India Tiger Reserves 2026 —
1956 में अपने बेटे राजीव गांधी को लिखे एक पत्र में इंदिरा गांधी ने लिखा था— “हमें तोहफे में एक बड़े बाघ की खाल मिली है। रीवा के महाराजा ने केवल दो महीने पहले इस बाघ का शिकार किया था। खाल बॉलरूम में पड़ी है। जितनी बार मैं वहां से गुजरती हूं, मुझे गहरी उदासी महसूस होती है। मुझे लगता है कि यहां पड़े रहने की जगह यह जंगल में घूम और दहाड़ रहा होता।”
और बस यहीं से शुरू हुई भारत की सबसे सफल वन्यजीव संरक्षण योजना की कहानी। आज भारत दुनिया का वह देश है जो पूरी दुनिया के 80% बाघों का घर है। 1973 में जब Project Tiger शुरू हुआ था, तब भारत में मात्र 1800 बाघ बचे थे। आज यह संख्या 3000 से अधिक है।
देखा जाए तो 2026 में Madhya Pradesh के नवीनतम वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को मिलाकर भारत में अब कुल 58 Tiger Reserves हैं। ये रिजर्व 18 राज्यों में फैले हुए हैं और देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 2.3% हिस्सा कवर करते हैं।
1973 की वो कहानी: जब बाघ विलुप्ति के कगार पर थे
राजा-महाराजाओं, मुगलों और अंग्रेजों ने बाघों का शिकार अपनी शान समझा। आजादी के बाद हालात ऐसे हो गए कि चीता की तरह बाघ भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि इंदिरा गांधी का इस मामले में व्यक्तिगत रुचि होने के चलते बाघों को फिर से जंगल में बसाने का मौका मिला।
1972 में इंदिरा गांधी कैबिनेट में पर्यटन मंत्री कर्ण सिंह की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित किया गया। अप्रैल 1973 में Project Tiger लॉन्च हुआ। इसकी जिम्मेदारी राजस्थान कैडर के IFS अधिकारी कैलाश सांखला को दी गई।
समझने वाली बात यह है कि बाघ Food Chain के पिरामिड के सबसे टॉप पर होते हैं। इनकी संख्या में कमी पूरे इकोसिस्टम को असंतुलित कर सकती है। इसलिए Tiger Conservation अब चॉइस नहीं बल्कि एक अनिवार्यता बन चुकी थी।
Project Tiger की शुरुआत: केवल 9 रिजर्व से 58 तक का सफर
1973 में जब Project Tiger शुरू हुआ, तो सिर्फ 9 Tiger Reserves थे। आज यह संख्या 58 हो चुकी है। और यही कारण है कि भारत आज 13 Tiger Range Countries में सबसे ज्यादा बाघों का घर है।
| साल | Tiger Reserves | बाघों की संख्या (अनुमानित) |
|---|---|---|
| 1973 | 9 | 1,800 |
| 2000 | 27 | 1,400-1,500 |
| 2014 | 47 | 2,226 |
| 2018 | 50 | 2,967 |
| 2026 | 58 | 3,000+ |
उत्तराखंड: जिम कॉर्बेट से शुरू हुई थी भारत की नेशनल पार्क की यात्रा
उत्तराखंड में दो Tiger Reserves हैं— Corbett Tiger Reserve और Rajaji Tiger Reserve।
Corbett Tiger Reserve भारत का पहला नेशनल पार्क है। 1936 में इसे Hailey National Park के नाम से स्थापित किया गया था। आजादी के बाद 1954-55 में इसका नाम रामगंगा नेशनल पार्क हुआ, फिर 1955-56 में महान शिकारी और संरक्षणवादी Jim Corbett के सम्मान में इसका वर्तमान नाम रखा गया।
यह उन 9 मूल Tiger Reserves में से एक है जो 1973 में स्थापित हुए थे। रामगंगा नदी इस रिजर्व से होकर बहती है। वर्तमान में यहां 260 बाघ निवास करते हैं— जो किसी भी टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा है।
Rajaji Tiger Reserve का नाम भारत के पहले गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी (राजा जी) के नाम पर रखा गया है। शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसा यह रिजर्व हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और देहरादून तक फैला है। गंगा नदी इससे होकर बहती है। वर्तमान में यहां 54 बाघ रहते हैं।
