ED Raid Punjab AAP Minister: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, आम आदमी पार्टी सरकार के शक्तिशाली मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार सुबह जबरदस्त छापेमारी की। चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में मंत्री के सरकारी आवास, दिल्ली और गुरुग्राम के ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई हुई। करीब 15 गाड़ियों में आई ED की टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया और CRPF के जवान तैनात कर दिए गए।
देखा जाए तो, यह इस साल संजीव अरोड़ा पर तीसरी और इस महीने दूसरी बार ED की रेड है। जांच एजेंसी का आरोप है कि मंत्री ने अपनी कंपनी हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के जरिए मोबाइल फोन की ₹100 करोड़ से अधिक की फर्जी GST खरीद दिखाई। इसके बाद दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के निर्यात का इस्तेमाल किया गया।
जवाब में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, “पंजाब की तरफ आंख उठाकर मत देखना, पंजाबी आंखें निकाल देंगे। BJP का असली मतलब भारत जलाओ पार्टी है।”
सुबह 7 बजे 15 गाड़ियों में आई ED टीम, पूरा इलाका सील
शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ED की टीम अचानक कार्रवाई में उतर गई। 15 से अधिक गाड़ियों में आए अधिकारियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास को पूरी तरह से घेर लिया। घर के बाहर भारी संख्या में CRPF के जवान तैनात कर दिए गए। किसी को भी अंदर जाने या बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई।
ED सूत्रों के अनुसार, कुल चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें चंडीगढ़ का सरकारी आवास, गुरुग्राम और दिल्ली के ठिकाने शामिल हैं। साथ ही, हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के कार्यालय पर भी छापेमारी की गई।
समझने वाली बात यह है कि यह रेड आम नहीं थी। यह एक विस्तृत जांच का हिस्सा है जो कई महीनों से चल रही थी। ED को सूचना मिली थी कि संजीव अरोड़ा की कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और GST फ्रॉड हो रहा है।
₹100 करोड़ की फर्जी GST खरीद और दुबई कनेक्शन
जांच एजेंसी ने जो खुलासा किया है, वह चौंकाने वाला है। ED के मुताबिक, संजीव अरोड़ा की कंपनी हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड ने मोबाइल फोन की ₹100 करोड़ से अधिक की फर्जी खरीद दिखाई। यह खरीद दिल्ली की गैर-मौजूद (नॉन-एग्जिस्टेंट) फर्मों से कागजों पर की गई थी।
दिलचस्प बात यह है कि इन फर्जी खरीद बिलों का इस्तेमाल दो तरह से किया गया:
पहला – फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने के लिए। यानी कंपनी ने जो माल खरीदा ही नहीं, उस पर GST रिफंड मांग लिया।
दूसरा – एक्सपोर्ट पर GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए। कागजों पर दिखाया गया कि मोबाइल फोन का निर्यात किया जा रहा है।
लेकिन असली खेल यहां से शुरू हुआ। ED का कहना है कि इन फर्जी निर्यात के जरिए दुबई से भारत में अवैध रकम की “राउंड-ट्रिपिंग” की गई। यानी काले धन को सफेद बनाने का धंधा। दुबई से पैसा भेजा जाता, भारत में फर्जी निर्यात दिखाकर उसे वैध बना दिया जाता।
इस पूरे खेल में सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया।
CM भगवंत मान का BJP पर सीधा हमला – “पंजाबी आंखें निकाल देंगे”
ED की रेड के कुछ घंटों बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पहुंचे। और उन्होंने जो कहा, वह सीधे तौर पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना था।
मान ने कहा, “पंजाब की तरफ आंख उठाकर मत देखना। पंजाबी आंखें निकाल देंगे। यह गुरुओं की धरती है, यहां डराने-धमकाने वाली राजनीति नहीं चलेगी।”
