IMD Weather Forecast: 17 से 30 सितंबर तक का मौसम पूर्वानुमान – India Meteorological Department (IMD) ने 17 सितंबर को अगले दो सप्ताहों के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले Low Pressure Area के Depression में बदलने और कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
देखा जाए तो दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने वाली है, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं।
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बंगाल की खाड़ी में Low Pressure का निर्माण
India Meteorological Department के अनुसार, उत्तरी थाईलैंड के ऊपर मौजूद चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर शाम को उत्तरी अंडमान सागर में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव में:
19 सितंबर शाम तक: अंडमान सागर में Low Pressure Area बनने की संभावना
21-22 सितंबर: पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में Depression में तब्दील होने की प्रबल संभावना
आगे की दिशा: पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इस प्रणाली के अवशेष उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है।
पिछले सप्ताह का मौसम: 10-16 सितंबर
10 सितंबर को Low Pressure निर्माण: उत्तरी बंगाल की खाड़ी में Low Pressure Area बना, जो:
- 11 सितंबर: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट
- 12 सितंबर: दक्षिण छत्तीसगढ़
- 13 सितंबर: दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तरी विदर्भ
- 14 सितंबर: दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तरी गुजरात
- 15 सितंबर: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान
- 16 सितंबर: सौराष्ट्र और उत्तर-पूर्वी अरब सागर
भारी वर्षा रिकॉर्ड:
समझने वाली बात यह है कि इस प्रणाली के कारण:
- 13 सितंबर: गुजरात में अलग-थलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा
- 10 सितंबर: पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा
- 11 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार में भारी वर्षा
- 11-12 सितंबर: ओडिशा, छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा
- 15-16 सितंबर: सौराष्ट्र और कच्छ में भारी वर्षा
- 16 सितंबर: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी वर्षा
मानसून वर्षा का आंकड़ा: कमी बरकरार
अगर गौर करें तो पिछले सप्ताह (10-16 सितंबर) के दौरान देश में कुल वर्षा Long Period Average (LPA) से 17% कम रही।
सीजन का कुल आंकड़ा (1 जून से 16 सितंबर):
| क्षेत्र | वास्तविक वर्षा (मिमी) | सामान्य (मिमी) | कमी/अधिकता (%) |
|---|---|---|---|
| पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत | 923.8 | 1243.7 | -26% |
| उत्तर-पश्चिम भारत | 498.1 | 555.9 | -10% |
| मध्य भारत | 865.2 | 912.3 | -5% |
| दक्षिण प्रायद्वीप | 459.7 | 637.0 | -28% |
| संपूर्ण देश | 682.0 | 801.5 | -15% |
हैरान करने वाली बात यह है कि मध्य भारत में सबसे कम कमी (-5%) जबकि दक्षिण प्रायद्वीप में सबसे अधिक कमी (-28%) दर्ज की गई।
सप्ताह 1 (17-23 सितंबर) का पूर्वानुमान
मानसून की वापसी: पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी 19 सितंबर के आसपास शुरू होने की संभावना।
भारी वर्षा अलर्ट (राज्यवार):
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर:
- 17 सितंबर को गरज-चमक के साथ वर्षा
- पंजाब में भी 17 सितंबर को वर्षा
- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 17 सितंबर को अलग-थलग भारी वर्षा
- पूर्वी राजस्थान में 17-18 सितंबर को भारी वर्षा
मध्य भारत:
- पूर्वी मध्य प्रदेश: 17-18 सितंबर को वर्षा
- विदर्भ: 22-23 सितंबर को वर्षा
- छत्तीसगढ़: 18-23 सितंबर तक व्यापक वर्षा, 20-23 सितंबर को भारी वर्षा
पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत:
- अंडमान-निकोबार: 17-23 सितंबर तक व्यापक वर्षा, 18-20 सितंबर को भारी वर्षा
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 17 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा, 18 सितंबर को भारी वर्षा
- गंगीय पश्चिम बंगाल: 17-20 सितंबर और 23 सितंबर को वर्षा
- ओडिशा: 21-23 सितंबर को वर्षा, 17-18 और 23 सितंबर को भारी वर्षा
- बिहार: 17-18 सितंबर को भारी वर्षा
- असम-मेघालय: 17, 19-21 सितंबर को भारी वर्षा
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: 19 सितंबर को भारी वर्षा
पश्चिमी तट:
- कोंकण और गोवा: 17 और 20-23 सितंबर को व्यापक वर्षा
- मध्य महाराष्ट्र: 21-22 सितंबर को वर्षा और भारी वर्षा
