Silver Price Hike: चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ा उछाल देखने को मिला है। मजबूत वैश्विक रुझान और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में लगातार बने सकारात्मक माहौल के बीच, वायदा कारोबार में चांदी की कीमतें 0.96 फीसदी के उछाल के साथ 2.38 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई हैं। देखा जाए तो यह निवेशकों और कारोबारियों के लिए एक अहम संकेत है, क्योंकि कीमती धातुओं में यह तेजी वैश्विक आर्थिक हालात से सीधे जुड़ी हुई है।
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MCX पर सितंबर डिलीवरी में जबरदस्त कारोबार
देश के प्रमुख व्यापारिक प्लेटफॉर्म मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर महीने की डिलीवरी वाली चांदी में जबरदस्त कारोबार देखा गया। इस एक्सचेंज पर चांदी का भाव 2,270 रुपए यानी 0.96 फीसदी महंगा होकर 2,38,194 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया।
समझने वाली बात यह है कि इस दौरान कुल 1,412 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है और चांदी को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
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नई पोजीशन बनाने से आई तेजी
बाजार के माहिरों और विश्लेषकों का मानना है कि कारोबारियों और निवेशकों की ओर से नई पोजीशन बनाने के कारण कीमतों में यह तेजी देखने को मिली है। दिलचस्प बात यह है कि जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो निवेशक सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं।
अगर गौर करें तो सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की मांग लगातार बनी हुई है। यह सवाल उठता है – आखिर चांदी में इतनी तेजी क्यों आ रही है?
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी 1.64% की तेजी
ओवरसीज मार्केट यानी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी के वायदा भाव में 1.64 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जिससे यह 65.74 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंची। यह दर्शाता है कि घरेलू बाजार में तेजी सिर्फ स्थानीय कारकों से नहीं, बल्कि वैश्विक ट्रेंड से भी प्रभावित हो रही है।
विश्व स्तर पर आर्थिक हालात और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशकों का रुझान सोने और चांदी जैसी सुरक्षित धातुओं की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ रहा है।
क्यों बढ़ रही है चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी?
हैरान करने वाली बात यह है कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में कीमती धातुओं को ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित आश्रय माना जाता है। कई कारण हैं:
मुख्य कारण:
- वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंता
- डॉलर में उतार-चढ़ाव
- भू-राजनीतिक तनाव
- केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव की आशंका
- शेयर बाजारों में अस्थिरता
यह सभी कारक मिलकर निवेशकों को सोना-चांदी जैसी ठोस संपत्तियों की ओर धकेलते हैं।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा रुझान?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी बाजार में यह रुझान जारी रहने की संभावना है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि त्योहारी सीजन भी नजदीक आ रहा है, जब भारत में चांदी की मांग पारंपरिक रूप से बढ़ जाती है।
चिंता का विषय यह है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आम खरीदार के लिए चांदी की खरीदारी महंगी हो सकती है। लेकिन निवेशकों के लिए यह मुनाफे का अवसर भी हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
• चांदी की कीमतें 0.96% बढ़कर 2.38 लाख रुपए प्रति किलो
• MCX पर सितंबर डिलीवरी में 1,412 लॉट का कारोबार
• अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 1.64% की तेजी, 65.74 डॉलर प्रति औंस
• निवेशकों द्वारा नई पोजीशन बनाने से आई तेजी
• वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता से सुरक्षित धातुओं में रुझान
• आने वाले दिनों में भी तेजी जारी रहने की संभावना
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