IMD Weather Alert 3 May 2026: भारत मौसम विभाग (IMD) ने देशभर के कई राज्यों के लिए खतरनाक मौसम का अलर्ट जारी किया है। 2 मई 2026 को दोपहर 1:15 बजे जारी प्रेस रिलीज के अनुसार पूर्वोत्तर भारत, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस सप्ताह भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही 3 से 6 मई के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का खतरा है।
देखा जाए तो पिछले 24 घंटों में ही कई राज्यों में मौसम ने करवट ली है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर 7-20 सेंटीमीटर तक भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। दिलचस्प बात यह है कि ओडिशा के गोपालपुर में 92 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जबकि राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

पिछले 24 घंटों में मौसम का हाल: कहां क्या हुआ?
India Meteorological Department के आंकड़ों के मुताबिक 1 मई की सुबह 8:30 बजे से 2 मई की सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में मौसम ने कई राज्यों में उथल-पुथल मचाई। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में सबसे भारी बारिश रही जहां जलपाईगुड़ी जिले के घीश में 16 सेंटीमीटर, सेवोके (दार्जिलिंग) में 15 सेंटीमीटर और वाशाबाड़ी टी एस्टेट में 13 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
बिहार में पूर्णिया और कटिहार जिलों में 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। असम के बीपी घाट में 9 सेंटीमीटर और तटीय आंध्र प्रदेश के गंटयाडा में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगर गौर करें तो तूफानी हवाओं ने भी कहर बरपाया। ओडिशा के गोपालपुर में 92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के झारग्राम में 72 किमी प्रति घंटे, मध्य प्रदेश के जबलपुर में 63 किमी प्रति घंटे और असम के मानस में 59 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
तापमान का हाल: कहां है गर्मी, कहां राहत?
समझने वाली बात यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान की स्थिति भी अलग-अलग रही। विदर्भ, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी यही स्थिति रही।
हैरान करने वाली बात यह है कि राजस्थान के बाड़मेर में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 24 घंटों में देश का सबसे अधिक तापमान था। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत में न्यूनतम तापमान 13-19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
तटीय आंध्र प्रदेश में तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। जम्मू-कश्मीर, दक्षिण राजस्थान, गुजरात, कोंकण, तमिलनाडु और केरल में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा।
मौसम प्रणालियां: क्यों बदल रहा है मौसम?
और बस यहीं से शुरू होती है असली कहानी। IMD के अनुसार मध्य ट्रोपोस्फियर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) लगभग 60 डिग्री पूर्व देशांतर से 32 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।
पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जिससे एक उत्तर-दक्षिण गर्त कोमोरियन क्षेत्र तक निचली ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में फैला है। पूर्व-पश्चिम गर्त पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से मणिपुर तक निचली ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में स्थित है।
उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में तथा उत्तर बांग्लादेश और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदलने वाला है।
पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का रेड अलर्ट
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होगी। गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2-4 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 2 मई को असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर अति भारी वर्षा हो सकती है।
पश्चिम बंगाल-सिक्किम: जारी रहेगी बारिश
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 5 दिनों तक व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। गरज-चमक के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
2-4 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होगी, जबकि 2 मई को अति भारी वर्षा की संभावना है। 4 और 5 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (70 किमी प्रति घंटे तक झोंके) आ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत: आंधी-ओलावृष्टि का खतरा
देखा जाए तो उत्तर-पश्चिम भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर में 2-6 मई, हिमाचल प्रदेश में 3-5 मई और उत्तराखंड में 2-8 मई के दौरान छिटपुट से व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी होगी। गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
पंजाब में 3-6 मई, हरियाणा-चंडीगढ़ में 2-6 मई, राजस्थान में 2-8 मई, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3-6 मई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4-7 मई के दौरान बारिश होगी।
सबसे खतरनाक स्थिति 4-5 मई को होगी जब पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (70 किमी प्रति घंटे तक झोंके) आने की संभावना है। राजस्थान में 4 मई को ऐसी ही स्थिति रहेगी।
ओलावृष्टि की संभावना जम्मू-कश्मीर में 3 मई, हिमाचल प्रदेश में 4 मई, तथा उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ में 4-5 मई को है। राजस्थान में 4 मई को धूल भरी आंधी भी आ सकती है।
पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड-ओडिशा में अलर्ट
पूर्वी भारत में झारखंड, बिहार और ओडिशा में अगले 7 दिनों तक छिटपुट से व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होगी। गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
