IMD Weather Forecast के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 से देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ और हिस्सों से अगले 2-3 दिनों में वापसी करने वाला है, लेकिन इसकी विदाई से पहले कई राज्यों में जमकर बारिश होने की संभावना है।
समझने वाली बात है कि एक तरफ मानसून जा रहा है और दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण मिलकर कई इलाकों में तूफानी बारिश का कारण बन रहे हैं। तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार और केरल में 7 से 11 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
🔍 यह भी पढ़ें- IMD Weather Alert: अंडमान में तूफान, उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
‘किन-किन राज्यों में बारिश का अलर्ट: पूरा शेड्यूल’
देखा जाए तो मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते का जो अनुमान जारी किया है, वो काफी गंभीर है। 7 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार और झारखंड में भारी बारिश की संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 और 8 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है।
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण भारत में केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और काराइकल में 8 से 10 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। यानी मानसून जाते-जाते इन इलाकों में एक आखिरी ज़ोरदार बारिश देकर जाएगा।
| राज्य/क्षेत्र | भारी बारिश की तारीख | बारिश की तीव्रता |
|---|---|---|
| तमिलनाडु, पुडुचेरी | 8-10 अक्टूबर | भारी से बहुत भारी |
| केरल, माहे | 8-10 अक्टूबर | भारी |
| हिमाचल प्रदेश | 7 अक्टूबर | भारी |
| उत्तराखंड | 8-9 अक्टूबर | भारी |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 7 अक्टूबर | भारी |
| बिहार, झारखंड | 7 अक्टूबर | भारी |
| पश्चिम बंगाल, सिक्किम | 7-8 अक्टूबर | भारी |
‘उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: बिजली और तेज़ हवाओं की चेतावनी’
अगर गौर करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। यह विक्षोभ मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फीयर में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 74°E देशांतर के साथ चल रहा है। इसके अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपर निचले ट्रोपोस्फीयर स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इसका असर यह होगा कि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 7-8 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 7 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं। पंजाब में भी 7-8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 7-8 अक्टूबर को अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक हो सकती है। यानी राजधानी में भी मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है।
‘दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन: तापमान में गिरावट, हल्की बारिश की उम्मीद’
दिल्ली की बात करें तो पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री ऊपर है, जो चिंता का विषय है क्योंकि अक्टूबर में इतनी गर्मी असामान्य है।
7 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा, लेकिन दोपहर-शाम तक आंशिक बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री रहने का अनुमान है। 8 अक्टूबर को आंशिक बादल रहेंगे और तापमान 33-35 डिग्री के बीच रहेगा।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: 9 अक्टूबर को दिल्ली में सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। इस दिन तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री तक गिर सकता है। 10 अक्टूबर को भी आंशिक बादल रहेंगे और तापमान 32-34 डिग्री के आसपास रहेगा। हवाओं की दिशा दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की तरफ बदलेगी और रफ्तार 20-25 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
‘पूर्वी और मध्य भारत: झारखंड, बिहार और ओडिशा में तूफानी बारिश’
पूर्वी भारत में स्थिति और भी गंभीर है। झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में 8 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। बिहार में 7 से 10 अक्टूबर तक बारिश जारी रहेगी। ओडिशा में 7 से 13 अक्टूबर तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश हो सकती है।
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-9 अक्टूबर को बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 7-8 अक्टूबर को गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
‘दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु में मानसून की आखिरी मार’
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। केरल में 7 से 11 अक्टूबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7-9 अक्टूबर को तेज़ हवाएं चलेंगी और गरज-चमक होगी। कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी 7 से 13 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला रहेगा।
राहत की बात यह है कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 9-13 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जो वहां के जल संसाधनों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
‘किसानों के लिए मौसम विभाग की खास एडवाइज़री’
सवाल उठता है कि इस बारिश का किसानों पर क्या असर पड़ेगा? मौसम विभाग ने इसका जवाब देते हुए विस्तृत कृषि-मौसम एडवाइज़री जारी की है।
तमिलनाडु में केला, धान और अन्य फसलों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। केले के पौधों को सहारा दें और गन्ने को टेक लगाएं। खेत गीले रहने तक सिंचाई, खाद और कीटनाशक का छिड़काव टाल दें।
केरल में धान, केला, नारियल, काली मिर्च, अदरक, हल्दी और सब्जियों की फसलों में जल निकासी पर विशेष ध्यान दें। पकी हुई धान की फसल को साफ मौसम में काटकर सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें।
बिहार में धान, मक्का, अरहर और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें। झारखंड में भी सब्जी की नर्सरी को अत्यधिक बारिश से बचाएं। हिमाचल प्रदेश में मक्का, अदरक और हल्दी के खेतों से पानी निकालें और पकी हुई मक्का और राजमाश को सूखी जगह पर स्टोर करें।
उत्तराखंड में धान, सोयाबीन, मक्का, मंडुआ और टमाटर की फसलों में जल निकासी बनाए रखें। मौसम साफ होने पर पकी हुई सब्जियां तोड़कर सुरक्षित रखें।
‘भारी बारिश से क्या-क्या नुकसान हो सकता है’
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज़ हवाओं से पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं, केले और पपीते जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। कमज़ोर इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंच सकता है। कच्चे मकानों, झोपड़ियों और सड़कों को नुकसान हो सकता है। निचले इलाकों में भूस्खलन, कीचड़ और जलभराव की संभावना है। सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। हेलीकॉप्टर सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं।
मौसम विभाग की सलाह है कि लोग मौसम पर नज़र रखें और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं। पेड़ों के नीचे शरण न लें क्योंकि बिजली गिरने का खतरा है। बिजली गिरने की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तुरंत अनप्लग करें और पानी की सतहों से दूर रहें।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा इस समय 27.5°N/86.5°E, सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभनी, बारामती, हरनई और 17.5°N/71.8°E से गुज़र रही है। मानसून धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसक रहा है, लेकिन इसकी विदाई से पहले पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण मिलकर देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के पहले हफ्ते में असामान्य बारिश का कारण बन रहे हैं। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के दौर में मौसम के बदलते पैटर्न को दर्शाती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक के कुछ और हिस्सों से वापस होगा।
- तमिलनाडु, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड में 7-10 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
- दिल्ली-NCR में 9 अक्टूबर को हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना, तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट होगी।
- किसानों को फसलों में जल निकासी सुनिश्चित करने और पकी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।










