Gold Silver Price Today में जोरदार उछाल देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच वैश्विक बाजार में आज सोने-चांदी में तेजी आई है। Comex पर सोना $32 उछलकर $4800 प्रति औंस (भारतीय करेंसी में करीब 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) के लेवल को पार कर गया।
जबकि चांदी 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ $77 प्रति औंस (भारतीय करेंसी में करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) के पार कारोबार करने लगी। ऐसी ही तेजी घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी देखने को मिली।
देखा जाए तो मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ जाता है।
MCX पर भी जोरदार तेजी
जहां बाजार खुलते ही सोना ₹1000 और चांदी ₹6600 रुपए तेजी के साथ ट्रेड करने लगी। मल्टीकमोडिटी एक्सचेंज पर जून डिलीवरी वाले सोने में उछाल आया जबकि चांदी भी उछली है।
समझने वाली बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।
सोना $5000 तक जा सकता है
KediA Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया ने साफ तौर पर कहा कि चांदी में सप्लाई की भारी कमी है। माइनिंग हैंडलर्स और इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से चांदी आने वाले समय में आउटपरफॉर्म करेगी।
निवेशकों को बेस मेटल्स और सिल्वर के कॉम्बो पर ध्यान देना चाहिए। इसी के साथ ही उन्होंने गोल्ड का टारगेट प्राइस भी दिया जो वाकई चौंकाने वाला है।
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने गोल्ड को लेकर कहा कि गोल्ड में फिलहाल एक रिट्रेसमेंट यानी कि हल्की गिरावट या ठहराव दिख रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड $5000 तक जा सकता है। जिसके बाद ही कोई बड़ी गिरावट आएगी।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि $5000 का लेवल एक नया रिकॉर्ड होगा।
₹1 लाख तक गिर सकता है सोना
डोमेस्टिक मार्केट में अगर $1000 का सपोर्ट लेवल टूटता है तो कीमतें $3450 यानी कि भारतीय करेंसी में करीब ₹1,03,000 प्रति 10 ग्राम तक भी आ सकती हैं।
यानी कि सोने में अब अनुमान लगाया जा रहा है कि वह ₹1 लाख तक पहुंच सकता है। दिलचस्प बात यह है कि यह एक बड़ी गिरावट होगी अगर ऐसा होता है।
जिन लोगों के घर में शादी-ब्याह है, उनके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा है कि यह गिरावट सिर्फ तभी आएगी जब पहले $5000 का लेवल टच हो।
गोल्ड लोन का बैलेंस चार गुना बढ़ा
ट्रांस यूनियन सिबिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2022 के मुकाबले गोल्ड लोन का बैलेंस करीब चार गुना बढ़ चुका है। भारत के कुल रिटेल लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी जो पहले महज 5.9% थी वो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 11% के करीब पहुंच गई।
यानी कि लोग अब पर्सनल लोन या दूसरे रास्तों के बजाय अपने सोने पर कर्ज लेना ज्यादा सुरक्षित और आसान मान रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब लोग पहले के मुकाबले मोटा कर्ज ले रहे हैं। मार्च 2022 में जहां प्रति खाता औसत गोल्ड लोन ₹1.1 लाख था वहीं दिसंबर 2025 में यह बढ़कर ₹1.9 लाख हो गया है।
वैश्विक अनिश्चितता का असर
एक्सपर्ट्स ने गोल्ड को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि सोना ₹1 लाख तक जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिनके घर में शादी-ब्याह है तो उन्हें खरीदारी में चूक नहीं करनी चाहिए।
क्योंकि सोने की कीमतें वैश्विक अनिश्चितता पर निर्भर करती हैं। तो आने वाले दौर में देखना होगा कि आखिरकार वैश्विक हालात क्या बनते हैं और उनका सोने और चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ता है।
समझने वाली बात यह है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है तो सोना और तेज हो सकता है। लेकिन अगर हालात सामान्य होते हैं तो गिरावट आ सकती है।
चांदी में सप्लाई की कमी
अजय केडिया ने कहा कि चांदी में सप्लाई की भारी कमी है। माइनिंग कम हो रही है और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ रही है। इसलिए चांदी आने वाले समय में सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
निवेशकों को बेस मेटल्स और सिल्वर के कॉम्बो पर ध्यान देना चाहिए। यह एक अच्छी निवेश रणनीति हो सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप निवेशक हैं तो एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सोने में $5000 तक उछाल आ सकता है। उसके बाद गिरावट की संभावना है। इसलिए अगर आप लॉन्ग टर्म निवेश कर रहे हैं तो सावधानी बरतें।
जिनके घर में शादी-ब्याह है, वे इंतजार कर सकते हैं। हालांकि, वैश्विक हालात पर नजर रखना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Comex पर सोना $4800 प्रति औंस पार
- एक्सपर्ट: सोना $5000 तक जा सकता है
- गिरावट में ₹1 लाख तक आने की संभावना
- चांदी में सप्लाई की भारी कमी
- गोल्ड लोन का बैलेंस चार गुना बढ़ा













