IMD Monsoon 2026: भीषण गर्मी और लू की तपिश से झुलस रहे देश के करोड़ों लोगों के लिए आखिरकार भारतीय मौसम विभाग (IMD) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। India Meteorological Department (IMD) द्वारा 28 मई 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, देश में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से अब बहुत जल्द निजात मिलने वाली है, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
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देखा जाए तो पिछले कुछ हफ्तों से उत्तर और मध्य भारत के लोग जिस तरह झुलसा देने वाली गर्मी का सामना कर रहे हैं, उसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन अब राहत की किरण साफ दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने अगले दो हफ्तों यानी 28 मई से 10 जून 2026 तक के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें मानसून की दस्तक से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली मानसूनी बारिश और गरज-चमक का पूरा ब्योरा दिया गया है।

‘जानें आपके राज्य में कब पहुंचेगा मानसून’
अगर गौर करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस साल अपनी रफ्तार पकड़ ली है और यह लगातार अनुकूल परिस्थितियों के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि 23 मई को मानसून दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, और बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में दाखिल हो चुका था। इसके बाद 27 मई को यह और आगे बढ़ते हुए लक्षद्वीप, अंडमान सागर और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ नए इलाकों को अपनी आगोश में ले चुका है।
समझने वाली बात यह है कि अगले कुछ दिनों में, विशेष रूप से 28 मई से 3 जून के बीच, मानसून के और अधिक सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके चलते केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण अरब सागर के बचे हुए हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी हवाएं दस्तक दे देंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को तपती गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी और मौसम सुहावना हो जाएगा।
‘भीषण गर्मी का कहर: यूपी के बांदा में पारा 47.6 डिग्री के पार’
चिंता का विषय यह है कि पिछले हफ्ते उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया है। अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश का बांदा जिला और महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी सबसे गर्म स्थान रहे, जहां अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में भी तापमान ने झुलसाने वाले रिकॉर्ड बनाए हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश के लोग लगातार लू (Heat Wave) और गंभीर लू (Severe Heat Wave) का सामना कर रहे हैं।
लेकिन राहत की बात यह है कि अब इस भीषण गर्मी के दिन गिनती के ही बचे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली ठंडी और नम हवाएं हैं, जो धूल भरी आंधी और बारिश लेकर आ रही हैं।
‘बारिश और आंधी-तूफान का डबल अटैक’
दिलचस्प बात यह है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों ने भी जोर पकड़ लिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तरी झारखंड के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) के कारण मौसम में यह अचानक बदलाव आ रहा है। इसके प्रभाव से न केवल दक्षिण भारत बल्कि पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत में भी आंधी-तूफान का दौर शुरू होने वाला है।
यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 मई को 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और थंडरस्क्वाल (Thundersquall) की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
‘देशभर में बारिश के आंकड़ों पर एक नजर’
मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते दर्ज की गई बारिश और पूर्व-मानसून सीजन (1 मार्च से 27 मई 2026) के दौरान हुई बारिश का एक विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण जारी किया है। इसे हम नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:
| क्षेत्र (Region) | साप्ताहिक वास्तविक बारिश (mm) | साप्ताहिक सामान्य बारिश (mm) | साप्ताहिक विचलन (% Departure) | पूरे सीजन की वास्तविक बारिश (mm) | पूरे सीजन की सामान्य बारिश (mm) | सीजनल विचलन (% Departure) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| पूर्व और पूर्वोत्तर भारत | 48.3 | 47.5 | 2% | 360.8 | 342.4 | 5% |
| उत्तर-पश्चिम भारत | 4.2 | 8.1 | -48% | 98.6 | 109.9 | -10% |
| मध्य भारत | 1.2 | 4.9 | -75% | 36.1 | 32.6 | 11% |
| दक्षिण प्रायद्वीप | 25.7 | 16.4 | 57% | 110.5 | 109.4 | 1% |
| संपूर्ण भारत (देशभर में) | 14.4 | 14.9 | -3% | 121.7 | 120.8 | 1% |
इस तालिका से साफ होता है कि दक्षिण भारत में इस बार सामान्य से 57% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो मानसून के मजबूत आगमन का संकेत है। इसके विपरीत, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले हफ्ते सूखे जैसे हालात रहे, लेकिन आने वाले दिनों में यह कमी पूरी होने की उम्मीद है।
‘किसानों और आम जनता के लिए विशेष चेतावनी और सलाह’
और बस यहीं से शुरू होती है असली चुनौती। मौसम विभाग ने तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश को देखते हुए देश के अन्नदाताओं यानी किसानों और आम जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- ओलावृष्टि से बचाव: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बागवानों को सलाह दी गई है कि वे अपने फलों के बगीचों और सब्जियों को बचाने के लिए हेल नेट (Hail Nets) का इस्तेमाल करें।
- जलभराव से सुरक्षा: पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, मिजोरम) और केरल के किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। पकी हुई फसलों को तुरंत काटकर सुरक्षित स्थानों पर रख लें।
- आम जनता के लिए सलाह: आंधी-तूफान के समय बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें। पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें। भीषण गर्मी वाले इलाकों में ढीले सूती कपड़े पहनें और ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन कर खुद को हाइड्रेटेड रखें।
‘मौसम के इस मिजाज का क्या होगा असर’
इसका मतलब साफ है कि अगले दो हफ्तों में भारत का मौसम दो पूरी तरह से अलग छोरों पर खड़ा दिखाई देगा। एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को भीषण और जानलेवा लू से बड़ी राहत मिलने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित भी हो सकता है। यह बदलाव खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए एक उम्मीद की नई किरण लेकर आया है, बशर्ते वे मौसम की चेतावनियों को ध्यान में रखकर अपने कदम उठाएं।
मुख्य बातें (Key Points)
- मानसून की दस्तक: दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान और लक्षद्वीप को पार करते हुए तेजी से केरल और पूर्वोत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है।
- गर्मी से राहत: उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 48 घंटों में तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट होने की संभावना है।
- तेज आंधी का अलर्ट: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी में 29 मई तक 80 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी।
- भारी बारिश की संभावना: केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट।











