iPhone EMI Suicide Case : छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): “मैं छलांग मारने जा रहा हूं,” वह बार-बार माता-पिता को धमकी देता रहा। iPhone की किस्त नहीं चुका पाने के कारण घरेलू विवाद के बाद 18 वर्षीय कुनाल पहाड़ी के किनारे खड़ा था। लगभग तीन घंटे तक माता-पिता और अन्य लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। आखिरकार जब पिता ने उसे बचाने की कोशिश की तो दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। घबराहट में मां भी कुछ पलों बाद कूद गई। तीनों की मौत हो गई।
देखा जाए तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि आधुनिक उपभोक्तावाद की एक भयानक त्रासदी है। एक महंगे फोन की चाहत ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
A family dispute over an iPhone ended in tragedy in Maharashtra’s Chhatrapati Sambhajinagar. Reports say 18-year-old Kunal Chandgude went to a hill after an argument with his parents over a phone. pic.twitter.com/2UAQou2Iec
— The Rock (@therockjk002) August 22, 2026
खवडा पहाड़ी पर हुई घटना
यह दुखद घटना छत्रपति संभाजीनगर जिले की खवडा पहाड़ी पर घटी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखता है कि कैसे एक युवा और उसके माता-पिता की मौत हुई।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि 18 वर्षीय कुनाल चंदगुडे ने एक iPhone खरीदा था लेकिन वह इसकी किस्तें (EMI) अदा करने में असमर्थ था। यही बात उसके परिवार के साथ लड़ाई की जड़ बन गई और आखिरकार एक बड़ी त्रासदी में बदल गई।
समझने वाली बात यह है कि यह सब फोन कैमरे पर रिकॉर्ड हुआ। जैसे ही कुनाल और उसके पिता मुरलीधर चंदगुडे की गिरने से मौत हुई, उनकी मां संगीता ने भी चट्टान से छलांग लगा दी।
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iPhone EMI विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुनाल ने एक iPhone खरीदा था और EMI अदा करने के लिए अपने परिवार से पैसे मांग रहा था। ताजा भुगतान को लेकर उसके पिता के साथ बहस हो गई। गुस्से में आए कुनाल ने घर छोड़ दिया और वालुज MIDC पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत तिसगांव क्षेत्र की एक पहाड़ी पर सुबह करीब 10 बजे चढ़ गया।
दिलचस्प बात यह है कि कुनाल ने iPhone 15 Pro खरीदा था जो काफी महंगा फोन है। एक 18 साल के युवा के लिए इसकी EMI भरना वाकई मुश्किल था।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कई युवा सोशल मीडिया के दबाव में महंगे फोन खरीद लेते हैं। Instagram और अन्य प्लेटफॉर्म पर दिखावे की संस्कृति ने ऐसी मानसिकता पैदा की है।
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तीन घंटे की मिन्नतें
उसके माता-पिता उसके पीछे उसी स्थान पर गए और अन्य स्थानीय लोगों के साथ, उसे नीचे आने के लिए मनाने में लगभग तीन घंटे बिताए।
एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति ने कुनाल से कहा, “अपनी मां के लिए जीओ।” उसने जवाब दिया, “नहीं, मुझे मरना पड़ेगा। यही एक रास्ता बचा है।”
तिसगांव गांव के सबका सरपंच संजय जाधव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने कुनाल को समझाने की कोशिश की। दूसरों ने उसे बताया कि वे उसे iPhone 15 Pro ले कर दे देंगे।
जाधव ने कहा, “हमने उसकी बहुत मिन्नत की, कि उसे अपनी मां की ओर देखना चाहिए, कि उसे छलांग नहीं मारनी चाहिए, कि वह पढ़ा-लिखा था और उसका भविष्य सामने था। हमने हर संभव अपील की जो हम कर सकते थे।”
चिंता का विषय यह है कि इतने लोगों के समझाने के बावजूद कुनाल नहीं माना। यह दर्शाता है कि वह गहरे अवसाद या मानसिक तनाव में था।
त्रासदी का अंत
इस बहुत देर बाद नहीं, उसके पिता मुरलीधर चंदगुडे ने उसे समझाने और वापस खींचने की कोशिश की, पर दोनों गिर पड़े। मां संगीता उनके पीछे ही छलांग मार गई।
राहत की बात यह है कि कम से कम पुलिस और फायर ब्रिगेड विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। लेकिन सवाल उठता है कि अगर वे मौके पर थे तो सुरक्षा जाल क्यों नहीं लगाया जा सका?
यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर थे तो भी तीनों की मौत कैसे हो गई। क्या वे पर्याप्त उपकरण नहीं ले कर आए थे? या फिर घटना इतनी जल्दी हुई कि कुछ किया ही नहीं जा सका?
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| युवक का नाम | कुनाल चंदगुडे (18 वर्ष) |
| पिता | मुरलीधर चंदगुडे |
| मां | संगीता चंदगुडे |
| कारण | iPhone 15 Pro की EMI नहीं चुका पाना |
| स्थान | खवडा पहाड़ी, तिसगांव, छत्रपति संभाजीनगर |
| समय | सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक (3 घंटे) |
| परिणाम | तीनों की मौत |
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कैसे लोग कुनाल को समझा रहे हैं और वह कह रहा है कि “मुझे मरना ही है।”
दिलचस्प बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में दो तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग कुनाल को गैर-जिम्मेदार बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यह सोशल मीडिया और दिखावे की संस्कृति का नतीजा है।
मानसिक स्वास्थ्य का सवाल
अगर गौर करें तो यह मामला मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा का भी है। एक 18 साल का युवा इतने दबाव में था कि उसे आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता लगा।
भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी है। अगर कुनाल को समय पर काउंसलिंग या मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिली होती तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी।
सवाल उठता है कि क्या स्कूल और कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में पर्याप्त जागरूकता है? क्या युवाओं को यह सिखाया जाता है कि जीवन में समस्याएं आती हैं और उनसे कैसे निपटा जाए?
उपभोक्तावाद की संस्कृति
यह घटना आधुनिक उपभोक्तावाद की संस्कृति पर भी सवाल उठाती है। कंपनियां आसान EMI के नाम पर युवाओं को महंगे उत्पाद बेच रही हैं। लेकिन क्या युवाओं को यह समझ है कि वे कर्ज ले रहे हैं?
एक iPhone 15 Pro की कीमत ₹1.5 लाख से ऊपर है। एक 18 साल के युवा के लिए जिसके पास शायद नौकरी भी नहीं है, यह एक भारी बोझ है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत में स्मार्टफोन कंपनियां आक्रामक मार्केटिंग कर रही हैं। “No Cost EMI” जैसे ऑफर युवाओं को लुभाते हैं, लेकिन वास्तव में कोई “नो कॉस्ट” नहीं होता।
माता-पिता का बलिदान
इस पूरी घटना में सबसे दुखद पहलू है माता-पिता का बलिदान। पिता ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। और मां अपने पति और बेटे को खोने के सदमे में खुद भी कूद गई।
यह दर्शाता है कि भारतीय माता-पिता अपने बच्चों के लिए कितना कुछ करने को तैयार होते हैं। लेकिन साथ ही यह भी दिखाता है कि परिवारों में संवाद की कमी है।
समझने वाली बात यह है कि अगर कुनाल और उसके माता-पिता के बीच बेहतर संवाद होता, अगर उन्होंने मिलकर समस्या का समाधान खोजा होता, तो शायद यह त्रासदी नहीं होती।
मुख्य बातें (Key Points)
- महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में iPhone EMI विवाद के बाद 18 वर्षीय कुनाल ने पहाड़ी से छलांग लगाई
- बचाने गए पिता मुरलीधर और मां संगीता भी गिरे, तीनों की मौत
- तीन घंटे तक गांववाले और सरपंच ने समझाने की कोशिश की, iPhone 15 Pro देने का वादा भी किया
- वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर थे लेकिन कुछ नहीं कर पाए
- घटना उपभोक्तावाद और मानसिक स्वास्थ्य उपेक्षा पर सवाल उठाती है
- युवाओं में महंगे फोन लेने का सोशल मीडिया दबाव और EMI जाल की समस्या उजागर