उत्तर प्रदेश: रानीपुर से बढ़ी Tiger Reserves की संख्या
उत्तर प्रदेश में तीन Tiger Reserves हैं— Dudhwa, Pilibhit और Ranipur (2022-23 में नोटिफाइड)।
Dudhwa Tiger Reserve भारत-नेपाल सीमा के पास लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। मोहाना नदी इसकी उत्तरी सीमा और सुहेली नदी दक्षिणी सीमा बनाती है। वर्तमान में 82 बाघ यहां रहते हैं।
Pilibhit Tiger Reserve (2014 में नोटिफाइड) अपर गंगा के मैदान की तराई में स्थित है। शारदा सागर डैम से घिरा यह रिजर्व 63 बाघों का घर है।
Ranipur Tiger Reserve (2022-23) बुंदेलखंड का पहला टाइगर रिजर्व है। चित्रकूट जिले में स्थित इस रिजर्व में फिलहाल 3 बाघ हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि Amangarh Tiger Reserve अलग टाइगर रिजर्व नहीं है, बल्कि जिम कॉर्बेट का Buffer Zone है।
बिहार और झारखंड: एक-एक Tiger Reserve, बड़ी चुनौतियां
Bihar में Valmiki Tiger Reserve एकमात्र टाइगर रिजर्व है। शिवालिक की तलहटी में बसा यह रिजर्व पश्चिम चंपारण में स्थित है और नेपाल के Royal Chitwan National Park से सीमा साझा करता है। गंडक नदी यहां से बहती है। 54 बाघ यहां रहते हैं।
झारखंड में Palamau Tiger Reserve छोटानागपुर पठार के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह 1973-74 में ही स्थापित हुआ था। लेकिन चिंता का विषय यह है कि वर्तमान में यहां केवल 1 बाघ के होने की पुष्टि हुई है।
छत्तीसगढ़: तीन Tiger Reserves, संरक्षण की चुनौती
छत्तीसगढ़ में तीन Tiger Reserves हैं— Indravati, Achanakmar और Udanti-Sitanadi।
Indravati Tiger Reserve बीजापुर जिले में स्थित है। इंद्रावती नदी के नाम पर इसका नाम रखा गया है। यह महाराष्ट्र के Tadoba और Madhya Pradesh के Kanha से कनेक्टेड है। लेकिन वर्तमान में यहां केवल 1 बाघ है।
Achanakmar Tiger Reserve (2008-09) मुंगेली जिले में मैकाल हिल रेंज में स्थित है। मनियारी नदी इससे होकर बहती है। 5 बाघ यहां रहते हैं।
Udanti-Sitanadi Tiger Reserve (2008-09) गरियाबंद, धमतरी और रायपुर जिलों में फैला है। महानदी और उसकी सहायक नदियां यहां से बहती हैं। 1 बाघ के footprints मिले हैं।
ओडिशा: UNESCO Biosphere से लेकर Tiger Conservation तक
ओडिशा में दो Tiger Reserves हैं— Simlipal और Satkosia।
Simlipal Tiger Reserve (1973-74) छोटानागपुर पठार पर मयूरभंज जिले में स्थित है। Simul (Silk Cotton Tree) के नाम पर इसका नाम रखा गया। 2009 में UNESCO ने इसे Biosphere Reserve की लिस्ट में शामिल किया। 16 बाघ यहां रहते हैं।
Satkosia Tiger Reserve ओडिशा के हार्टलैंड में चार जिलों— अंगुल, कटक, बौद्ध और नयागढ़ में फैला है। महानदी नदी इसके बीच से बहती है। दुर्भाग्य से, यहां वर्तमान में एक भी बाघ नहीं है।
पश्चिम बंगाल: Sundarbans का Royal Bengal Tiger
पश्चिम बंगाल में दो Tiger Reserves हैं— Sundarbans और Buxa।
Sundarbans Tiger Reserve रॉयल बंगाल टाइगर का होमलैंड है। गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली से बना यह दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव फॉरेस्ट है। 1973 में ही इसे टाइगर रिजर्व बनाया गया। 1985 में UNESCO ने इसे World Heritage Site घोषित किया। 1989 में इसे Biosphere Reserve बनाया गया। यहां 100+ बाघ रहते हैं।
