बेंगलुरु, 03 जनवरी (The News Air): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज बेंगलुरु में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस (निमहंस) के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने निमहंस की उपलब्धियों की सराहना की और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में बढ़ती जागरूकता पर खुशी जाहिर की।
टेली मानस से बदली तस्वीर: राष्ट्रपति ने कहा कि निमहंस ने टेली मानस जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए तकनीक को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर एक मिसाल कायम की है। इस पहल के तहत देशभर में 53 टेली मानस केंद्रों ने दो साल में लगभग 17 लाख लोगों को उनकी पसंदीदा भाषा में परामर्श दिया है। इसके अलावा, बच्चों और किशोरों के लिए संवाद मंच जैसी सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर बदलते नजरिए की सराहना: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में अवैज्ञानिक मान्यताएं और कलंक बीते समय की बात हो चुकी हैं। बढ़ती जागरूकता के चलते अब लोग अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करने में सक्षम हो रहे हैं।
योग और परंपरागत विधियों का महत्व: राष्ट्रपति ने योग और पारंपरिक विधियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ शामिल करने के निमहंस के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन शास्त्र और संतों का ज्ञान मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार हो सकता है।
स्वस्थ मन, स्वस्थ समाज: राष्ट्रपति ने कहा कि स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉक्टर और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ करुणा और दया के साथ उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करते रहेंगे।













