INDIA Block Meeting: विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन की तेईस राजनीतिक पार्टियां सोमवार को दिल्ली में एक अहम बैठक करने जा रही हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी और डीएमके जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की हार के बाद गठबंधन अपनी रणनीति पर फिर से विचार करेगा। दिलचस्प बात यह है कि यह बैठक लंबे समय बाद हो रही है क्योंकि विपक्षी नेता आखिरी बार 2024 की लोकसभा चुनावों के दौरान मिले थे।
संविधान क्लब में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, टीएमसी की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे समेत चोटी के विपक्षी नेता शामिल होंगे।
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डीएमके और आप क्यों नहीं होंगे शामिल?
अगर गौर करें तो इस बैठक में दो बड़ी पार्टियों की गैरमौजूदगी ध्यान खींचती है। डीएमके और आम आदमी पार्टी (आप) इस विचार-विमर्श का हिस्सा नहीं होंगी क्योंकि वे गठबंधन से बाहर हो गई हैं।
आप ने पहले ही सार्वजनिक तौर पर खुद को गठबंधन से दूर कर लिया है। जबकि डीएमके ने कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में उनके साथ संबंध तोड़ने और टीवीके की अगुवाई वाली सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
यह दर्शाता है कि गठबंधन के अंदर कुछ दरारें आ गई हैं। समझने वाली बात यह है कि चुनावों में मिली हार और राज्य स्तर पर अलग-अलग समीकरण इन दरारों की वजह हैं।
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क्या होगा बैठक का एजेंडा?
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक कई अहम मुद्दों पर केंद्रित होगी:
2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी: गठबंधन अगले लोकसभा चुनावों के लिए एक मजबूत रणनीति तैयार करना चाहता है।
राज्य स्तरीय चुनावों में तालमेल: आगामी विधानसभा चुनावों में किस प्रकार सीटों का बंटवारा हो और कैसे एक-दूसरे का सहयोग किया जाए।
मोदी सरकार के खिलाफ मुद्दे: राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति बनाना।
चुनावी धांधली के आरोप: खास तौर पर बिहार में वोटर सूचियों में विशेष त्वरित संशोधन (SIR) का मुद्दा उठाना।
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इंडिया गठबंधन की यात्रा
देखा जाए तो ‘इंडिया’ गठबंधन मूल रूप में 25 से अधिक पार्टियों का बना था। राहुल गांधी ने पिछले साल अगस्त में अपने आवास पर विपक्षी नेताओं की मेजबानी की थी जिसमें लगभग 50 नेता इकट्ठे हुए थे।
इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (INDIA) की आखिरी आधिकारिक बैठक 1 जून, 2024 को लोकसभा चुनावों से ठीक पहले नई दिल्ली में हुई थी। उसके बाद से अब तक गठबंधन के नेता केवल संसद सत्र से पहले औपचारिक रूप से मिले हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया
यहां ध्यान देने वाली बात है कि भाजपा ने इस बैठक को लेकर तंज कसा है। भाजपा का कहना है कि विपक्षी गठबंधन “कल्पना की उपज” है और इसमें जमीनी स्तर पर कोई दृढ़ता नहीं है।
हालांकि, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की तरह, “इंडिया जनबंधन” अपनी विविधता के जरिए एकजुट खड़ा है।
गठबंधन के सामने चुनौतियां
हैरान करने वाली बात यह है कि विपक्षी गठबंधन के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं:
राज्य स्तर पर टकराव: कई राज्यों में गठबंधन के सदस्य आपस में प्रतिद्वंद्वी हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में यह स्थिति स्पष्ट दिखती है।
नेतृत्व का सवाल: गठबंधन में कौन मुख्य चेहरा होगा, यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है।
विभिन्न विचारधाराएं: गठबंधन में वामपंथी से लेकर क्षेत्रीय दल तक शामिल हैं, जिनकी विचारधाराएं अलग-अलग हैं।
चुनावी प्रदर्शन: हाल के विधानसभा चुनावों में गठबंधन के कई सदस्यों का खराब प्रदर्शन रहा है।
आगे का रास्ता
गठबंधन भविष्य की कार्य योजना पर विचार करने के लिए तैयार है। राज्यों में अगले चुनाव चक्र और 2029 की लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट चेहरा पेश करने का लक्ष्य रखा गया है।
सवाल उठता है कि क्या यह गठबंधन अपनी आंतरिक दरारों को पाट पाएगा? क्या 2029 में यह भाजपा के लिए एक मजबूत चुनौती बन पाएगा? इन सवालों के जवाब इसी बैठक से मिलने शुरू हो सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- इंडिया गठबंधन की 23 पार्टियां सोमवार को करेंगी अहम बैठक
- डीएमके और आप गठबंधन से बाहर, बैठक में नहीं होंगे शामिल
- राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव समेत बड़े नेता होंगे मौजूद
- 2029 लोकसभा चुनाव और राज्य स्तरीय चुनावों की रणनीति पर होगी चर्चा












