Punjab CBI Raid Row: CBI द्वारा 13 लाख रुपये रिश्वत कांड में फरार विजिलेंस ब्यूरो के मुखिया के रीडर OP राणा को भगौड़ा घोषित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चंडीगढ़ की CBI अदालत ने फिलहाल फरार रीडर राणा के खिलाफ 6 जून तक नए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। देखा जाए तो यह मामला पंजाब की विजिलेंस मशीनरी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रीडर राणा ने CBI अदालत से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल की है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि राणा लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और अदालत के सामने पेश होने से भी कतरा रहे हैं।
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अदालत ने क्यों नहीं घोषित किया भगौड़ा?
CBI अदालत ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी सुनवाई के अधीन होने के कारण रीडर राणा को भगौड़ा घोषित करने के बजाय नए गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि अदालत ने माना कि मुलजिम का बर्ताव पहली नजर में गिरफ्तारी से बचने वाला है।
CBI ने BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 84 के तहत अर्जी दायर करके रीडर राणा को भगौड़ा घोषित करने की मांग की थी। समझने वाली बात यह है कि अगर कोई आरोपी लगातार अदालत के सामने पेश नहीं होता है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हैं, तो उसे भगौड़ा घोषित किया जा सकता है।
CBI की कानूनी दलील
CBI ने अदालत में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों के हवाले से दलील पेश की कि हाई कोर्ट में अर्जी पेंडिंग होने के बावजूद, अगर कोई स्टे नहीं है तो मुलजिम को भगौड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
अगर गौर करें तो यह तर्क कानूनी रूप से मजबूत है क्योंकि केवल अपील दायर करने से कोई आरोपी अदालत के सामने पेश होने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। जब तक हाई कोर्ट गिरफ्तारी पर स्टे नहीं देता, निचली अदालत के आदेश लागू रहते हैं।
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क्या था 13 लाख का रिश्वत कांड?
बताते चलें कि CBI ने 11 मई को मलोट के विकास गोयल और राघव गोयल के ड्राइवर अंकित वधवा को मलोट के ही टैक्स अधिकारी से 13 लाख रुपये की नगदी और एक सैमसंग मोबाइल रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
यह पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था, इसे समझना जरूरी है:
| आरोपी का नाम | भूमिका | स्थिति |
|---|---|---|
| OP राणा | विजिलेंस मुखिया का रीडर | फरार |
| विकास गोयल | बिचौलिया (मलोट) | गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में |
| राघव गोयल | बिचौलिया (मलोट) | गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में |
| अंकित वधवा | ड्राइवर | गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में |
मलोट के पिता-पुत्र विजिलेंस के बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे, जिसमें विजिलेंस मुखिया का रीडर OP राणा भी शामिल था। यह दर्शाता है कि यह एक संगठित रैकेट था।
CBI टीम ने कैसे किया ऑपरेशन?
विकास गर्ग और राघव गर्ग को तो पीछा करके CBI टीम ने दबोच लिया था, लेकिन रीडर राणा फरार होने में सफल हो गया था। यहां सवाल उठता है कि क्या उसे किसी ने पहले से सूचना दे दी थी? CBI इस एंगल की भी जांच कर रही है।
CBI ने अदालत में तीन सीलबंद लिफाफे सौंपे हैं जिनमें तलाशी से संबंधित सामग्री है। इन लिफाफों में संभवतः फोन रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण सबूत हैं जो इस रैकेट की गहराई को उजागर कर सकते हैं।
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तीनों गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक हिरासत में वृद्धि
CBI की चंडीगढ़ अदालत ने रिश्वत कांड में पकड़े गए विकास गोयल, राघव गोयल और अंकित वधवा को फिर से 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की CBI की अर्जी को मंजूर करते हुए अगली पेशी 6 जून को रख दी है।
अदालत ने मुलजिमों को न्यायिक हिरासत में रखने का वाजिब आधार पाया है। दिलचस्प बात यह है कि CBI अभी भी इन तीनों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
विजिलेंस ब्यूरो पर गंभीर सवाल
यह मामला पंजाब के विजिलेंस ब्यूरो पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जो संस्था भ्रष्टाचार की जांच करती है, उसी के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए। समझने वाली बात यह है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित रैकेट का हिस्सा प्रतीत होता है।
सवाल यह उठता है कि विजिलेंस मुखिया के रीडर जैसे संवेदनशील पद पर बैठा व्यक्ति इतनी आसानी से बिचौलियों के साथ मिलकर कैसे काम कर सकता था? क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं?
अगले कदम और कानूनी स्थिति
आज पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में OP राणा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। अगर हाई कोर्ट जमानत देने से इनकार करता है या याचिका खारिज कर देता है, तो CBI अदालत तुरंत राणा को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया पूरी कर सकती है।
भगौड़ा घोषित होने का मतलब है:
• संपत्ति कुर्क की जा सकती है
• लुक आउट नोटिस (LOC) जारी होगा
• पासपोर्ट निरस्त किया जा सकता है
• रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो सकता है
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मुख्य बातें (Key Points)
• विजिलेंस रीडर OP राणा के खिलाफ 6 जून तक नए गैर-जमानती वारंट जारी
• CBI ने BNSS की धारा 84 के तहत भगौड़ा घोषित करने की मांग की
• 11 मई को मलोट में 13 लाख रिश्वत और सैमसंग मोबाइल के साथ तीन गिरफ्तार
• विकास गोयल, राघव गोयल और अंकित वधवा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
• हाई कोर्ट में आज अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई












