Punjab Govt द्वारा आश्रित और जरूरतमंद बच्चों के कल्याण तथा सर्वांगीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Dr. Baljit Kaur ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मार्च माह के लिए पंजाब सरकार ने 35.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है।
जिससे राज्य भर के 2.36 लाख से अधिक जरूरतमंद बच्चों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है। यह घोषणा Chandigarh में की गई।
देखा जाए तो यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की प्राथमिकता साफ दिख रही है।
432.78 करोड़ का बजट प्रावधान
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 432.78 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
ताकि अधिक से अधिक आश्रित बच्चों को निरंतर वित्तीय सहायता दी जा सके। यह एक बड़ी राशि है जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अगर गौर करें तो यह केवल एकमुश्त सहायता नहीं है, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। हर महीने हजारों बच्चों को नियमित सहायता मिल रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास
इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए Dr. Baljit Kaur ने कहा कि इस योजना से लाखों आश्रित बच्चों को लाभ मिल रहा है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। समझने वाली बात यह है कि यह योजना बच्चों को केवल पैसा नहीं देती, बल्कि उनके भविष्य में निवेश करती है।
मुख्यमंत्री मान का जन-हितैषी दृष्टिकोण
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में Punjab सरकार जन-हितैषी और मानवीय सोच वाली योजनाओं को लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण कदम है।
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को अपनी नीतियों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यह दृष्टिकोण राज्य के विकास में दिख रहा है।
कौन से बच्चे आते हैं योजना में
डॉ. बलजीत कौर ने यह भी बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन बच्चों को शामिल किया जाता है:
- जिनकी आयु 21 वर्ष से कम है
- जिनके माता-पिता का निधन हो चुका हो
- या वे लापता हों
- अथवा माता-पिता शारीरिक या मानसिक रूप से परिवार की देखभाल करने में सक्षम न हों
इस योजना के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता से ऐसे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और उनके जीवन स्तर में सुधार करने में मदद मिलती है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि योजना की पात्रता व्यापक है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी जरूरतमंद बच्चा छूट न जाए।
सामाजिक सुरक्षा में मजबूती
Dr. Baljit Kaur ने दोहराया कि Punjab Govt सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े हर बच्चे की देखभाल, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि Punjab सरकार का उद्देश्य एक सुरक्षित, समावेशी और प्रगतिशील पंजाब का निर्माण करना है। जहां हर बच्चे को आगे बढ़ने और अपने भविष्य का निर्माण करने के समान अवसर मिल सकें।
राहत की बात यह है कि यह योजना लगातार जारी है और बजट में इसे पर्याप्त राशि आवंटित की गई है। इससे निरंतरता सुनिश्चित होती है।
मुख्य बातें (Key Points):
- Punjab Govt ने आश्रित बच्चों के लिए 35.50 करोड़ रुपये जारी किए
- 2.36 लाख से अधिक बच्चों को सीधा लाभ मिला
- 2026-27 में 432.78 करोड़ का बजट प्रावधान
- 21 वर्ष से कम आयु के अनाथ/आश्रित बच्चों को शामिल किया गया
- शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास पर फोकस