अगर गौर करें तो CM का गुस्सा बेवजह नहीं था। उन्होंने साफ कहा कि ED, CBI, इनकम टैक्स और चुनाव आयोग को बीजेपी ने अपना “चुनावी हथियार” बना लिया है। उनका आरोप था कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को तोड़ने और डराने के लिए किया जा रहा है।
“ED रेड का मकसद ब्लैक मनी नहीं, BJP में भर्ती कराना है”
भगवंत मान ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर ED ने रेड की। दो दिन रेड चली। तीसरे दिन मित्तल साहब ने बीजेपी जॉइन कर ली। और उन्हें Y सिक्योरिटी भी दे दी गई।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि CM ने संकेत दिया कि संजीव अरोड़ा को भी डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अरोड़ा को कहा जा रहा है कि या तो बीजेपी में आ जाओ, नहीं तो तुम्हारा कारोबार बंद कर देंगे। लेकिन यह सब पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाबी डरने वाले नहीं हैं।”
CM ने आगे कहा, “मोदी जी को अब तक एक ही बार झुकना पड़ा है। एक ही बार यूटर्न लेकर माफी मांगनी पड़ी थी। और वह भी तब, जब पंजाब ने तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन किया था।”
“BJP का मतलब है भारत जलाओ पार्टी”
मान ने बीजेपी पर सबसे तीखा हमला यह कहकर किया कि “BJP का असली मतलब भारत जलाओ पार्टी है।” उन्होंने पश्चिम बंगाल का हवाला देते हुए कहा, “बंगाल में अभी बीजेपी ने शपथ ग्रहण करना है, उससे पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों को लड़ाकर एक के साथ खड़े होकर बीजेपी वोट इकट्ठा करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार पंजाब को निशाना बना रही है। “कभी कहते हैं चंडीगढ़ को अलग UT बना देंगे। कभी कहते हैं पंजाब यूनिवर्सिटी हमारी है। कभी भाखड़ा डैम का पानी हरियाणा को देने की बात करते हैं। कभी धान नहीं उठाने की धमकी देते हैं। और अब किस मुंह से वोट मांगने आएंगे?”
AAP सांसद संजय सिंह बोले – “ED सुपारी किलर”
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “बीजेपी का ‘सुपारी किलर’ ED आज फिर पंजाब पहुंच गया है। सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर छापेमारी शुरू हो गई है। दो-तीन दिन तमाशा चलेगा, फर्जी खबरें चलेंगी, फिर सुपारी किलर वापस चले जाएंगे।”
उन्होंने सवाल किया, “पंजाब की भगवंत मान सरकार को बदनाम करने के लिए, पंजाब की जनता का काम रोकने के लिए और कितने हथकंडे अपनाओगे मोदी जी?”
20 दिन पहले भी हुई थी रेड, सट्टेबाजी को संरक्षण का आरोप
यह पहली बार नहीं है जब संजीव अरोड़ा ED के निशाने पर आए हैं। करीब 20 दिन पहले भी मंत्री और उनके दो पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने छापेमारी की थी।
उस समय अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर शक है कि वे अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण दे रहे हैं। बदले में वे उनके मुनाफे में हिस्सेदारी लेते हैं।
आरोप यह भी था कि अरोड़ा अपनी कंपनियों और कई “एंट्री ऑपरेटरों” का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं। यानी मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया था कि संजीव अरोड़ा की कंपनियां:
• कई फर्जी निर्यात बिल बुक कर रही थीं
• संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग कर रही थीं
• नॉन-एग्जिस्टेंट GST संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखा रही थीं
नितिन गोहिल केस – 40 घंटे की रेड, 500 रुपए के नोट फेंके गए
संजीव अरोड़ा पर रेड के समानांतर, एक और मामला चल रहा है जो AAP सरकार के लिए शर्मिंदगी का सबब बना। मोहाली के खरड़ में वेस्टर्न टावर की 9वीं मंजिल पर IT कारोबारी नितिन गोहिल के घर ED की रेड करीब 40 घंटे तक चली।
