मचारी और पेंशनभोगी पहुंचने लगे। बसों, निजी वाहनों और यहां तक कि पैदल चलकर भी लोग आए। पूरे पंजाब से – लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का – हर जिले से कर्मचारियों ने इस महारैली में हिस्सा लिया।

महारैली के मंच से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने भाषण दिए। उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि AAP सरकार ने कर्मचारियों को जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया।

दिलचस्प बात यह है कि रैली के दौरान कर्मचारियों ने नारे लगाए – “हमारी मांग पूरी करो”, “DA बकाया दो”, “पुरानी पेंशन वापस लाओ”, “शिक्षकों को स्थायी करो”। पूरा माहौल संघर्ष और दृढ़ संकल्प से भरा हुआ था।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Cabinet Decisions: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम, डिजिटल यूनिवर्सिटी और बड़े सुधार

विधानसभा कूच का फैसला: “सरकार तक आवाज पहुंचानी है”

महारैली के दौरान ही यह तय किया गया कि केवल रैली करके अपनी बात रखना काफी नहीं है। सरकार की कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए विधानसभा की ओर कूच करना होगा।

यह निर्णय पहले से ही योजनाबद्ध था। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार वे सिर्फ धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि विधानसभा तक पहुंचकर अपनी मांगों को सीधे सरकार के सामने रखेंगे।

हालांकि सरकार को भी इस योजना की भनक लग चुकी थी। शायद इसी कारण विधानसभा का सत्र शुक्रवार को जल्दी स्थगित कर दिया गया। सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों ने विधानसभा की ओर कूच करने का फैसला नहीं बदला। उनका कहना था – “हम सरकार को दिखाना चाहते हैं कि कर्मचारियों की ताकत कितनी बड़ी है।”

सेक्टर 39 में बैरिकेडिंग: पुलिस ने रोका रास्ता

जैसे ही महारैली खत्म हुई और हजारों की संख्या में कर्मचारी दाना मंडी से बाहर निकलकर विधानसभा की ओर बढ़ने लगे, उन्हें सेक्टर 39 की सीमा पर ही रोक दिया गया।

चंडीगढ़ पुलिस ने पहले से ही वहां मजबूत बैरिकेडिंग लगा रखी थी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। मालवा रोड के पास, जो दाना मंडी से विधानसभा की ओर जाने वाली मुख्य सड़क है, वहां बैरिकेड्स लगा दिए गए थे।

शुरुआत में कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक आगे बढ़ने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस से रास्ता देने की मांग की। लेकिन पुलिस ने साफ इनकार कर दिया।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दाना मंडी में रैली करने की परमिशन तो कर्मचारियों को मिली हुई थी। लेकिन विधानसभा की ओर कूच करने की अनुमति नहीं थी। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें रोकने का फैसला किया।

वॉटर कैनन का इस्तेमाल: तेज पानी की बौछारें

जब कर्मचारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने वॉटर कैनन (Water Cannon) का इस्तेमाल किया। तेज दबाव वाली पानी की बौछारें सीधे कर्मचारियों पर छोड़ी गईं।

जो लाइव तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे पानी की तेज धार से कर्मचारी पीछे धकेले जा रहे थे। कई कर्मचारी गीले हो गए, कुछ गिर भी गए।

लेकिन कर्मचारियों का हौसला नहीं डगमगाया। बार-बार पानी की बौछारों के बावजूद, वे लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। नारे लगाते रहे। अपनी मांगों को दोहराते रहे।

अगर गौर करें, तो यह दृश्य पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकता है। क्योंकि सरकारी कर्मचारी एक बड़ा वोट बैंक हैं। और अगर वे सरकार के खिलाफ एकजुट हो जाएं, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में इसका असर दिख सकता है।

कई कर्मचारी घायल: तेज पानी के दबाव से चोटें

ताजा जानकारी के अनुसार, वॉटर कैनन के इस्तेमाल में कई कर्मचारी घायल भी हुए हैं। पानी का दबाव इतना तेज था कि कुछ कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं।

खासकर बुजुर्ग पेंशनभोगी जो इस रैली में शामिल हुए थे, उन्हें ज्यादा दिक्कत हुई। कई लोग जमीन पर गिर गए। कुछ को साथियों ने संभाला।

