Punjab Government Employees Protest गुरुवार को जलंधर में एक बड़े political confrontation में बदल गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रदर्शनकारी सरकारी कर्मचारियों के बीच निर्धारित बैठक उस समय पूरी तरह से बिगड़ गई जब CM ने अचानक एक पोस्ट के जरिए मीटिंग रद्द कर दी। इसके बाद कर्मचारी यूनियनों ने ‘महा हड़ताल’ का ऐलान कर दिया और बीएमसी चौक जाम करने की धमकी दे दी। पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई, कर्मचारियों ने DC office की दीवारें फांदीं और पुलिस ने मुख्यमंत्री को चुपचाप Old Baradari स्थित उनके आवास पर पहुंचा दिया। यह प्रदर्शन Dearness Allowance (DA) की लंबे समय से बकाया किस्तों और Old Pension Scheme (OPS) बहाली की मांग को लेकर था।
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सुबह से तैयारी: Mass Casual Leave लेकर DC Office पहुंचे कर्मचारी
देखा जाए तो मतभेद सुबह से ही शुरू हो गए थे। विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक आम छुट्टी (mass casual leave) लेकर जलंधर में Deputy Commissioner के office complex में इकट्ठा होना शुरू कर दिया।
यह प्रदर्शन DA की लंबे समय से बकाया installments और Old Pension Scheme को फिर से लागू करने की यूनियनों की मांगों को लेकर था। प्रदर्शनकारी यूनियनों की 16 सदस्यीय प्रतिनिधि कमेटी बनाई गई थी जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बातचीत करनी थी।
दिलचस्पबात यह है कि CM Mann को PAP Chowk में मौजूद रहना था। बाकी कर्मचारी परिणाम की प्रतीक्षा करते हुए DC office में ही बैठे रहे। बातचीत दोपहर 1 बजे के करीब शुरू होने वाली थी।
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दोपहर 1 बजे: CM की पोस्ट ने सब बदल दिया
लेकिन ठीक बैठक से पहले, मुख्यमंत्री मान ने एक post साझा की जिसमें कहा गया कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं चल सकतीं। इसका मतलब साफ था – किसी भी बातचीत के लिए पहली शर्त यह रख दी गई कि यूनियनें पहले अपनी ‘हड़ताल’ वापस लें।
समझने वाली बात यह है कि जमीनी स्तर पर इस बयान को भड़काऊ बयान के रूप में देखा गया। यूनियन नेताओं ने, जिन्होंने पहले ही हजारों कर्मचारियों को लामबंद कर लिया था, इसे आखिरी समय पर शर्तें बदलने और निर्धारित मीटिंग को रद्द करने के रूप में देखा।
गुस्सा भड़का: BMC Chowk जाम करने का ऐलान
इसका कड़ा विरोध करते हुए Government Teachers and Employees Union के अध्यक्ष नवप्रीत सिंह ने घोषणा की कि जब तक मुख्यमंत्री उनके प्रतिनिधियों को सुनने का मौका नहीं देते, तब तक कर्मचारी अनिश्चित काल के लिए BMC Chowk jam करेंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस घोषणा के साथ तुरंत हलचल मच गई। DC office complex के अंदर कर्मचारियों ने सरकार विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी और मार्च करते हुए सड़कों पर निकल आए।
DC Office में हंगामा: दीवारें फांदकर निकले कर्मचारी
Punjab Government Employees Protest अब हिंसक मोड़ पर पहुंच रहा था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बाहर जाने की कोशिश की, पुलिस ने DC office के मुख्य दरवाजों को तुरंत seal कर दिया।
रास्ते को पूरी तरह से बंद करने के लिए पुलिस की बसें और दंगा रोकू वाहन खड़े कर दिए गए। कर्मचारियों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्थानीय पुलिस की मदद के लिए विशेष दंगा रोकू यूनिट भी तैनात किए गए थे।
लेकिन अगर गौर करें तो कर्मचारी पीछे नहीं हटे। उन्होंने complex की चारदीवारी की दीवारों को फांद लिया और घेराबंदी तोड़ने के लिए दूसरे दरवाजों का इस्तेमाल किया।