इस रेड के दौरान एक हैरान करने वाली घटना हुई। 9वीं मंजिल से 500 रुपए के नोटों की गड्डियां और दो बैग नीचे फेंके गए। सोसाइटी के एक बुजुर्ग निवासी ने यह देखा और वीडियो बनाकर वॉट्सएप ग्रुप पर डाल दिया। बाद में ED की टीम ने उस कैश को जब्त कर लिया।
नितिन गोहिल को CM भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन का करीबी बताया गया है। हालांकि, CM ने इस आरोप से इनकार किया था। यह पूरा मामला फर्जी तरीके से चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) हासिल करने, जमीन मालिकों और ग्राहकों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
ED ने इस मामले में 1 करोड़ रुपए की बरामदगी की थी। शुक्रवार रात करीब 12 बजे रेड खत्म हुई और अधिकारी 6 बैगों में सामान लेकर बाहर निकले।
अमन अरोड़ा का नाम और गौरव धीर कनेक्शन
इस पूरे मामले में AAP के एक और मंत्री अमन अरोड़ा का नाम भी आया। ED का दावा है कि मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी गौरव धीर मंत्री अमन अरोड़ा का करीबी है।
इस पर शुक्रवार को अमन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा, “गौरव धीर मेरा दोस्त है, लेकिन उसके साथ किसी भी तरह की बिजनेस डीलिंग नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि “ED के जरिए बीजेपी सियासी धरती तैयार कर रही है।”
जमीन घोटाला – 30.5 एकड़ में फर्जी CLU, ₹150 करोड़ की वसूली
ED की जांच में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी (सनटेक सिटी) के सुरेश कुमार बजाज और अजय सहगल ने 15 जमीन मालिकों की 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी सहमति पत्र तैयार किए।
इन पत्रों पर जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाकर GMADA से चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) हासिल किया गया। इसके बाद बिना किसी सेल डीड के, सोसाइटी में सदस्य बनाकर लोगों से ₹150 करोड़ से अधिक वसूले गए।
अजय सहगल ने इसी तर्ज पर ‘ला कैनेला’ और ‘डिस्ट्रिक्ट 7’ जैसे प्रोजेक्ट्स भी विकसित किए। एक अन्य मामले में ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने खरीदारों को गुमराह किया कि उनके प्रोजेक्ट्स को GMADA से अंतिम CLU मिल गया है। जबकि, वह सशर्त था और बाद में रद्द कर दिया गया था।
इस मामले में कंपनी के प्रमोटर मोहिंदर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है।
बिचौलियों ने कैसे दिलाया राजनीतिक संरक्षण
जांच में नितिन गोहिल और प्रितपाल सिंह ढींडसा जैसे बिचौलियों के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिलाने में मदद की।
ED ने कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जो सरकारी कामकाज में इनके हस्तक्षेप की ओर इशारा करते हैं। यह दस्तावेज बताते हैं कि कैसे ये बिचौलिए मंत्रियों और नौकरशाहों से संपर्क करके फाइलें पास करवाते थे, CLU दिलवाते थे और अवैध निर्माणों को संरक्षण देते थे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि – चुनाव से पहले AAP पर दबाव
यह समझना जरूरी है कि यह सब कुछ ऐसे समय हो रहा है जब पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। AAP सरकार को पहले से ही कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में AAP को केंद्र से कई झटके लगे। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जेल जा चुके हैं। अब पंजाब में भी एक-एक करके AAP के मंत्रियों और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
सवाल उठता है – क्या यह सिर्फ कानूनी कार्रवाई है या राजनीतिक बदला? AAP का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। दूसरी तरफ, बीजेपी का कहना है कि जो भ्रष्ट है, उसे कानून के कटघरे में लाया जा रहा है।
क्या ED की रेड सही है या राजनीतिक हथकंडा?
