IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे जारी अपनी प्रेस रिलीज में कई राज्यों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। देखा जाए तो एक तरफ जहां पूर्वोत्तर भारत में अति भारी बारिश और तूफानी हवाओं का कहर जारी है, वहीं मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी की लहर लोगों को परेशान कर रही है।
मेघालय में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में पारा 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि त्रिपुरा के कुछ इलाकों में 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान आया है।

पिछले 24 घंटों में मौसम का मिजाज: त्रिपुरा और मेघालय में तबाही
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल सुबह 8:30 बजे से 28 अप्रैल सुबह 8:30 बजे तक के बीच त्रिपुरा के कई स्थानों पर 7-20 सेंटीमीटर की भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। धलाई जिले के कमलपुर में सबसे ज्यादा 16 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। उनकोटी जिले के कैलाशहर में 12 सेंटीमीटर, जबकि नॉर्थ त्रिपुरा के कई इलाकों में 8-10 सेंटीमीटर बारिश हुई।
मेघालय की स्थिति भी काफी गंभीर रही। ईस्ट खासी हिल्स के प्रसिद्ध मॉसिनराम और चेरापूंजी में 6-7 सेंटीमीटर बारिश हुई। साउथ वेस्ट खासी हिल्स के मॉकिरवट में भी 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगर गौर करें तो यह क्षेत्र दुनिया के सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों में शुमार होते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि ओडिशा के गंजम जिले के सोरदा में भी 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस समय असामान्य मानी जा रही है।
110 kmph की रफ्तार से चली आंधी, कई राज्यों में तबाही
पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में तूफानी हवाओं ने भी काफी नुकसान पहुंचाया। सबसे तेज हवा त्रिपुरा के चेलेंगटा में दर्ज हुई, जहां आंधी की रफ्तार 111 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। नलकाटा में 83 kmph, कंचनपुर में 72 kmph और हेजामारा में 63 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं।
असम और मेघालय में भी स्थिति गंभीर रही। गुवाहाटी में 57 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। ओडिशा के मयूरभंज में 65 kmph, झारखंड के रांची में 52 kmph और पश्चिम बंगाल के दमदम में 51 kmph की रफ्तार से आंधी चली।
समझने वाली बात यह है कि उत्तर भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। पंजाब के बठिंडा में 57 kmph, फाजिल्का में 56 kmph और हरियाणा के चरखी दादरी में 59 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा और अलीगढ़ में भी 56-57 kmph की तेज हवाओं का अनुभव हुआ।
बांदा में 47.6°C, देश के कई हिस्सों में गर्मी का कहर
जबकि पूर्वोत्तर भारत बारिश और आंधी से जूझ रहा है, वहीं देश के बाकी हिस्सों में भयंकर गर्मी का सितम जारी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 24 घंटों में देश का सबसे अधिकतम तापमान रहा।
देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-46 डिग्री सेल्सियस की रेंज में रहा। हालांकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर बिहार और पूर्वोत्तर भारत में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में भी तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम 20 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
हीट वेव की चेतावनी: राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में खतरा
IMD ने 28 अप्रैल को राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू (हीट वेव) की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, विदर्भ के कुछ इलाकों और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और आंतरिक ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्म रातों की स्थिति भी देखी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि रात का तापमान भी गिर नहीं रहा, जिससे लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
IMD ने चेतावनी जारी की है कि तेज गर्मी से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। कमजोर लोग, बुजुर्ग, बच्चे और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। धूप में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए और भरपूर पानी पीना चाहिए।
ओलावृष्टि का कहर: पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में
पिछले 24 घंटों में गंगेटिक पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण इंटीरियर कर्नाटक में ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) की घटनाएं दर्ज की गईं। ओलों से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
IMD ने आगामी दिनों के लिए भी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 28 अप्रैल को गंगेटिक पश्चिम बंगाल में, 28 और 30 अप्रैल को झारखंड में, 28 और 29 अप्रैल को इंटीरियर कर्नाटक में ओलावृष्टि की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 29 अप्रैल को और उत्तराखंड में 28 और 29 अप्रैल को ओलावृष्टि हो सकती है।
मेघालय में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट
IMD ने मेघालय के लिए 28 अप्रैल को अति भारी बारिश (204.4 मिमी से अधिक) का रेड अलर्ट जारी किया है। यह बेहद गंभीर चेतावनी है।
इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अप्रैल से 4 मई तक भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 28 अप्रैल से 3 मई तक भारी बारिश रहेगी।
विशेष रूप से, अरुणाचल प्रदेश में 30 अप्रैल से 2 मई के बीच अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। असम-मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 28 और 29 अप्रैल को अति भारी बारिश का अनुमान है।
थंडरस्क्वॉल की चेतावनी: 80 kmph तक तेज आंधी
IMD ने कई राज्यों के लिए थंडरस्क्वॉल (तूफानी आंधी) की गंभीर चेतावनी जारी की है। त्रिपुरा में 28 अप्रैल को 60-70 kmph की रफ्तार से आंधी चल सकती है, जो 80 kmph तक पहुंच सकती है।
पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ में 28 और 29 अप्रैल को 50-60 kmph की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है, जो 70 kmph तक पहुंच सकती है। असम और मेघालय में भी 28 अप्रैल को इतनी ही तेज आंधी चल सकती है।
गंगेटिक पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में 28-30 अप्रैल के बीच 50-60 kmph की रफ्तार से आंधी आ सकती है, जो 70 kmph तक तेज हो सकती है।
दिल्ली-NCR का मौसम पूर्वानुमान: बारिश और तूफान की संभावना
राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में भी मौसम बदलने वाला है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-29 डिग्री सेल्सियस की रेंज में रहा। पश्चिम दिशा से 20 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो कई बार 58 kmph तक पहुंच गईं।
28 अप्रैल को दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे, जो दोपहर बाद घने हो जाएंगे। दोपहर/शाम को हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ बिजली कड़कने और तूफान आने की संभावना है। आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 25-35 kmph रहेगी, जो 45 kmph तक पहुंच सकती है। अधिकतम तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
29 अप्रैल को दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने और तेज हवाओं (20-30 kmph, जो 40 kmph तक पहुंच सकती हैं) की संभावना है। अधिकतम तापमान गिरकर 37-39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26-28 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
30 अप्रैल को सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं (30-40 kmph, जो 50 kmph तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
1 मई को मौसम साफ रहेगा और तापमान फिर से 39-41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।
मछुआरों के लिए गंभीर चेतावनी: बंगाल की खाड़ी में न जाएं
IMD ने मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। 28 अप्रैल से 3 मई 2026 तक बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने न जाने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल के तटों और बांग्लादेश तट के पास, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में समुद्र में जाना खतरनाक हो सकता है। समुद्र में तेज लहरें और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
अरब सागर के लिए अभी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 30 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आ सकती है। 1-4 मई के बीच कोई खास बदलाव नहीं होगा।
मध्य भारत में 28 अप्रैल तक कोई खास बदलाव नहीं होगा। 29 अप्रैल से 1 मई के बीच 2-3 डिग्री की गिरावट और 2-3 मई को फिर से 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी संभावित है।
पूर्वी भारत में 29 अप्रैल तक 2-4 डिग्री की गिरावट और फिर 30 अप्रैल से 4 मई तक कोई खास बदलाव नहीं रहेगा। पश्चिमी भारत में 1 मई तक 2-3 डिग्री की गिरावट और फिर 2-4 मई को स्थिरता रहेगी।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
IMD ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें। तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
घर के अंदर रहें और दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें। अगर संभव हो तो यात्रा न करें। पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट की दीवारों/फर्श, पानी के स्रोतों और बिजली के तारों से दूर रहें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और मौसम की स्थिति बिगड़ने पर सतर्क रहें।
भारी बारिश के दौरान: सड़कों पर जलभराव हो सकता है, खासकर शहरी इलाकों में। अंडरपास बंद हो सकते हैं। यातायात में रुकावट आ सकती है। कच्ची सड़कों को नुकसान हो सकता है। भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हो सकती हैं।
लू और गर्मी से बचाव: धूप में लंबे समय तक न रहें। डिहाइड्रेशन से बचें। भरपूर पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। ORS, लस्सी, चावल का पानी (तोरानी), नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
किसानों के लिए कृषि सलाह
IMD ने किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की है:
ओलावृष्टि के प्रभाव से बचाव: गंगेटिक पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, इंटीरियर कर्नाटक और झारखंड में फलों के बागों और सब्जियों की फसलों में ओला रोधी जाली या ओला टोपी का उपयोग करें। खेतों में पानी भराव रोकने के लिए उचित निकासी सुनिश्चित करें। पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी बारिश के प्रभाव से बचाव: अरुणाचल प्रदेश में पत्तागोभी, मटर, सरसों और आलू की कटी फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें। धान, मक्का, सब्जियों और बागों में उचित निकासी सुनिश्चित करें।
असम में खेतों में पानी जमा न होने दें। पकी फसलों की तुरंत कटाई करें और उपज को सूखे स्थान पर रखें। नर्सरी बेड्स को प्लास्टिक शीट से ढकें।
मेघालय में गाजर, भिंडी और फ्रेंच बीन की बुवाई स्थगित करें। मक्का, अदरक और टमाटर में उचित जल निकासी करें। गिरने से बचाने के लिए सहारे का प्रबंध करें।
लू और गर्म मौसम से बचाव: महाराष्ट्र-विदर्भ में ग्रीष्मकालीन हरी मूंग, मूंगफली, प्याज, सूरजमुखी और सब्जियों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जियों में हल्की सिंचाई करें। राजस्थान में जायद मूंग, कपास, भिंडी और बेल वाली फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखें।
पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सलाह
भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और संतुलित चारा दें। चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें। तालाबों के चारों ओर जाली लगाकर अतिरिक्त पानी निकालने का प्रबंध करें, ताकि मछलियां भाग न सकें।
गर्मी और लू वाले क्षेत्रों में पशुओं को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं। मुर्गीपालन शेड की छतों को घास से ढकें ताकि गर्मी का प्रभाव कम हो।
मौसम प्रणालियां और वायुमंडलीय स्थितियां
IMD ने बताया कि वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर लगभग देशांतर 66°E के साथ अक्षांश 30°N के उत्तर में चल रहा है।
एक और गर्त पश्चिमी हवाओं में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर लगभग देशांतर 92°E के साथ अक्षांश 22°N के उत्तर में बना हुआ है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों पर निम्न क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल पर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। उत्तरी हरियाणा से मणिपुर तक एक पूर्व-पश्चिम गर्त निम्न क्षोभमंडलीय स्तर पर चल रहा है।
एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 मई 2026 से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने 28 अप्रैल 2026 को देशभर के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की
- मेघालय में अति भारी बारिश (204.4 मिमी से अधिक) का रेड अलर्ट
- बांदा (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में देश का सबसे अधिक तापमान 47.6°C रिकॉर्ड
- त्रिपुरा के चेलेंगटा में 111 kmph की रफ्तार से तूफानी हवाएं
- राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और तेलंगाना में हीट वेव चेतावनी
- मछुआरों को 28 अप्रैल से 3 मई तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह
- पूर्वोत्तर भारत में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश, तूफान और बिजली कड़कने का अनुमान
- दिल्ली-NCR में 28-30 अप्रैल के बीच बारिश और तूफान की संभावना












