IMD Weather Forecast के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक साथ कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस विभाग ने बताया कि उत्तरी ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर स्थित एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अभी सक्रिय है और 2 अप्रैल 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों का संयुक्त असर कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल, पूर्वोत्तर भारत समेत देश के बड़े हिस्से पर पड़ेगा।

पिछले 24 घंटों में कहां-कहां बरसे बादल
IMD की रिपोर्ट के अनुसार 30 मार्च 2026 की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों में त्रिपुरा और केरल में कुछ स्थानों पर 7-11 सेमी तक भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही हरियाणा, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना भी मिली। केरल के कोझीकोड में 8 सेमी और त्रिपुरा के कदमतला में 8 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
इसी दौरान अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, ओडिशा, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, विदर्भ, कोंकण, मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुदुचेरी और गुजरात क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ तूफान आया। पंजाब के मुक्तसर साहिब में सबसे तेज हवा 55 किमी प्रति घंटे और सौराष्ट्र के खावड़ा (कच्छ) में 52 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
तापमान में भी बड़ा उतार-चढ़ाव: अकोला में पारा 41.4°C
IMD Weather Forecast में तापमान की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। कल सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4°C विदर्भ के अकोला में दर्ज किया गया। तेलंगाना, छत्तीसगढ़, रायलसीमा, पूर्वी मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में अधिकतम तापमान 36°C से 41°C की सीमा में रहा। वहीं राजस्थान, गुजरात, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में यह 32°C से 36°C के बीच रहा।
छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C तक अधिक रहा। दूसरी ओर, भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.0°C पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और पूर्वोत्तर भारत में रात का तापमान 12-18°C की सीमा में रहा।
उत्तर-पश्चिम भारत में आगे कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार 30-31 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर तक हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी होगी, साथ में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। 30 मार्च को कश्मीर घाटी में छिटपुट भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
30 और 31 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-बिजली के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। 30 मार्च को इन सभी क्षेत्रों में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है।
3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में फिर से छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश-बर्फबारी होगी। उत्तराखंड में 3 से 5 अप्रैल तक और पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में 3 से 5 अप्रैल के दौरान बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। 2 अप्रैल 2026 से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत में आने की संभावना है, जो मौसम को और उग्र बना सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
IMD Weather Forecast के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश के साथ गरज-बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश में 31 मार्च और 1 अप्रैल को, असम-मेघालय में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 और 31 मार्च को भारी बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
पूर्वी भारत में आंधी-तूफान का खतरा: 70 किमी प्रति घंटे तक हवाएं
पूर्वी भारत के लिए IMD ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। 30 मार्च को ओडिशा और 31 मार्च को बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज के साथ आंधी आने की संभावना है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 31 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट भारी वर्षा की भी संभावना है।
31 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में छिटपुट ओलावृष्टि की भी चेतावनी है। इन क्षेत्रों में पेड़ उखड़ सकते हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है और बिजली-संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं।
मध्य और पश्चिम भारत में ओलावृष्टि की चेतावनी
मध्य भारत में अगले 5 दिनों तक छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। 30 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 31 मार्च और 1 अप्रैल को विदर्भ और 30 मार्च से 1 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है।
पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक छिटपुट बारिश और तेज हवाएं (30-50 किमी प्रति घंटा से 60 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 और 31 मार्च को ओलावृष्टि का भी खतरा है। गुजरात में 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को, कोंकण और गोवा में 31 मार्च से 2 अप्रैल तक बिजली गिरने की संभावना है।
दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी IMD Weather Forecast ने अलर्ट जारी किया है। केरल और माहे में 30 और 31 मार्च को भारी वर्षा की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक, रायलसीमा में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होगी। तटीय कर्नाटक में 30 मार्च को भारी वर्षा और 30 मार्च को तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि की संभावना है।
केरल और माहे में 1 से 3 अप्रैल तक और तटीय कर्नाटक में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी है। इन क्षेत्रों के किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम: 30 मार्च से 2 अप्रैल तक का पूर्वानुमान
दिल्ली-NCR के लिए IMD ने अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-36°C और न्यूनतम तापमान 19-21°C रहा। दोनों ही सामान्य से अधिक रहे।
30 मार्च 2026: आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, जो दोपहर तक घने हो जाएंगे। दोपहर में गरज-बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे (झोकों के साथ 50 किमी तक) की तेज हवाओं के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश का दौर आ सकता है। शाम से रात तक एक और दौर आ सकता है। अधिकतम तापमान 33°C से 35°C रहने की संभावना है।
31 मार्च 2026: आसमान में बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच बहुत हल्की बारिश-बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C और न्यूनतम 18°C से 20°C रहेगा।
1 अप्रैल 2026: आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम 33°C से 35°C और न्यूनतम 18°C से 20°C रहेगा।
2 अप्रैल 2026: अधिकतम तापमान बढ़कर 35°C से 37°C और न्यूनतम 19°C से 21°C तक पहुंचने का अनुमान है, जो सामान्य से अधिक रहेगा।
अधिकतम तापमान में कैसा रहेगा बदलाव
उत्तर प्रदेश को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत में 30 मार्च तक अधिकतम तापमान में 2-4°C की गिरावट होगी, फिर 31 मार्च से 3 अप्रैल तक 3-5°C की वृद्धि होगी और 4-5 अप्रैल को फिर 3-5°C की गिरावट आएगी। मध्य भारत में 1 अप्रैल तक कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 2 से 5 अप्रैल के दौरान 2-3°C की गिरावट होगी। गुजरात में 1 अप्रैल तक 2-3°C की गिरावट संभव है। महाराष्ट्र में 31 मार्च से 5 अप्रैल तक 2-3°C की क्रमिक गिरावट आएगी।
मछुआरों के लिए गंभीर चेतावनी
IMD ने मछुआरों को 30 मार्च से 4 अप्रैल 2026 के दौरान कुछ क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक गंगा के मैदानी पश्चिमी बंगाल क्षेत्र में, और अरब सागर में 30 मार्च को ओमान और ईरान के तटों के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी अरब सागर से सटे क्षेत्रों में मछली पकड़ने से बचना चाहिए। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं मछुआरों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
किसानों के लिए IMD की जरूरी सलाह
IMD ने ओलावृष्टि और भारी वर्षा के मद्देनजर किसानों के लिए विशेष कृषि-मौसम परामर्श जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलों से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करना चाहिए।
परिपक्व फसलों और फलों की कटाई तुरंत करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें। खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या तिरपाल से ढकें। भारी वर्षा और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड में रखें और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें।
इतने बड़े पैमाने पर चेतावनी क्यों जरूरी है
इस बार की स्थिति इसलिए गंभीर है क्योंकि एक साथ दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं और उनसे जुड़ी कई चक्रवाती परिसंचरण प्रणालियां अलग-अलग क्षेत्रों में बनी हुई हैं। पंजाब-हरियाणा, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़, बिहार से मणिपुर तक और पश्चिम विदर्भ से दक्षिणी तमिलनाडु तक कई गर्त और पवन प्रवाह असंतुलन बने हुए हैं। इन सबके मिले-जुले प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में बारिश, ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो रही हैं।
आम लोगों को सलाह है कि मौसम पर नजर रखें, जरूरत न हो तो यात्रा से बचें, घर के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल दें। निचले इलाकों में रहने वालों को जलभराव और बाढ़ का खतरा हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में इस पूरे सप्ताह बारिश जारी रहेगी, चरम गतिविधि 30 मार्च और 4 अप्रैल को होगी।
- कश्मीर घाटी में 30 मार्च को छिटपुट भारी बारिश-बर्फबारी, ओडिशा-बिहार-पश्चिम बंगाल में 70 किमी प्रति घंटे तक तेज आंधी की चेतावनी।
- विदर्भ के अकोला में अधिकतम तापमान 41.4°C दर्ज, कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी अधिक।
- 15 से अधिक राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी: किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की सलाह।
- मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में 30 मार्च से 4 अप्रैल तक समुद्र में न जाने की चेतावनी।












