Punjab Dengue Prevention 2026: पंजाब सरकार ने मानसून सीजन से पहले डेंगू और अन्य बीमारियों के खिलाफ बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा की संयुक्त अध्यक्षता में चंडीगढ़ में उच्च-स्तरीय राज्य टास्क फोर्स बैठक हुई। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पंजाब में डेंगू के मामले 2021 में 23,389 से घटकर 2025 में सिर्फ 4,981 रह गए और मौतों की संख्या 55 से घटकर मात्र 8 हुई।
”वन हेल्थ’ दृष्टिकोण की अपील’
Punjab Dengue Prevention 2026 के तहत स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बैठक में जोर देकर कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, रेबीज और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों से निपटने के लिए ‘वन हेल्थ’ (One Health) दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है। इसका मतलब है कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य की रणनीतियों को एकीकृत करके एक साथ काम करना होगा।
यह दृष्टिकोण इसलिए अहम है क्योंकि कई बीमारियां जानवरों से इंसानों में फैलती हैं (जूनोटिक बीमारियां) और पर्यावरणीय स्थितियां जैसे जमा पानी और गंदगी मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देती हैं। जब तक तीनों मोर्चों पर एक साथ काम नहीं होगा, इन बीमारियों पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल है।
‘डायग्नोस्टिक ढांचा हुआ मजबूत’
Punjab Dengue Prevention 2026 के तहत पंजाब ने अपने डायग्नोस्टिक (जांच) ढांचे को काफी मजबूत किया है। अब राज्य के 47 सेंटिनल निगरानी अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए मुफ्त एलिसा (ELISA) टेस्ट उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही सभी आम आदमी क्लीनिकों में मलेरिया RDT (रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट) और डेंगू जांच का विस्तार किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा क्योंकि अब उन्हें जांच के लिए दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा और समय पर बीमारी की पहचान हो सकेगी।
‘हैरानीजनक गिरावट: 4 साल में केस 78% घटे’
Punjab Dengue Prevention 2026 की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि डेंगू के मामलों में हैरानीजनक गिरावट दर्ज की गई है। 2021 में 23,389 पुष्ट मामले सामने आए थे, जो 2025 में घटकर सिर्फ 4,981 रह गए। इसी दौरान डेंगू से होने वाली मौतों की संख्या 55 से घटकर मात्र 8 हुई।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह गिरावट विभाग द्वारा घर-घर निगरानी और पिछले सीजन के दौरान 1.5 करोड़ (15 मिलियन) दौरों की रणनीतिक पहल का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी और जागरूकता अभियान कितने प्रभावी साबित हुए।
”हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ को जन आंदोलन बनाने का निर्देश’
Punjab Dengue Prevention 2026 के तहत स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ अभियान (हर शुक्रवार सुबह 8 से 9 बजे) को जन आंदोलन बनाया जाए। इसमें छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि कूलर, गमलों और ओवरहेड टैंकों में जमा पानी जैसे मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म किया जा सके।
डॉ. बलबीर सिंह ने चिंता जताई कि डेंगू अब केवल शहरी बीमारी नहीं रही। 2025 में लगभग 42% मामले ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए। इसी कारण अब फॉगिंग, गांवों के तालाबों में लार्वीसाइडल स्प्रे और मच्छरों के नियंत्रण के लिए गैंबूसिया मछली छोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गैंबूसिया मछली मच्छरों के लार्वा को खाती है, जो डेंगू की रोकथाम का एक प्राकृतिक और कारगर तरीका है।
‘रेबीज नियंत्रण: 746 सरकारी सुविधाओं में टीके उपलब्ध’
Punjab Dengue Prevention 2026 बैठक में डेंगू के अलावा जूनोटिक (पशुजनित) खतरों पर भी गंभीर चर्चा हुई। डॉ. बलबीर सिंह ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य भर में 746 सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में एंटी-रेबीज टीके उपलब्ध हैं।
उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि कुत्तों की आबादी में 70% हर्ड इम्युनिटी हासिल करने के लिए जिला-वार पशु जन्म नियंत्रण (ABC) सुविधाओं के निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से भी अपील की कि निजी डॉक्टर सभी अधिसूचित बीमारियों की तुरंत रिपोर्ट करें ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
‘पानी से होने वाली बीमारियां और लेप्टोस्पायरोसिस का प्रकोप’
Punjab Dengue Prevention 2026 बैठक में पानी से होने वाली बीमारियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। डॉ. बलबीर सिंह ने स्थानीय निकाय और जल आपूर्ति विभागों को निर्देश दिया कि पीने के पानी की 100% क्लोरीनीकरण सुनिश्चित की जाए। हेपेटाइटिस A, E, डायरिया और हैजा के प्रकोप को रोकने के लिए पहचाने गए हॉटस्पॉट पर नियमित सैंपलिंग भी की जाएगी।
जिला फिरोजपुर के गांव हजारा सिंह वाला में हाल ही में फैले लेप्टोस्पायरोसिस के प्रकोप पर चिंता जताते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि वे इस प्रकोप के कारणों का पता लगाने और सुधार सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर के साथ गांव का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी किसी भी बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए मॉडल SOP तैयार की जाएगी।
‘वित्त मंत्री चीमा ने दिया भरोसा’
Punjab Dengue Prevention 2026 बैठक में वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भरोसा दिलाया कि वित्त विभाग हर आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सभी पंजाब रोडवेज और PRTC वर्कशॉपों को एडीज मच्छर के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बनने वाले टायरों और वाहनों के रद्दी पुर्जों के समय पर निपटान के निर्देश दिए गए हैं।
चीमा ने सभी भागीदारों से 2026 में बीमारी-मुक्त पंजाब के लक्ष्य के लिए प्रयासों की गति बनाए रखने की अपील की। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, पंजाब विकास आयोग सदस्य अनुराग कुंडू, MD PHSC अमित तलवार, सचिव स्थानीय निकाय मनजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्वास्थ्य डॉ. हितिंदर कौर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Punjab Dengue Prevention 2026: डेंगू के मामले 2021 में 23,389 से घटकर 2025 में 4,981 हुए, मौतें 55 से सिर्फ 8 रही।
- ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ अभियान को जन आंदोलन बनाने का निर्देश, 42% मामले अब ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे।
- 47 अस्पतालों में मुफ्त ELISA टेस्ट, 746 सरकारी सुविधाओं में एंटी-रेबीज टीके उपलब्ध।
- 100% पीने के पानी का क्लोरीनीकरण, फिरोजपुर में लेप्टोस्पायरोसिस प्रकोप की जांच होगी।













