क्रिप्टो ऐप्स का लालची खेल, गूगल ने किया बैन, अगर आपके पास हैं तो तुरंत डिलीट करें


The News Air – क्रिप्टोकरेंसी से देश में कुछ ऐप्स के ज़रिए ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी के देश में 10 करोड़ से ज़्यादा यूजर्स हैं। जिन्होंने 6 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। लोगों के इसी निवेश का कुछ ऐप्स ग़लत फ़ायदा उठा रहे हैं। इन ऐप्स के ज़रिए लोगों का पैसा चुराया जा रहा है। सिक्योरिटी रिसर्च फर्म ट्रेंड माइक्रो ने ऐसे 8 ऐप्स का पता लगाया है जो विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन सर्विस के ज़रिए यूजर्स से ठगी कर रहे थे। ये आम यूजर्स से ज़्यादा पैसा कमाने का लालच देकर एक्स्ट्रा पेमेंट कराते थे। बदले में यूजर्स को कुछ नहीं मिलता था।

हर महीने लोगों के 1100 रुपए चुरा रहे

सिक्योरिटी रिसर्च फर्म ट्रेंड माइक्रो ने बताया था कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे ऐप्स हैं, जो यूजर्स को ठगने का काम कर रहे हैं। ये 8 ऐप्स विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन सर्विस के ज़रिए यूजर्स से हर महीने औसतन 15 डॉलर (लगभग 1,100 रुपए) उड़ा लेते थे। ये ऐप्स यूजर्स को माइनिंग के ज़रिए आम यूजर्स से ज़्यादा पैसा कमाने का लालच देकर अतिरिक्त पेमेंट कराते थे। बदले में यूजर्स को कुछ नहीं मिलता था।

इनमें से 8 ऐप्स को गूगल ने हटाया भी दिया है। इसके बाद भी कई यूजर्स इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपके स्मार्टफोन में ये क्रिप्टोकरेंसी ऐप्स हैं, या फिर आपने APK की मदद से इन्हें इन्स्टॉल किया है, तो इन्हें तुरंत डिलीट कर दीजिए।

यूजर्स को पैसा चुराने वाले 8 क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग ऐप्स

  1. BitFunds – Crypto Cloud Mining
  2. Bitcoin Miner – Cloud Mining
  3. Bitcoin (BTC) – Pool Mining Cloud Wallet
  4. Crypto Holic – Bitcoin Cloud Mining
  5. Daily Bitcoin Rewards – Cloud Based Mining System
  6. Bitcoin 2021
  7. MineBit Pro – Crypto Cloud Mining & btc miner
  8. Ethereum (ETH) – Pool Mining Cloud

क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े इन 8 में से 2 पेड ऐप्स थे। Crypto Holic – Bitcoin Cloud Mining ऐप की क़ीमत 12.99 डॉलर (लगभग 965 रुपए) और Daily Bitcoin Rewards ऐप की क़ीमत 5.99 डॉलर (लगभग 445 रुपए) है।

हैकर्स ने बिटकॉइन को लीगल टेंडर बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट हैक होने के बाद क्रिप्टोकरेंसी फिर चर्चा में है। 11 दिसंबर को रात 2.14 बजे PM के ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया गया जिसमें लिखा था- ‘भारत ने आख़िरकार बिटकॉइन को लीगल टेंडर के रूप में स्वीकार कर लिया है। सरकार ने आधिकारिक रूप से 500 बिटकॉइन ख़रीदे हैं और उन्हें देश के सभी नागरिकों को बांटा जा रहा है।’ इस ट्वीट के साथ एक स्कैम लिंक भी शेयर किया गया था।

बीते महीने PM मोदी ने कहा था कि सभी लोकतांत्रिक देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन ग़लत हाथों में न पड़े, क्योंकि इससे हमारे युवाओं पर ग़लत असर पड़ेगा।

APK ऐप्स को इन्स्टॉल नहीं करें

जो ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर नहीं मिलते उन्हें APK फाइल की मदद से फ़ोन में इन्स्टॉल किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे ऐप्स को फ़ोन में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि गूगल भी इसकी इजाज़त नहीं देता। यदि इन ऐप्स से आपके डिवाइस को नुक्सान पहुंचता है तब इसकी ज़िम्मेदारी आपकी होती है। दरअसल, ऐसे कई ऐप्स में नाम कुछ और होता है और इन्स्टॉल करने के बाद ऐप कुछ और निकलता है। ऐसे ऐप्स से फ़ोन में ट्रोजन आ सकता है, जिससे आपको डेटा की चोरी हो सकती है।

पूरी तरह बैन आसान नहीं, रेगुलेशन ही रास्ता

क्रिबेको ग्लोबल के फाउंडर और CEO सिद्धार्थ सोगानी कहते हैं, ‘दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह इंटरनेट की दुनिया है। ऐसे में एक लोकतांत्रिक देश में इसे रेगुलेट करना ही सही तरीक़ा है, न कि पूरी तरह बैन करना। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, चीन, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के अधिकतर राज्यों में क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट किया गया है। ऐसे में मुझे उम्मीद है कि क्रिप्टोकरेंसी कमोडिटी या एसेट के तौर पर भारत में इस्तेमाल हो सकेगी। सही तस्वीर क्या होगी, यह तो संसद में बिल पेश होने के बाद ही पता चलेगा।’


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