- गुजरात क्षेत्र: 17-19 सितंबर को वर्षा
- सौराष्ट्र और कच्छ: 17 सितंबर को भारी वर्षा
दक्षिण भारत:
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल: 17-23 सितंबर तक भारी वर्षा
- केरल और माहे: 17-20 सितंबर को भारी वर्षा
- कर्नाटक तटीय, उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक: 20-21 सितंबर को भारी वर्षा
- तटीय आंध्र प्रदेश और यानम: 19-21 और 23 सितंबर को भारी वर्षा
- रायलसीमा: 19-21 सितंबर को भारी वर्षा
- तेलंगाना: 20-23 सितंबर को भारी वर्षा
दिलचस्प बात यह है कि संपूर्ण देश में सप्ताह 1 के दौरान वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।
सप्ताह 2 (24-30 सितंबर) का पूर्वानुमान
वर्षा पूर्वानुमान:
- पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र: हल्की से मध्यम बिखरी वर्षा
- पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिखरी से व्यापक वर्षा, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर में अलग-थलग भारी वर्षा
- कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक: बिखरी से व्यापक वर्षा, भारी वर्षा की संभावना
- प्रायद्वीपीय भारत के बाकी हिस्से: बिखरी वर्षा
वर्षा गतिविधि: पूर्व और आसन्न मध्य तथा प्रायद्वीपीय भारत में सप्ताह के पहले भाग में सामान्य से अधिक, बाकी हिस्सों में सामान्य से कम।
संपूर्ण देश में सप्ताह 2 के दौरान वर्षा सामान्य के करीब रहने की संभावना है।
तापमान पूर्वानुमान
सप्ताह 1 (17-23 सितंबर):
- उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4°C अधिक
- प्रायद्वीपीय, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 2-3°C अधिक
- शेष देश में सामान्य (-1.5 से +1.5°C)
- देश के किसी भी हिस्से में लू (Heat Wave) की संभावना नहीं
सप्ताह 2 (24-30 सितंबर):
- उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 2-4°C अधिक
- शेष देश में सामान्य
- लू या गर्म रातों की कोई संभावना नहीं
El Niño और IOD का प्रभाव
El Niño स्थिति:
- मध्यम El Niño स्थिति वर्तमान में विद्यमान
- मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र सतह तापमान सामान्य से अधिक
- Monsoon Mission Coupled Forecast System (MMCFS) के अनुसार मानसून के बचे हुए दिनों में और मजबूत होने की संभावना
Indian Ocean Dipole (IOD):
- वर्तमान में तटस्थ IOD स्थिति
- MMCFS के अनुसार मानसून के बचे हुए दिनों में तटस्थ बनी रहने की संभावना
- हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्र सितंबर में सकारात्मक IOD विकसित होने का संकेत दे रहे हैं
किसानों के लिए सलाह (Agromet Advisories)
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- धान के खेतों में सुरक्षित जल स्तर बनाए रखें
- धान, हरे चने और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालें
ओडिशा:
- धान, मक्का, बाजरा, अदरक, हल्दी, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- सब्जी की नर्सरी की रक्षा करें, वर्षा बंद होने तक खेती के कार्य स्थगित करें
बिहार और झारखंड:
- धान, मक्का, तिल, अरहर और अन्य खड़ी फसलों में उचित जल निकासी बनाए रखें
असम और मेघालय:
- मक्का, उड़द, मूंग और तिल के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- धान में उपयुक्त जल स्तर बनाए रखें
पंजाब और हरियाणा:
- खड़ी फसलों में पर्याप्त जल निकासी रखें
- गीली परिस्थितियों में सिंचाई और खेती के काम रोकें
तमिलनाडु और केरल:
- खड़ी फसलों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालें
- केले के पौधों को सहारा दें और गन्ने को गिरने से बचाएं
मवेशियों और मछली पालन के लिए सलाह
- भारी वर्षा के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- संतुलित आहार प्रदान करें
- चारा और भोजन को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर जाली लगाकर अतिरिक्त पानी निकालने का प्रबंध करें
मुख्य बातें (Key Points):
- बंगाल की खाड़ी में 19 सितंबर को Low Pressure बनने की संभावना
- 21-22 सितंबर को Depression में तब्दील होने की प्रबल संभावना
- ओडिशा-आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ने का अनुमान
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 17 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा
- छत्तीसगढ़ में 20-23 सितंबर तक भारी वर्षा
- तमिलनाडु में 17-23 सितंबर तक लगातार भारी वर्षा
- पश्चिम राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी शुरू
- मानसून सीजन (1 जून-16 सितंबर) में देश में कुल 15% कम वर्षा
- किसी भी क्षेत्र में लू (Heat Wave) की संभावना नहीं