यह बहस पुरानी है, लेकिन हर बार नए सिरे से उठती है। जब भी किसी विपक्षी नेता पर ED या CBI रेड होती है, राजनीतिक दल इसे “केंद्र का दुरुपयोग” बताते हैं। जब अपने ही दल के किसी नेता पर कार्रवाई होती है, तो वही दल चुप रह जाता है।
संजीव अरोड़ा के मामले में, ED के पास कागजी सबूत हैं। फर्जी GST बिल, फर्जी निर्यात दस्तावेज, दुबई से पैसे की आवाजाही के रिकॉर्ड – यह सब मौजूद हैं। लेकिन सवाल यह भी है कि क्यों हर रेड चुनाव से ठीक पहले होती है?
AAP का कहना है कि अगर सच में जांच करनी है, तो साल भर पहले क्यों नहीं की? बीजेपी शासित राज्यों में इतने बड़े घोटाले होते हैं, वहां ED क्यों नहीं पहुंचती?
दूसरी तरफ, जांच एजेंसियों का तर्क है कि वे सिर्फ कानून का पालन कर रही हैं। जब भी किसी के खिलाफ सबूत मिलते हैं, कार्रवाई होती है। पार्टी देखकर काम नहीं होता।
पंजाब की जनता क्या सोचती है?
आम आदमी पार्टी 2022 में पंजाब में जबरदस्त जीत के साथ सत्ता में आई थी। भगवंत मान को लोगों ने भारी उम्मीद के साथ चुना था। वादे किए गए थे – भ्रष्टाचार खत्म होगा, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधरेगा, बिजली सस्ती होगी, नौकरियां मिलेंगी।
लेकिन तीन साल में कई वादे अधूरे रह गए। और अब लगातार मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। पहले अमन अरोड़ा, फिर नितिन गोहिल का मामला, अब संजीव अरोड़ा पर रेड। यह सब जनता के मन में संदेह पैदा करता है।
हालांकि, पंजाब की जनता यह भी समझती है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ कैसा व्यवहार करती है। कृषि कानूनों का विरोध आज भी लोगों के दिलों में ताजा है। इसलिए CM भगवंत मान का यह कहना कि “मोदी जी को पंजाब ने ही झुकाया था” – यह बात लोगों के दिल को छूती है।
आगे क्या होगा – चुनाव में असर या भूला दिया जाएगा?
अब देखना यह है कि यह पूरा मामला आगे कैसे जाता है। क्या संजीव अरोड़ा गिरफ्तार होंगे? क्या ED को कोई बड़ा सबूत मिलेगा? क्या मंत्री इस्तीफा देंगे? या फिर यह भी पिछली रेड की तरह बिना किसी नतीजे के खत्म हो जाएगा?
एक संभावना यह है कि ED लंबी जांच के बाद चार्जशीट दायर करे। फिर कोर्ट में मामला चले और सालों तक खिंचता रहे। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी होती रहेगी।
दूसरी संभावना यह है कि AAP का आरोप सच साबित हो – और कुछ दिनों बाद यह मामला ठंडा पड़ जाए। जैसा कि पहले भी कई बार हुआ है।
तीसरी संभावना, जिसका AAP को डर है – कि रेड का दबाव बढ़ाकर मंत्री को बीजेपी में शामिल करने की कोशिश की जाए। हालांकि, संजीव अरोड़ा अभी तक सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• पंजाब के AAP मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़, गुरुग्राम और दिल्ली के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 15 गाड़ियों में टीम पहुंची
• ₹100 करोड़ से अधिक का GST फ्रॉड: फर्जी मोबाइल खरीद दिखाकर, दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग का आरोप
• CM भगवंत मान का बीजेपी पर हमला: “पंजाब की तरफ आंख उठाकर मत देखना, BJP मतलब भारत जलाओ पार्टी”
• 20 दिन पहले भी हुई थी रेड: संजीव अरोड़ा पर सट्टेबाजी को संरक्षण और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, यह साल की तीसरी रेड
• नितिन गोहिल केस भी जारी: CM के OSD के करीबी पर 40 घंटे की रेड, 9वीं मंजिल से 500 रुपए के नोट फेंके गए