Buxa Tiger Reserve अलीपुरद्वार जिले में भारत-भूटान सीमा पर स्थित है। यह भारत और भूटान के बीच हाथियों के मूवमेंट के लिए कॉरिडोर का काम करता है। असम के Manas Tiger Reserve से सटा हुआ है। केवल 1 बाघ यहां है।
असम: Kaziranga से लेकर Orang तक, 4 Tiger Reserves
असम में चार Tiger Reserves हैं— Kaziranga, Manas, Nameri और Orang।
Kaziranga Tiger Reserve ब्रह्मपुत्र के बाढ़ के मैदान में स्थित है। यह गोलाघाट, नगांव और सोनितपुर जिलों में फैला है। दिफालू नदी इससे होकर बहती है। एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध यह रिजर्व 104 बाघों का भी घर है।
Manas Tiger Reserve 1973 में स्थापित हुआ था। यह UNESCO का Natural World Heritage Site है। भूटान के Royal Manas National Park से सटा हुआ है। संकोश, करंग, मानस और धनसिरी नदियां यहां बहती हैं। 58 बाघ यहां रहते हैं।
Nameri Tiger Reserve सोनितपुर जिले में जिया भरेली नदी के किनारे स्थित है। केवल 3 बाघ यहां हैं।
Orang Tiger Reserve (2016) का Core Area मात्र 79.28 वर्ग किमी है— सबसे छोटा। ब्रह्मपुत्र इसकी दक्षिणी सीमा से बहती है। 16 बाघ यहां रहते हैं।
अरुणाचल प्रदेश: High Altitude Habitats के तीन Tiger Reserves
अरुणाचल प्रदेश में तीन Tiger Reserves हैं— Kamlang, Namdapha और Pakke।
Kamlang Tiger Reserve लोहित जिले में स्थित है। कमलांग नदी (ब्रह्मपुत्र की सहायक) से इसका नाम लिया गया। मिश्मी, डिगारू और मिजो जनजातियां यहां रहती हैं। 2023 के डेटा के अनुसार कोई बाघ नहीं है।
Namdapha Tiger Reserve दफा बम पर्वत शिखर से निकलने वाली नामदाफा नदी के नाम पर है। भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित है। केवल 1 बाघ है।
Pakke Tiger Reserve ईस्ट कामेंग जिले में स्थित है। पक्के और कामेंग नदियां यहां बहती हैं। यह Indian और Malayan Eco Regions के बीच ट्रांजिशन जोन बनाता है। 6 बाघ यहां रहते हैं।
मिजोरम: Dampa में बाघों की विलुप्ति की चिंता
मिजोरम में Dampa Tiger Reserve एकमात्र टाइगर रिजर्व है। यह पश्चिमी मिजोरम में बांग्लादेश सीमा पर स्थित है। 1994-95 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। लेकिन चिंता की बात यह है कि अब यहां एक भी बाघ नहीं बचा है।
राजस्थान: रेगिस्तान से लेकर अरावली तक, 4 Tiger Reserves
राजस्थान में चार Tiger Reserves हैं— Ranthambore, Sariska, Ramgarh Vishdhari और Mukundra Hills।
Ranthambore Tiger Reserve (1973) अरावली और विंध्य रेंज के संगम पर स्थित है। बनास और चंबल नदियों से घिरा हुआ है। आइकॉनिक रणथंभौर किला यहीं है। 57 बाघ यहां रहते हैं।
Sariska Tiger Reserve (1978-79) अरावली रेंज में अलवर जिले में स्थित है। कांकवाड़ी फोर्ट यहां स्थित है। गुर्जर जनजाति यहां रहती है। 19 बाघ हैं।
Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve (2022) राजस्थान का सबसे नया टाइगर रिजर्व है। यह विंध्य क्षेत्र में बूंदी में स्थित है। मेज नदी के किनारे स्थित है। 1 बाघ है।
Mukundra Hills Tiger Reserve विंध्य रेंज में कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ में फैला है। यह रणथंभौर का natural extension है। 1 बाघ है।
मध्य प्रदेश: देश का Tiger Capital, 7 Tiger Reserves
मध्य प्रदेश को “Tiger State of India” कहा जाता है। यहां 7 Tiger Reserves हैं— Kanha, Bandhavgarh, Panna, Pench, Satpura, Sanjay-Dubri और Veerangana Durgavati (2025 में नोटिफाइड)।
Kanha Tiger Reserve (1973) सतपुड़ा रेंज के मैकाल हिल्स में मंडला और बालाघाट में फैला है। यह दलदल, घास के मैदान और घने जंगलों का संगम है। 105 बाघ यहां रहते हैं।
