LPG Cylinder Price Hike: देश में महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए एक और झटका सामने आया है। तेल कंपनियों ने शुक्रवार से 5 किलोग्राम वाले FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर की कीमत में तत्काल प्रभाव से ₹261 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस बार असर सिर्फ बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे व्यापारियों, स्टॉल चलाने वालों और सीमित उपयोग करने वालों पर भी पड़ेगा।
देखा जाए तो यह बदलाव छोटे दुकानदारों और मजदूरों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। जो लोग रोजमर्रा के छोटे-मोटे कामों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं, उनकी जेब पर अब सीधा असर पड़ने वाला है।
कमर्शियल सिलेंडर में भी भारी इजाफा
ताजा फैसले के तहत 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत में एक साथ ₹261 की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार जो सिलेंडर कल तक ₹549 का मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर लगभग ₹810 हो गई है। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इससे पहले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में भी भारी इजाफा किया गया था। इसमें करीब ₹993 तक की बढ़ोतरी की गई थी। अगर गौर करें तो नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब ₹1,871.50 में मिल रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं को मिली राहत
हैरान करने वाली बात यह है कि आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल इस फैसले का सीधा असर नहीं झेलना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गैस सिलेंडर देश के करोड़ों घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होता है। सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इस श्रेणी को फिलहाल स्थिर रखा है। समझने वाली बात यह है कि बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव ना पड़े, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
होटल-रेस्टोरेंट पर सीधा असर
वहीं दूसरी ओर कमर्शियल और फ्री ट्रेड एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर बाजार में धीरे-धीरे दिखना तय माना जा रहा है। खासकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी और कैटरिंग से जुड़े कारोबार इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित होंगे।
दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के व्यवसायों के लिए परिचालन लागत में अब बड़ा इजाफा होगा, जिसका असर अंततः ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
5 किलो सिलेंडर पर कौन है निर्भर
5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो लोग अकेले रहते हैं। अपना गांव घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं।
वहीं पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोतरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए भी अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें कम मात्रा में गैस की जरूरत होती है या जो बार-बार एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट होते रहते हैं।
FTL सिलेंडर की खासियत
इस स्कीम के तहत भारत पेट्रोलियम का “भारत गैस मिनी” और इंडियन ऑयल का “इंडेन छोटू” नाम से 5 किलो का सिलेंडर उपलब्ध है। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इसे खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ देने की जरूरत नहीं होती।
आप सीधा आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे किसी भी वैध सरकारी पहचान पत्र के जरिए इसे आसानी से खरीद सकते हैं। यही वजह है कि प्रवासी मजदूर और छात्र इस पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।
छोटे कारोबारियों पर बढ़ेगा दबाव
अब इस बढ़ोतरी के बाद छोटे गैस सिलेंडर को रिफिल कराना पहले के मुकाबले अब महंगा हो गया है। ऐसे में छोटे दुकानदार, स्टॉल चलाने वाले और छोटे स्तर पर काम करने वाले कारोबारियों के सामने खर्च बढ़ने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सवाल उठता है कि क्या इस बढ़ोतरी का असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा? जानकार मानते हैं कि जब व्यवसायियों की लागत बढ़ेगी तो वे अपने उत्पादों की कीमत भी बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।
तेल कंपनियों का रुख
यहां समझने वाली बात यह भी है कि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के हिसाब से एलपीजी की दरें तय करती हैं। हालांकि सरकार घरेलू सिलेंडर पर सब्सिडी देती है, लेकिन कमर्शियल और FTL सिलेंडर पर ऐसी कोई राहत नहीं होती।
देखा जाए तो पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। लेकिन कमर्शियल सेगमेंट में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। इससे साफ होता है कि तेल कंपनियां अपने मार्जिन को बचाए रखने के लिए इस सेगमेंट पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं।
विभिन्न शहरों में कीमतें
एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग शहरों में अलग-अलग होती हैं। यह ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट, लोकल टैक्स और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। दिल्ली के मुकाबले मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में कीमतें थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
अगर गौर करें तो दूरदराज के इलाकों में, जहां परिवहन की लागत ज्यादा है, वहां यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा महसूस होगी। पहाड़ी इलाकों और द्वीपीय क्षेत्रों में तो स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
क्या है आगे की संभावना
चिंता का विषय यह है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ीं, तो आने वाले दिनों में एलपीजी की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। हालांकि सरकार घरेलू सिलेंडर को महंगाई से बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कमर्शियल सेगमेंट पर दबाव बना रहेगा।
माना जा रहा है कि आने वाले त्योहारी सीजन से पहले अगर कीमतों में और बढ़ोतरी हुई, तो व्यापारियों और आम लोगों दोनों पर इसका भारी असर पड़ेगा।
सरकार की नीति
उम्मीद की किरण यह है कि सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त सिलेंडर की सुविधा भी जारी है। लेकिन कमर्शियल और FTL सेगमेंट में राहत की कोई घोषणा नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। तेल कंपनियों का कहना है कि वे बाजार की स्थिति के अनुसार ही कीमतें तय करती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर में ₹261 की तत्काल बढ़ोतरी की
- 5 किलो सिलेंडर की कीमत ₹549 से बढ़कर लगभग ₹810 हो गई है
- 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर में ₹993 की बढ़ोतरी, दिल्ली में कीमत ₹1,871.50
- 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी और कैटरिंग व्यवसाय सीधे प्रभावित होंगे
- प्रवासी मजदूर, छात्र और छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित
- भारत पेट्रोलियम का “भारत गैस मिनी” और इंडियन ऑयल का “इंडेन छोटू” 5kg सिलेंडर उपलब्ध
- FTL सिलेंडर खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं, सिर्फ वैध ID चाहिए













