TASMAC Salary Hike इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोचिए, आप दुकान पर 150 रुपये की कोल्ड ड्रिंक या पानी की बोतल लेने जाते हैं और दुकानदार कहता है कि 160 रुपये लगेंगे, 10 रुपये एक्स्ट्रा। आप पूछेंगे क्यों? तो जवाब मिले, “लेना है तो लो, वरना आगे बढ़ जाओ।” गुस्सा आएगा ना?
तमिलनाडु में पिछले कई सालों से शराब खरीदने वाले करोड़ों लोगों के साथ हर दिन यही खेल हो रहा था, हर बोतल पर 10 रुपये एक्स्ट्रा।
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10 रुपये का खेल, 3600 करोड़ का घोटाला
सुनने में 10 रुपये बहुत छोटा लगता है, है ना? लेकिन जब इसका हिसाब पूरे साल का निकाला गया, तो जो आंकड़ा सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए, पूरे 3600 करोड़ रुपये का घोटाला।
अब तमिलनाडु की नई विजय सरकार ने इस खेल को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक मास्टर स्ट्रोक खेला है। सरकार ने सीधे शराब दुकानों यानी TASMAC के कर्मचारियों की सैलरी ही 25% बढ़ा दी है।
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सैलरी बढ़ने से शराब महंगी नहीं होगी
अब सवाल उठता है कि सैलरी बढ़ाने से भ्रष्टाचार कैसे रुकेगा और क्या शराब महंगी हो जाएगी? दिलचस्प बात यह है कि सरकार के निषेध और आबकारी मंत्री विग्नेश ने साफ कह दिया है कि सैलरी बढ़ने से शराब की कीमतों में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं होगी।
सरकार का तर्क बहुत सीधा है। इन दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को बहुत कम पैसे मिलते थे, जिसकी वजह से वे अपनी जेब भरने के लिए ग्राहकों से एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूलते थे। जब सरकार खुद अच्छी सैलरी देगी, तो भ्रष्टाचार का बहाना नहीं बचेगा।
मंत्री विग्नेश ने कहा, “मेरे लिए मेरे कर्मचारी और उनकी भलाई बहुत जरूरी है, लेकिन जनता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जनता को अपनी जेब से 1 रुपया भी एक्स्ट्रा देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।”
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आसान गणित से समझें 3600 करोड़ का हिसाब
आबकारी मंत्री विग्नेश ने विधानसभा में बताया कि साल 2021-22 के दौरान तमिलनाडु में हर दिन करीब 1 करोड़ शराब की बोतलें बेची जाती थीं। अब देखें यह हिसाब:
| अवधि | अवैध वसूली (हर बोतल पर ₹10) |
|---|---|
| एक दिन | 1 करोड़ बोतल × ₹10 = ₹10 करोड़ |
| एक महीना | ₹10 करोड़ × 30 = ₹300 करोड़ |
| एक साल | ₹300 करोड़ × 12 = ₹3,600 करोड़ |
यानी 10-10 रुपये करके जनता की जेब से हर साल करीब 3600 करोड़ रुपये लूट लिए गए।
पार्टी फंड कनेक्शन और सियासी घमासान
अब यहीं एंट्री होती है तमिलनाडु की सबसे बड़ी पॉलिटिकल फाइट की। सत्ताधारी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पिछली DMK सरकार के दौरान एमआरपी से ऊपर वसूला गया यह मोटा पैसा सीधे पार्टी फंड में जा रहा था।
सिर्फ शराब ही नहीं, सरकार का यह भी आरोप है कि पिछली सरकार ने सरकारी खरीद के टेंडरों की कीमत भी 40% तक बढ़ा ली थी, ताकि वहां से भी मोटा कमीशन निकाला जा सके।
DMK ने आरोप किए खारिज
समझने वाली बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों पर जवाब आना ही था। विपक्ष यानी DMK ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व आबकारी मंत्री सेंथिल बालाजी का कहना था कि जब भी ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें आईं, उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया और सस्पेंड भी किया।
यह लड़ाई तब और दिलचस्प हो गई जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया, जिस पर विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन भड़क गए और चुनौती दी कि अगर आरोपों में दम है तो टेबल पर सबूत पेश करके दिखाइए।
अब वसूली पर सीधा सस्पेंशन
नई विजय सरकार सिर्फ सैलरी बढ़ाकर शांत नहीं बैठी। आबकारी मंत्री ने चेतावनी दी है कि अब अगर कोई कर्मचारी ग्राहकों से एमआरपी से 1 रुपया भी ज्यादा लेता पकड़ा गया, तो उसे सीधे सस्पेंड कर दिया जाएगा, कोई सुनवाई नहीं होगी।
इसके अलावा, अगर 21 साल से कम उम्र का कोई लड़का या लड़की बार के अंदर पाया गया, तो उस बार का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
आम आदमी पर असर
राहत की बात यह है कि अगर यह कदम जमीन पर सही से लागू हुआ, तो शराब खरीदने वाले आम ग्राहक की जेब से हर बोतल पर होने वाली अवैध वसूली रुक जाएगी, और यही इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- तमिलनाडु की विजय सरकार ने TASMAC कर्मचारियों की सैलरी 25% बढ़ाई।
- सरकार का दावा, इससे हर बोतल पर 10 रुपये वसूली का खेल रुकेगा और शराब महंगी नहीं होगी।
- हर साल करीब 3600 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप, पार्टी फंड कनेक्शन का दावा।
- अब एमआरपी से ज्यादा वसूली पर सीधा सस्पेंशन, 21 से कम उम्र मिलने पर बार लाइसेंस रद्द।