Bandhavgarh Tiger Reserve (1993-94) उमरिया और कटनी जिलों में स्थित है। बांधवगढ़ किला इसके केंद्र में है। बाघों की highest density वाला रिजर्व। 135 बाघ हैं।
Panna Tiger Reserve (1994) विंध्य रेंज में पन्ना और छतरपुर में फैला है। गोंडवाना काल के पुराने अवशेष यहां मिलते हैं। 55 बाघ हैं।
Pench Tiger Reserve (1992) सतपुड़ा के दक्षिणी ढलान में शिवनी और छिंदवाड़ा में स्थित है। रुडयार्ड किपलिंग की “The Jungle Book” की प्रेरणा यही जंगल था। 77 बाघ हैं।
Satpura Tiger Reserve (1999) सेंट्रल इंडियन हाइलैंड्स इकोसिस्टम का prime example है। 50 बाघ हैं।
Sanjay-Dubri Tiger Reserve मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्व में सीधी और शहडोल जिलों में स्थित है। छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास नेशनल पार्क से सटा है। 16 बाघ हैं।
Veerangana Durgavati Tiger Reserve (2025 में 58वां टाइगर रिजर्व) दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिलों में फैला है। गोंड जनजाति की रानी दुर्गावती के नाम पर। 15 बाघ हैं।
महाराष्ट्र: 6 Tiger Reserves, Tadoba में 97 बाघ
महाराष्ट्र में 6 Tiger Reserves हैं— Melghat, Pench, Navegaon-Nagzira, Bor, Tadoba-Andhari और Sahyadri।
Melghat Tiger Reserve (1973-74) सतपुड़ा के दक्षिणी शाखा में अमरावती, बुलढाना और अकोला में फैला है। 57 बाघ हैं।
Pench Tiger Reserve (Maharashtra) नागपुर में स्थित है। मध्य प्रदेश के Pench से कनेक्टेड— पहला inter-state Project Tiger area। 48 बाघ हैं।
Navegaon-Nagzira Tiger Reserve गोंदिया और भंडारा में स्थित है। Central Indian Tiger Meta Population का हार्ट कहा जाता है। 11 बाघ हैं।
Bor Wildlife Sanctuary (2014) वर्धा जिले में स्थित है। क्षेत्रफल में भारत का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व। 9 बाघ हैं।
Tadoba-Andhari Tiger Reserve चंद्रपुर जिले में स्थित है। स्थानीय देवता ताडोबा के नाम पर। 97 बाघ यहां रहते हैं।
Sahyadri Tiger Reserve पश्चिमी घाट के सह्याद्री रेंज में सतारा, सांगली, कोल्हापुर और रत्नागिरी में फैला है। दुर्भाग्य से कोई बाघ नहीं पाया गया।
कर्नाटक: 5 Tiger Reserves, Bandipur में 150 बाघ
कर्नाटक में 5 Tiger Reserves हैं— Bandipur, Nagarahole, Bhadra, Dandeli-Anshi और BRT Tiger Reserve।
Bandipur Tiger Reserve (1973) वनाड पठार में मैसूर में स्थित है। तमिलनाडु के Mudumalai और Kerala के Wayanad से सटा है। गोपालस्वामी बेट्टा मंदिर यहां स्थित है। 150 बाघ हैं।
Nagarahole Tiger Reserve (“Snake Stream”) मैसूर और कोडगू में फैला है। Nilgiri Biosphere Reserve का हिस्सा। 141 बाघ हैं।
Bhadra Tiger Reserve पश्चिमी घाट में चिकमगलूर और शिमोगा में स्थित है। भारत का पहला टाइगर रिजर्व जिसने village relocation program सफलतापूर्वक पूरा किया। 28 बाघ हैं।
Dandeli-Anshi Tiger Reserve (2008-09, 2015 में Kali Tiger Reserve नाम दिया गया) उत्तर कन्नड़ में स्थित है। 17 बाघ हैं।
BRT Tiger Reserve (Biligiri Rangaswamy Temple) चामराजनगर में पश्चिमी और पूर्वी घाट के बीच स्थित है। 37 बाघ हैं।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु: दक्षिण भारत के Tiger Reserves
आंध्र प्रदेश में Nagarjunasagar-Srisailam Tiger Reserve (1983) देश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व्स में से एक है। नल्लामलाई पहाड़ियों में स्थित। 58 बाघ हैं।