हालांकि घायलों की सटीक संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कुछ को प्राथमिक उपचार दिया गया, कुछ को अस्पताल भी ले जाया गया।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें: DA, OPS, स्थायीकरण

अब सवाल यह है कि आखिर कर्मचारी मांग क्या रहे हैं? क्यों इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है? आइए समझते हैं मुख्य मांगें:

1. महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) का बकाया

यह भी पढे़ं 👇

September 18 Historical Events

18 सितंबर का इतिहास: जब Jimi Hendrix ने ली आखिरी सांस, Ruth Bader Ginsburg का निधन और CIA की स्थापना

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: अगले 2 हफ्तों में भारी बारिश का अनुमान, बंगाल की खाड़ी में Low Pressure

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
Breaking News Live Updates 18

Breaking News Live Updates 18 September 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
Aaj Ka Rashifal 18 September 2026

आज का राशिफल 18 सितंबर 2026: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026

पंजाब हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के DA के रूप में 15,000 करोड़ रुपए देने के आदेश दिए हैं। यह बकाया लंबे समय से लंबित है। कर्मचारियों की मांग है कि इसे तुरंत जारी किया जाए।

DA सिर्फ एक भत्ता नहीं है – यह कर्मचारियों और उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन DA नहीं मिल रहा। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।

2. पुरानी पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme – OPS) की बहाली

यह सबसे बड़ी और भावनात्मक मांग है। 2004 में New Pension Scheme (NPS) लागू की गई थी, जिसमें पेंशन की गारंटी नहीं है और यह बाजार पर निर्भर है।

कर्मचारियों की मांग है कि पंजाब में पुरानी पेंशन स्कीम वापस लाई जाए, जैसा कि कुछ अन्य राज्यों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश) ने किया है।

पुरानी पेंशन स्कीम में सेवानिवृत्ति के बाद आखिरी सैलरी का 50% पेंशन के रूप में गारंटीड मिलता था। यह सुरक्षा और स्थिरता देता था।

3. अस्थायी शिक्षकों को स्थायी करना

पंजाब में हजारों शिक्षक अस्थायी (contractual) आधार पर काम कर रहे हैं। सरकार ने उनकी तनख्वाहें तो बढ़ा दीं, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया।

अस्थायी होने का मतलब है – कोई job security नहीं, प्रमोशन नहीं, पूरे लाभ नहीं। शिक्षकों की मांग है कि जो सालों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें स्थायी किया जाए।

4. अन्य मांगें

  • कृषि विकास बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की रुकी पेंशन
  • 147 कर्मचारियों की उम्र 70 साल से ऊपर, 13 की मौत हो चुकी, फिर भी पेंशन नहीं
  • विभिन्न विभागों में पदोन्नति में देरी
मांगस्थितिप्रभावित कर्मचारी
DA बकाया15,000 करोड़ रुपएसभी सरकारी कर्मचारी
पुरानी पेंशन स्कीम2004 से बंद2004 के बाद भर्ती सभी
शिक्षक स्थायीकरणहजारों अस्थायीशिक्षा विभाग
कृषि बैंक पेंशन147 लंबित (13 मृत)सेवानिवृत्त कर्मचारी
सरकार पर बढ़ता दबाव: विधानसभा जल्दी स्थगित

कर्मचारियों के इस विशाल प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका सबसे बड़ा संकेत यह है कि विधानसभा का सत्र शुक्रवार को जल्दी स्थगित कर दिया गया।

सामान्यतः विधानसभा की कार्यवाही शाम तक चलती है। लेकिन शुक्रवार को यह सुबह ही स्थगित कर दी गई। सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई।

यह साफ संकेत है कि सरकार कर्मचारियों के गुस्से से वाकिफ है। और शायद विधानसभा में किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह फैसला लिया गया।

लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सत्र स्थगित करने से समस्या हल हो जाएगी? कर्मचारी तो साफ कह रहे हैं – “हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं।”

राजनीतिक नजरिया: 2027 चुनाव की तैयारी शुरू

यह विरोध प्रदर्शन केवल प्रशासनिक नहीं, राजनीतिक भी है। 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव हैं। और सरकारी कर्मचारी एक बड़ा वोट बैंक हैं।

अगर AAP सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती, तो:

