AAP Suspends Maur MLA Sukhveer Singh Maiserkhana: पंजाब की राजनीति में एक बड़ा प्रशासनिक उलटफेर देखने को मिला है। चंडीगढ़ से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) ने मौड़ विधानसभा क्षेत्र से अपने विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों के तहत की गई है।
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| पहलू (Aspect) | विवरण (Details) |
| कार्रवाई का प्रकार | पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबन |
| प्रभावित विधायक | सुखवीर सिंह माइसरखाना (मौड़ विधानसभा, बठिंडा) |
| आदेश जारीकर्ता | आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रदेश राज्य महासचिव हरचंद सिंह बरसत |
| कार्रवाई का आधार | कथित पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता |
| तात्कालिक ट्रिगर | फेसबुक लाइव के दौरान सरकारी स्कूलों की स्थिति पर बयानबाजी |
‘फेसबुक लाइव और खुलकर जताई नाराजगी’
देखा जाए तो यह अनुशासनात्मक कार्रवाई उस वक्त सामने आई, जब इसके कुछ ही घंटे पहले विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना ने फेसबुक लाइव आकर अपनी ही सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे।
अगर गौर करें तो विधायक ने अपने लाइव सेशन के दौरान मौड़ विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर गुहार लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
👉 Maur MLA himself has exposed the hollowness of Guru Dokhi and Sisodia’s Sikhiya Kranti!
👉 Guru Dokhi and Manish Sisodia, who sit comfortably in Chandigarh’s official residences and boast of an education revolution across the country, your reality has finally been exposed!… pic.twitter.com/XqWZqfG81e
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) October 3, 2026
‘मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने का दर्द’
समझने वाली बात यह है कि विधायक ने लाइव के दौरान अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने की बार-बार कोशिश कर चुके थे, लेकिन उन्हें मुलाकात का समय तक नहीं मिल सका।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: अपनी बात रखते हुए माइसरखाना ने बेबाक अंदाज में कहा कि वे अपने क्षेत्र की जनता और स्कूलों के मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए यह तक कह दिया कि “यदि आप मेरा टिकट काटना चाहते हैं, तो काट दीजिए।”
‘पार्टी का निलंबन आदेश और सियासी बयानबाजी’
हैरान करने वाली बात यह है कि इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के पंजाब राज्य महासचिव हरचंद सिंह बरसत द्वारा निलंबन पत्र जारी कर दिया गया। हालांकि, इस पत्र में उन विशिष्ट गतिविधियों का कोई ब्योरा नहीं दिया गया है जिनके आधार पर यह निलंबन तय किया गया है।
चिंता का विषय यह है कि विधायक के इस फेसबुक लाइव के बाद विपक्षी दलों ने सरकारी स्कूलों के दावों और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर आप सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विधायक के खिलाफ आगे कोई और कानूनी या पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
सुखवीर सिंह माइसरखाना वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के टिकट पर मौड़ विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। क्षेत्र में विकास कार्यों और सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान इस निलंबन के साथ सार्वजनिक मंच पर आ गई है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
आम आदमी पार्टी ने मौड़ से विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया।
निलंबन का कारण पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता बताया गया है।
कार्रवाई से कुछ घंटे पहले विधायक ने फेसबुक लाइव में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था।
विधायक ने आरोप लगाया था कि बार-बार प्रयास के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।