तेलंगाना में दो Tiger Reserves हैं— Kawal और Amrabad। Kawal में कोई बाघ नहीं, Amrabad में 12 बाघ हैं।
तमिलनाडु में 5 Tiger Reserves हैं— Mudumalai, Sathyamangalam, Anamalai, Kalakkad-Mundanthurai और Srivilliputhur-Meghamalai।
Mudumalai Tiger Reserve नीलगिरी में स्थित है। Karnataka के Bandipur और Kerala के Wayanad से कनेक्टेड। 144 बाघ हैं।
Sathyamangalam Tiger Reserve (2013-14) पश्चिमी और पूर्वी घाट के संगम पर इरोड में स्थित है। 85 बाघ हैं।
केरल: Western Ghats के दो Tiger Reserves
केरल में दो Tiger Reserves हैं— Periyar और Parambikulam।
Periyar Tiger Reserve (1978) इडुक्की जिले में स्थित है। प्रसिद्ध सबरीमाला अय्यप्पा मंदिर यहां स्थित है। 1895 में बने Periyar Dam से बनी झील इस रिजर्व का हिस्सा है। 30 बाघ हैं।
Parambikulam Tiger Reserve पश्चिमी घाट के अन्नामलाई लैंडस्केप में पलक्कड़ और त्रिशूर में फैला है। विश्व का Biodiversity Hotspot। 31 बाघ हैं।
State-wise Tiger Reserves और बाघों की संख्या (2023 डेटा)
| राज्य | Tiger Reserves की संख्या | कुल बाघ (लगभग) | प्रमुख Tiger Reserve |
|---|---|---|---|
| मध्य प्रदेश | 7 | 550+ | Bandhavgarh (135) |
| कर्नाटक | 5 | 520+ | Bandipur (150) |
| उत्तराखंड | 2 | 314 | Corbett (260) |
| महाराष्ट्र | 6 | 310+ | Tadoba (97) |
| तमिलनाडु | 5 | 260+ | Mudumalai (144) |
| असम | 4 | 181 | Kaziranga (104) |
| राजस्थान | 4 | 78 | Ranthambore (57) |
| आंध्र प्रदेश | 1 | 58 | Nagarjunasagar |
| तेलंगाना | 2 | 12 | Amrabad |
| केरल | 2 | 61 | Periyar, Parambikulam |
भारत की Tiger Conservation की सफलता की कहानी
अगर गौर करें तो भारत ने Tiger Conservation में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है। 2010 में St. Petersburg Summit में तय किया गया था कि 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी की जाएगी। भारत ने यह लक्ष्य 2018 में ही हासिल कर लिया।
सफलता के कारण:
- Community participation और tribal rights का सम्मान
- Scientific monitoring (camera traps, DNA analysis)
- Anti-poaching measures
- Habitat corridors का निर्माण
- Inter-state coordination
चुनौतियां और भविष्य की रणनीति
हालांकि कुछ Tiger Reserves में बाघों की संख्या चिंताजनक रूप से कम है:
- Satkosia (Odisha): 0
- Dampa (Mizoram): 0
- Sahyadri (Maharashtra): 0
- Palamau (Jharkhand): 1
- Kawal (Telangana): 0
आगे की राह:
- Habitat restoration
- Human-wildlife conflict mitigation
- Relocation programs
- Climate change adaptation strategies
- Genetic diversity maintenance
मुख्य बातें (Key Points)
- भारत में 2026 तक कुल 58 Tiger Reserves हैं, जो 18 राज्यों में फैले हुए हैं
- 1973 में Project Tiger शुरू होने पर केवल 9 Tiger Reserves थे, तब बाघों की संख्या 1,800 थी
- वर्तमान में भारत में 3,000+ बाघ हैं— विश्व के कुल बाघों का 80%
- मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 7 Tiger Reserves हैं, इसे “Tiger State” कहा जाता है
- Corbett (260), Bandipur (150), Mudumalai (144) और Bandhavgarh (135) में सबसे ज्यादा बाघ हैं
- कुछ Tiger Reserves जैसे Satkosia, Dampa और Kawal में बाघ विलुप्त हो गए हैं
- इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत प्रयासों से 1973 में Project Tiger शुरू हुआ था













