IAS Pankaj Agarwal Arrest की खबर ने हरियाणा के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले मामले में देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 2000 बैच के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि IAS राम कुमार सिंह के बाद इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में गिरफ्तार होने वाले वे दूसरे IAS अधिकारी हैं।
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घोटाले में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत
देखा जाए तो इस करोड़ों रुपये के घोटाले में IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। इन बैंक अधिकारियों ने IAS अफसरों समेत कई सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये खुर्द-बुर्द किए थे।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर CBI इस घोटाले को 657 करोड़ रुपये का बता रही है, वहीं मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि इससे सरकारी खजाने को 645 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा।
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क्या है IAS पंकज अग्रवाल की भूमिका?
पंकज अग्रवाल की भूमिका उनके कृषि और किसान कल्याण विभाग के प्रशासनिक सचिव के कार्यकाल के दौरान सामने आई है। जांच के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में खोले गए ‘हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड’ के खाते से कुल 10 करोड़ रुपये की राशि गायब की गई थी। यह खाता ‘एग्रीकल्चर मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड’ के नाम पर चल रहा था।
समझने वाली बात यह है कि CBI की जांच में खुलासा हुआ कि इस फंड से 9.75 करोड़ रुपये ‘SRR प्लानिंग गुरूज़ लिमिटेड’ को और 25 लाख रुपये ‘मन्नत कंट्रैक्टर्स’ को ट्रांसफर किए गए थे। ये दोनों फर्जी (शेल) कंपनियां थीं, जो सिर्फ सरकारी पैसा हड़पने के मकसद से ही बनाई गई थीं।
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शिक्षा विभाग से 50 करोड़ से ज्यादा गायब
जांच में यह भी सामने आया कि पंकज अग्रवाल का नाम ‘हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद’ से फंड खुर्द-बुर्द करने के मामले से भी सीधे तौर पर जुड़ा है। अग्रवाल के पास स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव का चार्ज भी रहा, और उनके इस कार्यकाल के दौरान विभाग के खातों से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की मोटी रकम गायब की गई थी।
सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और ‘हरियाणा एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड’ के ये दोनों बैंक खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान ही खोले गए थे। CBI सूत्रों के मुताबिक इन खातों को खोलते समय वित्त विभाग के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।
6 और सीनियर IAS अधिकारी जांच के घेरे में
अगर गौर करें तो इस महा-घोटाले ने हरियाणा के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि कुल आठ IAS अधिकारी CBI के शक के घेरे में हैं। दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी छह अधिकारियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
जांच के घेरे में आए अन्य अधिकारियों में मोहम्मद शाइन, मणि राम शर्मा, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग, साकेत कुमार और डी.के. बेहरा के नाम शामिल हैं। CBI की ओर से इस मामले में आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे किए जाने की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Points)
- CBI ने बैंक घोटाले में 2000 बैच के IAS पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया।
- CBI के अनुसार घोटाला 657 करोड़ का, ED के अनुसार 645 करोड़ का नुकसान।
- IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई।
- कुल आठ IAS अधिकारी जांच के घेरे में, दो गिरफ्तार, छह पर तलवार लटक रही।