पश्चिम बंगाल-सिक्किम और ओडिशा में 4-5 मई, झारखंड में 4 मई, तथा बिहार में 4 और 6 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आ सकती है। बिहार में 4 मई को भारी बारिश और ओलावृष्टि दोनों की संभावना है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में तूफान
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। विदर्भ में 3-6 मई के दौरान बारिश होगी।
छत्तीसगढ़ में 3-4 मई, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 4-5 मई, तथा पश्चिम मध्य प्रदेश में 5 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश जारी
दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल, केरल-माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 2-6 मई के दौरान छिटपुट से व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होगी।
तटीय आंध्र प्रदेश में 2-3 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आ सकती है। भारी बारिश तमिलनाडु-पुडुचेरी और केरल-माहे में 2-8 मई, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 4-8 मई, तथा तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 5-6 मई को होगी।
दिल्ली-NCR का मौसम: 3-5 मई तक आंधी-बारिश
दिल्ली और NCR के लिए IMD ने विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। 2 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दक्षिण-पूर्व दिशा से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
3 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे जो दोपहर बाद आम तौर पर बादल छाए रहने में बदल जाएगा। दोपहर से शाम तक बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (50 किमी प्रति घंटे तक झोंके) चल सकती हैं।
4 मई को आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक एक या दो बार बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
5 मई को भी आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। पूर्वाह्न से दोपहर तक एक या दो बार बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार 20-30 किमी प्रति घंटे (40 किमी प्रति घंटे तक झोंके) रहेगी।
लू और गर्म-आर्द्र मौसम की चेतावनी
तटीय आंध्र प्रदेश में 2-3 मई को अलग-अलग जगहों पर लू चलने की संभावना है। गर्म और आर्द्र मौसम तमिलनाडु-पुडुचेरी में 2-4 मई, तटीय कर्नाटक में 2 मई और तटीय आंध्र प्रदेश में 4-5 मई को रहेगा।
मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी: ओडिशा तट और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम बंगाल तट और बांग्लादेश तट के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 2 मई को न जाएं। 3-4 मई को भी सावधानी बरतें।
अरब सागर: गुजरात तट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में 2 मई को न जाएं।
संभावित प्रभाव और सुरक्षा उपाय
IMD ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और ओलावृष्टि से निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं:
- पेड़ों की शाखाएं टूटना और बड़े पेड़ उखड़ना
- खड़ी फसलों को नुकसान
- केला और पपीता के पेड़ों को नुकसान
- बिजली और संचार लाइनों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति
- ओले से खुले में लोगों और पशुओं को चोट
सुरक्षा सलाह:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- यदि संभव हो तो यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट के फर्श या दीवारों से दूर रहें
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें
भारी बारिश के प्रभाव और उपाय
भारी से अति भारी बारिश से:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जलभराव
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- प्रमुख शहरों में यातायात बाधित
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी के खिसकने की संभावना
- बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
किसानों के लिए कृषि सलाह
बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिम राजस्थान में फलों के बागों और सब्जी के पौधों को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला कैप का उपयोग करें।
अरुणाचल प्रदेश में WRC धान की नर्सरी की बुवाई स्थगित करें। असम में फसल खेतों में जल जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में जलभराव को रोकने के लिए उचित क्षेत्र जल निकासी सुनिश्चित करें, विशेष रूप से अदरक, टमाटर के खेतों में।
केरल में केले, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। तमिलनाडु में उड़द, मूंग, गन्ना, बागान और सब्जियों में जल जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
आंध्र प्रदेश में खड़ी फसलों, सब्जियों और फलों के बागों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें।
पशुधन और मुर्गी पालन की देखभाल
भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें। चारा और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें।
उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में जानवरों के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी प्रदान करें। मुर्गी पालन शेड की छतों को घास से ढकें।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने 2 मई 2026 को देशभर के कई राज्यों के लिए मौसम का खतरनाक अलर्ट जारी किया
- पूर्वोत्तर भारत और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
- 3-6 मई के बीच पश्चिमी हिमालय, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि
- ओडिशा के गोपालपुर में 92 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी दर्ज
- राजस्थान के बाड़मेर में 44.6°C अधिकतम तापमान रिकॉर्ड
- दिल्ली-NCR में 3-5 मई तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं
- तटीय आंध्र प्रदेश में 2-3 मई को लू की चेतावनी
- मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में जाने से मना किया गया
- पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, राजस्थान, झारखंड और बिहार में ओलावृष्टि की संभावना
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने की सलाह













