PM Awas Yojana शहरी 2.0 के मकानों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और सही होने पर ही दूसरी किस्त जारी कर दी जाएगी। लाभार्थी आधारित निर्माण यानी कि BLC घटक योजना में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
राज्य मिशन निदेशालय ने इस संबंध में सभी को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक राज्य स्तर पर थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनिटरिंग एजेंसियों (TPQMA) का चयन जब तक नहीं हो जाता, तब तक जिलों में परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में बनी तकनीकी टीम गुणवत्ता का सत्यापन करेगी।
गुणवत्ता जांच के बाद ही अगली किस्त
गुणवत्ता जांचने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाएगी। सत्यापन के दौरान प्लिंथ और सुपर स्ट्रक्चर की स्थिति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप निर्माण की विशेष जांच की जाएगी।
प्रत्येक निरीक्षण का पूरा अभिलेखन किया जाएगा, जिसमें Geo-tagged फोटोग्राफ, लाभार्थी विवरण, किस्त भुगतान की स्थिति और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर समेत प्रमाण शामिल होंगे।
देखा जाए तो निर्देश में साफ कहा गया है कि TPQMA एजेंसियों के चयन के बाद यह अंतरिम व्यवस्था खुद समाप्त हो जाएगी। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए की ताकि एजेंसियों का चयन होने तक जांच की प्रक्रिया प्रभावित न हो। लाभार्थियों को उनकी अगली किस्त के इंतजार न करना पड़े।
फर्जीवाड़े पर लगाम
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लगातार फर्जीवाड़े की खबरें सामने आ रही थीं। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और सभी जगह से PM Awas Yojana में गड़बड़ी को रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार सतर्क हो गई है और इसके नए-नए नियम भी बनाए जा रहे हैं।
जब तक आप आवास में कुछ काम शुरू नहीं कर देते हैं, तब तक आपको किस्त जारी नहीं होगी। पहले देखा जाता था कि लोग फॉर्म भर देते थे और लाभार्थी बनने पर सरकार से पैसा भी ले लेते थे।
अगर गौर करें तो लेकिन उनका आवास तैयार नहीं होता था और न ही वे आवास का काम शुरू करवाते थे। लेकिन अब सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सतर्कता बरती है।
Geo-tagged फोटोग्राफ अनिवार्य
PM Awas Yojana को लेकर अब नई व्यवस्था बना दी है, जिसके तहत अब मकान की जांच होगी और उसके बाद ही उन्हें दूसरी किस्त आवंटित की जाएगी।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार की यह योजना महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि इसके तहत गरीब लोगों के घर का सपना साकार हो रहा है। लोग पहले लोन लेकर अपना घर बनाते थे और उसे न चुकाने की कीमत पर उन्हें घर बेचना पड़ता था।
गरीबों का सपना साकार
लेकिन अब जब से सरकार की योजना शुरू हुई है, लोग अपना घर बना पा रहे हैं। लेकिन इसके तहत कई तरीके के फर्जीवाड़े सामने आए। कई तो फर्जी लाभार्थी भी बन गए।
दिलचस्प बात यह है कि लेकिन सरकार अब सभी दस्तावेजों को सही से जांच कर रही है और इसी के साथ ही जो लोग मकान बना रहे हैं, उनके मकान की भी जांच की जा रही है। तभी अगली किस्त जारी की जा रही है।
जिससे इस योजना में पारदर्शिता बनी रहे और उचित लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।
35 हजार पात्र लाभार्थी प्रतीक्षारत
पक्के घर का सपना संजोए बैठे ग्रामीण क्षेत्र के हजारों गरीब परिवारों के लिए यह वित्त वर्ष उम्मीद में ही बीत गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2025-26 में जिले को एक भी लक्ष्य आवंटित नहीं हुआ।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जिससे करीब 35 हजार पात्र लाभार्थी आज भी अपने पक्के घरों की आस लगाए बैठे हैं।
निरीक्षण में क्या होगी जांच
सत्यापन के दौरान निम्नलिखित बातों की जांच की जाएगी:
- प्लिंथ और सुपर स्ट्रक्चर की स्थिति
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता
- मानकों के अनुरूप निर्माण
- Geo-tagged फोटोग्राफ
- लाभार्थी का पूर्ण विवरण
- किस्त भुगतान की स्थिति
- संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर
समझने वाली बात यह है कि यह सभी प्रमाण दस्तावेजों में संलग्न होने चाहिए। बिना पूर्ण दस्तावेज के अगली किस्त जारी नहीं होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- PM Awas Yojana में मकान की गुणवत्ता जांच अनिवार्य
- Geo-tagged फोटोग्राफ और पूर्ण दस्तावेज जरूरी
- थर्ड पार्टी एजेंसियां करेंगी निगरानी
- फर्जीवाड़े रोकने के लिए सख्त कदम










