Powercom Apprentice Recruitment के मोर्चे पर पंजाब सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। चंडीगढ़ से आई खबर के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पीएसपीसीएल (पावरकॉम) में अप्रेंटिसशिप कर रहे 2,437 युवाओं को सहायक लाइनमैन के तौर पर सीधी भर्ती देने का फैसला किया है। यह ऐलान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किया है।
राहत की बात यह है कि इन युवाओं को अब कोई नया भर्ती टेस्ट नहीं देना होगा।
🔍 यह भी पढ़ें- ED की जांच का दायरा बढ़ा: मंत्री Sanjeev Arora के बाद अब PowerCom अधिकारियों को समन
पहले दिया गया टेस्ट ही होगा मान्य
देखा जाए तो यह फैसला हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पावरकॉम में बतौर अप्रेंटिस ट्रेनिंग ले रहे युवाओं को अब किसी नए टेस्ट से नहीं गुजरना होगा।
उन्होंने जो पहले टेस्ट दिया था, वही मान्य माना जाएगा। यानी समय और मेहनत दोनों की बचत।
🔍 यह भी पढ़ें- Sanjeev Arora Case: मोबाइल खरीद का राज बना पहेली, 102 करोड़ की रकम
पंजाबी भाषा का टेस्ट होगा अनिवार्य
हालांकि एक शर्त रखी गई है। सहायक लाइनमैन की भर्ती के लिए चुने जाने वाले युवाओं को पंजाबी भाषा का एक टेस्ट देना होगा। यह टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों को ही आगे नौकरी मिलेगी।
समझने वाली बात यह है कि यह कदम पंजाबी भाषा के सम्मान और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में बढ़ाया गया है।
🔍 यह भी पढ़ें- JEE Advanced 2026 Result: शुभम कुमार ने हासिल किया ऑल इंडिया रैंक 1, 56880 पास
पटियाला में चल रहा था लंबा संघर्ष
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फैसला यूं ही नहीं आया। इसके पीछे एक लंबा संघर्ष है।
पटियाला में पावरकॉम कार्यालय के बाहर 2,600 अप्रेंटिस युवक कई दिनों से धरना दे रहे थे। उनकी मांग थी कि उन्हें पक्की नौकरी दी जाए।
चिंता का विषय यह है कि पिछले दिनों इन प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। उस घटना के बाद से सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा था।
आम युवाओं पर क्या असर?
इस फैसले से सीधे तौर पर 2,437 परिवारों की जिंदगी बदलने वाली है। बेरोजगारी से जूझ रहे इन युवाओं को अब सरकारी नौकरी का स्थायी जरिया मिलेगा।
सवाल उठता है: क्या बाकी 163 युवक, जो कुल 2,600 प्रदर्शनकारियों में से बचते हैं, उन्हें भी जल्द न्याय मिलेगा? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
जानें पूरा मामला
पंजाब में बिजली विभाग, यानी पीएसपीसीएल, लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। दूसरी ओर, अप्रेंटिसशिप कर चुके युवा पक्की नौकरी के लिए सालों से इंतजार कर रहे थे। पटियाला में हुए लाठीचार्ज के बाद यह मामला राजनीतिक तौर पर भी गरमा गया था। अब वित्त मंत्री हरपाल चीमा के इस ऐलान से दोनों समस्याओं का एक साथ समाधान निकलता दिख रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार 2,437 अप्रेंटिसों को सहायक लाइनमैन बनाएगी
- वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किया ऐलान
- युवाओं को कोई नया भर्ती टेस्ट नहीं देना होगा
- पंजाबी भाषा का टेस्ट पास करना होगा अनिवार्य
- पटियाला में चल रहे संघर्ष के बाद आया फैसला













