Punjab Congress Crisis एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी कलह के बीच अब सियासी हलचल और तेज हो गई है। चर्चा है कि प्रियंका गांधी ने पंजाब इकाई की कारगुजारी, संगठन की स्थिति और लीडरशिप से जुड़े कई अहम मुद्दों पर फीडबैक मांगा है। राजा वड़िंग को प्रधान के तौर पर जारी रखने के फैसले, सर्वे और फीडबैक रिपोर्टों को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- FBI charges Punjab Police SHO: पंजाब पुलिस का SHO अब FBI के रडार पर
पंजाब का कलह दिल्ली पहुंचा
देखा जाए तो पंजाब कांग्रेस का जो कलह चल रहा था, वह अब दिल्ली पहुंच गया है। पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर पिछले कई महीनों से कवायद चल रही थी। कभी कमेटी बनती थी, मीटिंगें होती थीं, रिपोर्टें तैयार होती थीं, कभी सर्वे होते थे।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही निकलकर आया कि तबदीली फिर भी नहीं हुई। और चरणजीत सिंह चन्नी व उनका धड़ा लगातार सवाल खड़े कर रहा था कि आखिर बदलाव क्यों नहीं किया गया।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Grain Storage Crisis: गोदाम भरे, किसानों की चिंता बढ़ी
राहुल गांधी को गुमराह करने का आरोप
समझने वाली बात यह है कि जब चन्नी धड़े के कुछ लोग दिल्ली पहुंचे, तो उन्होंने कुछ चर्चाएं, रिपोर्टें और शिकायतें हाईकमान को दीं। इसके बाद जो सबसे इंपोर्टेंट बात निकलकर आई, वह यह थी कि इन सारी चीजों को अनदेखा क्यों किया गया।
आरोप यह भी है कि राहुल गांधी को पंजाब को लेकर गुमराह किया गया, यानी जो रिपोर्टें थीं, उन्हें सही तरीके से पेश नहीं किया गया।
इससे पहले नवजोत कौर सिद्धू ने भी सवाल खड़े किए थे कि कांग्रेस में “अटैची” चलती है और कुछ लोग राहुल गांधी के आसपास मैनेज किए हुए हैं, जो बातें ऊपर तक जाने ही नहीं देते।
💡 यह भी पढ़ें- PM Kisan 23वीं किस्त: खाते में पैसा नहीं आया? तुरंत करें ये काम
प्रियंका गांधी के तीखे सवाल
अगर गौर करें, तो अब सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी खुलकर पंजाब के लिए सामने आ गए हैं। प्रियंका गांधी ने कई सवाल केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस प्रधान मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चर्चा में उठाए।
मुख्य सवाल इस तरह रहे: जब इतनी नाराजगी थी, तो राजा वड़िंग को प्रधान के तौर पर कंटीन्यू क्यों किया गया? जब लीडर लगातार फीडबैक दे रहे थे, तो उस पर काम क्यों नहीं हुआ? और इसके लिए जिम्मेवार कौन है?
भूपेश बघेल की भूमिका पर भी सवाल
इसी वजह से भूपेश बघेल को पांच दिन की जिम्मेवारी लगाई गई है, और यह जिम्मेवारी कई सवाल खड़े करके लगाई गई। मौजूदा पंजाब कांग्रेस इंचार्ज की भूमिका पर भी प्रियंका गांधी ने नाराजगी जाहिर की है।
चन्नी धड़े के लीडर इंचार्ज पर भी आरोप लगाकर आए हैं कि वे “मिले हुए” हैं और एकतरफा काम करते हैं।
सर्वे और ग्राउंड रिएलिटी में फर्क
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सर्वे करने वाली टीम (सुनील की टीम) पर भी बड़े सवाल खड़े हुए। सर्वे में सामने आया कि पॉपुलर फेस चन्नी हैं और राजा वड़िंग को लेकर नाराजगी है। फिर भी उस पर काम क्यों नहीं हुआ, यह सवाल उठा।
प्रियंका गांधी ने कहा कि चाहे बिहार देख लो, महाराष्ट्र या असम, हर जगह रिपोर्ट कुछ और कहती थी और सर्वे की ग्राउंड रिएलिटी कुछ और निकली, और अब पंजाब में भी यही हालात बन रहे हैं।
आगे की सियासी तस्वीर
चर्चा है कि अब प्रियंका गांधी पंजाब में तगड़ा इंटरेस्ट ले रही हैं और इसे रिजॉल्व करने वाले पासे चल रही हैं। जल्द ही प्रियंका गांधी इस मसले पर बोलती नजर आ सकती हैं।
समझने वाली बात यह है कि आने वाले दिन राजा वड़िंग के लिए थोड़े मुश्किल हो सकते हैं, क्योंकि फीडबैक, मीटिंगों, रिपोर्टों और सर्वे को लेकर पूरा सिस्टम ही सवालों के घेरे में है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी कलह में अब प्रियंका गांधी की सीधी एंट्री।
- राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने के फैसले पर बड़े सवाल।
- राहुल गांधी को पंजाब को लेकर गुमराह करने का आरोप।
- सर्वे में चन्नी को पॉपुलर फेस बताया गया, फिर भी बदलाव न होने पर सवाल।