  • कर्मचारी खुद सरकार के खिलाफ वोट देंगे
  • उनके परिवार भी प्रभावित होंगे (एक कर्मचारी = 5-6 वोट)
  • कर्मचारी संगठनों का प्रचार-प्रसार सरकार के खिलाफ जाएगा

विपक्षी दल – Congress, Akali Dal, BJP – इस मुद्दे को उठा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि AAP ने चुनाव से पहले कर्मचारियों को बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद भूल गए।

अगर गौर करें, तो यह वही पैटर्न है जो दिल्ली में भी देखा गया – पहले वादे, फिर वापसी। पंजाब के कर्मचारी इसे समझ रहे हैं।

सरकार की चुनौती: खाली खजाना, बड़ी मांगें

दूसरी तरफ, पंजाब सरकार के सामने भी चुनौती है। राज्य का वित्तीय हाल बहुत अच्छा नहीं है। 15,000 करोड़ रुपए का DA बकाया देना आसान नहीं।

पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का मतलब है – हर साल हजारों करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश ने OPS लागू की, लेकिन उनकी वित्तीय स्थिति और खराब हो गई है।

लेकिन कर्मचारियों का तर्क है – “अगर दिल्ली में AAP सरकार फ्री बिजली-पानी दे सकती है, तो पंजाब में कर्मचारियों का हक क्यों नहीं दे सकती?”

आगे क्या होगा? संघर्ष जारी रहेगा

फिलहाल कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि यह संघर्ष जारी रहेगा। आज का विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है।

अगले चरण की रणनीति पर विचार किया जा रहा है:

  • व्यापक हड़ताल की संभावना
  • राज्यपाल को ज्ञापन देना
  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना
  • सोशल मीडिया अभियान तेज करना

कर्मचारी नेताओं ने कहा – “सरकार को लगता है कि वॉटर कैनन से हमारा हौसला टूट जाएगा। लेकिन हम और मजबूत होकर वापस आएंगे।”

मुख्य बातें (Key Points)
  • पंजाब के हजारों सरकारी कर्मचारियों ने चंडीगढ़ सेक्टर 39, दाना मंडी में महारैली की
  • महारैली के बाद विधानसभा कूच करने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया
  • तेज पानी की बौछारों से कई कर्मचारी घायल हुए
  • मुख्य मांगें: 15,000 करोड़ रुपए DA बकाया, पुरानी पेंशन स्कीम, शिक्षकों का स्थायीकरण
  • विधानसभा का सत्र शुक्रवार को जल्दी स्थगित कर दिया गया – संकेत है कि सरकार दबाव में है
  • 2027 चुनाव से पहले यह मुद्दा AAP सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है
  • कर्मचारी संगठनों ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

NEET Paper Leak CBI Investigation: NTA के अंदर से लीक हुआ पेपर? जंतर-मंतर विरोध के बाद बड़े खुलासे

Next Post

Daily Horoscope 8 August 2026: आज किस राशि को मिलेगा धन लाभ? जानें शनिवार का पूरा राशिफल

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

September 18 Historical Events

18 सितंबर का इतिहास: जब Jimi Hendrix ने ली आखिरी सांस, Ruth Bader Ginsburg का निधन और CIA की स्थापना

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: अगले 2 हफ्तों में भारी बारिश का अनुमान, बंगाल की खाड़ी में Low Pressure

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
Breaking News Live Updates 18

Breaking News Live Updates 18 September 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
Aaj Ka Rashifal 18 September 2026

आज का राशिफल 18 सितंबर 2026: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल

शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
Food Adulteration in India

Food Adulteration in India: क्या हम जहर खा रहे हैं? खाने की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

गुरूवार, 17 सितम्बर 2026
IAS Transfer

Punjab IAS Transfer: अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा का तबादला, कृषि विभाग की मिली जिम्मेदारी

गुरूवार, 17 सितम्बर 2026
Next Post
Daily Horoscope 8 August 2026

Daily Horoscope 8 August 2026: आज किस राशि को मिलेगा धन लाभ? जानें शनिवार का पूरा राशिफल

SEO URL: breaking-news-live-updates-8-august

Breaking News Live Updates 8 अगस्त 2026: Weekend Live, हर बड़ी खबर सबसे पहले

Heavy Rainfall Alert

Heavy Rainfall Alert: अगले 2 हफ्तों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।