हालांकि, DC office से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर ही उनके march को रोक लिया गया, जहां पुलिस ने एक बार फिर उनके आगे बढ़ने के रास्ते को रोक दिया।
CM Mann को चुपके से ले गए Old Baradari
जैसे-जैसे जमीनी हालात बिगड़ते गए, मुख्यमंत्री भगवंत मान को किसी भी सीधे टकराव से बचाने के लिए चुपचाप PAP Chowk से Old Baradari स्थित उनके आवास की ओर ले जाया गया।
यह एक political embarrassment थी। CM को अपने ही प्रदेश में, अपने ही कर्मचारियों के प्रदर्शन से बचने के लिए पीछे के दरवाजे से ले जाया गया।
यूनियन नेताओं के फोन जब्त: आधे घंटे का टकराव
सड़क पर यह भारी जमावड़ा सिर्फ आधा घंटा ही रहा। संयुक्त एक्शन कमेटी के convener गुरनाम सिंह विर्क की अगुवाई में कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दे रहे यूनियन नेताओं के फोन जब्त कर लिए गए।
Deputy Commissioner of Police मनप्रीत ढिल्लों ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बता दिया है कि मीटिंग अगले हफ्ते तक स्थगित कर दी गई है।
Punjab Government Employees Protest: DA और OPS की मांग
| मांग | विवरण | स्थिति |
|---|---|---|
| DA किस्तें | लंबे समय से बकाया Dearness Allowance | लंबित |
| Old Pension Scheme | पुरानी पेंशन योजना बहाली | सरकार ने अभी मंजूरी नहीं दी |
| बातचीत | CM के साथ 16 सदस्यीय कमेटी की मीटिंग | रद्द (अगले हफ्ते तक टली) |
| Mass Leave | हजारों कर्मचारियों ने छुट्टी ली | प्रदर्शन जारी |
कर्मचारियों ने वित्त मंत्री से मिलने से किया इनकार
हालांकि, कर्मचारियों के प्रतिनिधि अभी भी PAP Complex के अंदर अपनी बात रखने की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा या वित्त सचिव के साथ मीटिंग करने से साफ इनकार कर दिया था।
समझने वाली बात यह है कि कर्मचारियों का कहना था कि वे सिर्फ मुख्यमंत्री से ही बात करेंगे। Junior level की बैठक से उन्हें कोई संतुष्टि नहीं होगी।
AAP सरकार पर बढ़ता दबाव
यह घटना Aam Aadmi Party सरकार के लिए एक बड़ा political setback है। जिस पार्टी ने ‘आम आदमी’ के नाम पर सत्ता में आई थी, उसी के कर्मचारी आज सड़कों पर हैं।
DA की बकाया किस्तें और OPS की मांग कोई नई मांग नहीं है। लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
विपक्ष का हमला तय
अगर गौर करें तो यह घटना विपक्षी दलों को हमला करने का बड़ा मौका देगी। Congress और Akali Dal-BJP गठबंधन (अगर बनता है) इस मुद्दे को चुनाव तक उठाते रहेंगे।
कर्मचारियों का वोट बैंक काफी बड़ा होता है। उनके परिवारों को जोड़ दें तो यह संख्या और भी बड़ी हो जाती है। इनकी नाराजगी AAP के लिए भारी पड़ सकती है।
अगला कदम क्या होगा
फिलहाल मीटिंग अगले हफ्ते तक टल गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार इस बीच कोई ठोस proposal लेकर आएगी?
अगर अगले हफ्ते भी बातचीत बेनतीजा रही या फिर से टाल दी गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं, जिससे पूरे प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- जलंधर में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक मोड़ पर, CM Mann ने मीटिंग रद्द की
- DA की बकाया किस्तें और Old Pension Scheme बहाली की मांग
- CM की पोस्ट में शर्त: पहले हड़ताल वापस लो, तब बात होगी
- नवप्रीत सिंह ने BMC Chowk अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का ऐलान किया
- कर्मचारियों ने DC office की दीवारें फांदीं, पुलिस ने रोका
- CM Mann को चुपके से PAP Chowk से Old Baradari ले जाया गया
- यूनियन नेता गुरनाम सिंह विर्क समेत नेताओं के फोन जब्त
- मीटिंग अगले हफ्ते तक स्थगित, वित्त मंत्री से मिलने से इनकार
- AAP सरकार के लिए बड़ा political setback
- 16 सदस्यीय प्रतिनिधि कमेटी अभी भी CM से बात की उम्मीद में












