Arvind Kejriwal Social Media Account Blocked: आम आदमी पार्टी के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को गंभीर आरोप लगाया कि भारत में उनका सोशल मीडिया अकाउंट सीमित (ब्लॉक) कर दिया गया है। उन्होंने Meta (जो Facebook और Instagram की मूल कंपनी है) से इस पाबंदी का कारण पूछते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक नेता के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि Meta की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अगर आपका भी पेज Meta ने suppress किया है तो मुझे #MetaCensorsIndia के साथ comment या DM करें। https://t.co/JsB98WsxMq pic.twitter.com/abVxhl28ug
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 6, 2026
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क्या है पूरा मामला?
केजरीवाल ने X (पूर्व में Twitter) पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने Meta के भारतीय दफ्तर से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि उनका अकाउंट भारत में उपलब्ध नहीं है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उनका अकाउंट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, बल्कि सिर्फ भारत में ही प्रतिबंधित कर दिया गया है।
केजरीवाल का दावा है कि कंपनी के अधिकारियों ने इस पाबंदी का कोई ठोस कारण नहीं बताया। न ही यह समझाया गया कि इस प्रतिबंध को कैसे हटाया जा सकता है। उन्होंने जो ईमेल्स भेजीं, उनका भी सिर्फ रूटीन जवाब मिला।
अपनी पोस्ट में केजरीवाल ने लिखा: “प्रधानमंत्री के सामने इतना ना झुको, नहीं तो वह तुम्हें भारत में सिर्फ अपना अकाउंट चलाने की ही इजाजत देंगे।” यह बयान साफ तौर पर सरकार पर निशाना साधता है।
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Meta की चुप्पी चिंताजनक
समझने वाली बात यह है कि Meta जैसी वैश्विक कंपनी के पास हर देश में अलग-अलग कानून और नियम होते हैं। कई बार सरकारी दबाव में या कानूनी आदेश के तहत कंपनियां कंटेंट को ब्लॉक या सीमित करती हैं। लेकिन इस मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यह कदम किसी सरकारी आदेश के तहत उठाया गया है या फिर Meta की अपनी पॉलिसी के तहत।
केजरीवाल ने अपने अकाउंट के स्टेटस पेज का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिस पर “Unavailable in some locations” (कुछ स्थानों पर उपलब्ध नहीं) का संदेश दिखाई दे रहा था। यह इस बात की पुष्टि करता है कि उनका अकाउंट geo-restricted कर दिया गया है।
सोशल मीडिया और राजनीति का रिश्ता
आज के दौर में सोशल मीडिया राजनीतिक संचार का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुका है। नेता सीधे जनता से जुड़ते हैं, अपनी बात रखते हैं और जनमत तैयार करते हैं। ऐसे में किसी नेता का अकाउंट ब्लॉक होना उनकी आवाज को दबाने जैसा माना जाता है।
अगर गौर करें तो पिछले कुछ सालों में भारत में कई बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सरकार के बीच तनाव देखने को मिला है। Twitter (अब X) के साथ भी ऐसे कई विवाद हुए हैं, जहां कुछ अकाउंट्स को ब्लॉक करने या अनब्लॉक करने को लेकर खींचतान चली थी।
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क्या कहता है कानून?
भारत में Information Technology Act, 2000 के तहत सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी भी कंटेंट को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अन्य कारणों से ब्लॉक करवा सकती है। लेकिन इसके लिए एक प्रक्रिया होती है और कंपनी को नोटिस देना होता है।
यहां सवाल यह है कि क्या केजरीवाल के अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कोई कानूनी आदेश जारी हुआ था? अगर हां, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं है? और अगर नहीं, तो Meta ने खुद से यह कदम क्यों उठाया?
विपक्ष का आरोप, सरकार की चुप्पी
आम आदमी पार्टी ने इस घटना को “डिजिटल सेंसरशिप” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है।
दूसरी ओर, तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि Meta अपनी Community Guidelines के तहत भी किसी अकाउंट को सीमित कर सकता है अगर वह उनकी नीतियों का उल्लंघन करता हो। लेकिन इस मामले में ऐसा कोई स्पष्ट आरोप सामने नहीं आया है।
आम जनता पर क्या असर?
राहत की बात यह है कि केजरीवाल अभी भी X (Twitter) पर सक्रिय हैं और वहां से अपनी बात रख पा रहे हैं। लेकिन Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी अनुपस्थिति का मतलब है कि एक बड़ा वर्ग, खासकर वह लोग जो सिर्फ Facebook इस्तेमाल करते हैं, उनकी बात सीधे नहीं सुन पाएंगे।
यह मामला यह भी दर्शाता है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया कंपनियों के पास कितनी ताकत है और वे किसी की आवाज को कितनी आसानी से सीमित कर सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अरविंद केजरीवाल का सोशल मीडिया अकाउंट भारत में सीमित (ब्लॉक) कर दिया गया
- Meta के भारतीय दफ्तर से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला
- केजरीवाल ने इसे प्रधानमंत्री के दबाव का नतीजा बताया
- अकाउंट पूरी तरह बंद नहीं, बल्कि “Unavailable in some locations” स्टेटस दिखा रहा
- Meta की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ













