Punjab State Electricity Regulatory Commission (PSERC) के नए चेयरपर्सन के रूप में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की नियुक्ति हो गई है। देखा जाए तो यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब पंजाब में बिजली सब्सिडी और टैरिफ को लेकर कई अहम फैसले लिए जाने हैं।
संजय गुप्ता ने 31 मई को ही सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति ली थी। उनके पास लोक प्रशासन और ऊर्जा क्षेत्र के प्रबंधन का लंबा अनुभव है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी जल्दी उन्हें यह प्रतिष्ठित जिम्मेदारी मिल गई।
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26 उम्मीदवारों में हुआ चयन
इस प्रतिष्ठित पद के लिए कई सेवानिवृत्त अधिकारियों समेत कुल 26 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था। चेयरपर्सन की चयन प्रक्रिया के लिए पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा की अगुआई में गठित तीन सदस्यीय समिति ने 27 मई को एक अहम बैठक की थी।
अगर गौर करें तो इस समिति द्वारा छांटे गए उम्मीदवारों के नामों की सूची मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को भेजी गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने संजय गुप्ता के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हुई।
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विश्वजीत खन्ना की जगह लेंगे गुप्ता
संजय गुप्ता पंजाब कैडर के पूर्व सीनियर अधिकारी विश्वजीत खन्ना की जगह लेंगे। विश्वजीत खन्ना का कार्यकाल अप्रैल महीने में खत्म हो गया था। समझने वाली बात यह है कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद PSERC के सदस्य रविंदर सैणी अस्थायी तौर पर कार्यकारी चेयरपर्सन के रूप में काम देख रहे थे।
हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग एक महीने तक यह अहम पद खाली रहा। अब संजय गुप्ता की नियुक्ति से इस पद पर स्थायित्व आ गया है।
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सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां
बतौर बिजली रेगुलेटरी चेयरपर्सन संजय गुप्ता के सामने पंजाब में कई बड़ी चुनौतियां होंगी। सबसे पहले, उन्हें प्रदेश में बिजली दरों को तर्कसंगत बनाना (Tariff Rationalisation) होगा। दूसरा बड़ा काम पंजाब सरकार द्वारा दी जाने वाली बिजली सब्सिडी की राशि समय पर जारी करवाना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पंजाब में किसानों को मुफ्त बिजली और घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जाती है। इसका भारी बोझ बिजली कंपनियों पर पड़ता है। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को ग्रिड से जोड़ने का काम भी अहम है।
संजय गुप्ता को प्रदेश के उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के निर्विघ्न बिजली सप्लाई सुनिश्चित करनी होगी। राहत की बात यह है कि उनके पास ऊर्जा क्षेत्र का लंबा अनुभव है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वे इन चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर पाएंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता बने Punjab State Electricity Regulatory Commission के नए चेयरपर्सन
- 26 उम्मीदवारों में से CM भगवंत मान ने किया चयन
- बिजली टैरिफ, सब्सिडी और रिन्यूएबल एनर्जी होंगी बड़ी चुनौतियां
- विश्वजीत खन्ना की जगह ली, जिनका कार्यकाल अप्रैल में खत्म हुआ था













