Digital Loan App Scam ने एक और जान ले ली है। केरल के एक डेंटल स्टूडेंट ने आत्महत्या कर ली है जिसकी वजह एक बहुत बड़ा मुद्दा सामने आ रहा है। स्टूडेंट ने 14,000 रुपए का लोन लिया था लेकिन रिकवरी एजेंट्स द्वारा उसके घर, कॉलेज में फोन किए जा रहे थे। एक शेम फैक्टर यहां पर इंड्यूस किया जा रहा था ताकि वो लोन की रिपेमेंट कर दे।
देखा जाए तो डिजिटल लेंडिंग का जो स्फीयर यहां पर बढ़ता जा रहा है, वह बहुत सारे युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा है। बहुत हाई इंटरेस्ट रेट पेमेंट्स मांगी जाती हैं और बेहद खराब तरीके के लोन रिपेमेंट मेथड्स यूज किए जाते हैं।
5 मिनट में लोन, 5 दिन में टेरर
डिजिटलाइजेशन से बहुत सारी चीजें यहां पर आसान हो चुकी हैं। पेमेंट करने से लेकर पेमेंट एक्सेप्ट करना और लोन लेना भी अब बहुत इजी हो चुका है। 5 मिनट में 5 लाख लोन आपके खाते में मिल जाएगा – ऐसे मैसेजेस फिर लोगों को आने शुरू हो गए।
जिन-जिन लोगों को लगा कि यार मुझे तो पैसों की जरूरत है, उस व्यक्ति ने उस लिंक के ऊपर क्लिक कर लिया। उसके ऊपर आया कि एक ऐप आपको इंस्टॉल करनी है जो कि शायद Google Play Store पे भी अवेलेबल नहीं है।
समझने वाली बात यह है कि जब कोई ऐप प्ले स्टोर पर नहीं है, तो यह पहला रेड फ्लैग है।
KYC के नाम पर डेटा चोरी
जैसे आप इंस्टॉल करते हो फिर वहां से आएगा कि अच्छा भैया आपको केवाईसी करवानी है। अब हर एक व्यक्ति को लगता है यार केवाईसी तो बहुत जरूरी है। उसके बिना तो लोन नहीं मिलेगा। बट केवाईसी के नाम पर अब वही लोन ऐप्स क्या करेंगे?
अब आपके लिए जितना भी आपका एक क्रूशियल और सेंसिटिव इनफॉर्मेशन आपके फोन में जो अवेलेबल है – चाहे वो आपके कॉन्टैक्ट्स की लिस्ट हो, आपके SMS का एक्सेस हो, आपके फोटो और स्टोरेज का एक्सेस हो – उन सभी पर्टिकुलर पॉइंट्स के ऊपर आपसे टिक मार्क करवाएंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि केवाईसी के नाम पर आपकी सारी पर्सनल इनफॉर्मेशन चुरा ली जाती है।
₹7000 मांगे, ₹1000 काटे, ₹10,000 वसूली
जैसे मान लो ₹7000 का लोन अगर आपको चाहिए और ₹7000 की आपको वहां पर बोला जा रहा है। देखने में लगेगा चलो ₹7000 यहां पर आएगा। पर जैसे ही अगर आप उस लोन को अप्लाई करोगे उसी ₹7000 में से प्रोसेसिंग फी कट जाएगी, प्लेटफार्म का चार्ज कट जाएगा, कोई कन्वीनियंस फी यहां पर चार्ज कर लेगा। लगे हाथ GST भी चार्ज कर लेगा।
आपके खाते में आ रहा है ₹5800 से ₹6100 तक का। एक मेजर चंक जो है पैसे का वो डेफिनेटली यहां पर गायब हो चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि सारी चीजें या तो मेंशन ही नहीं होतीं या इतने फाइन प्रिंट में मेंशन होती हैं कि उस समय पर व्यक्ति को लगता है कि नहीं यार मुझे तो हर एक अप्रूवल को यहां पर यस करना है।
20% वीकली इंटरेस्ट का झांसा
कहा जाता है कि चलो आपको 7 दिन का लोन दिया जा रहा है ₹7000 का। जो इंटरेस्ट रेट वहां पर मेंशन किया गया था – मान लो सिर्फ 12% लिखा है, 16% लिखा है, इवन 20% तक लिखा है। लोगों को लगता है चलो 20% सही है।
बट वो ये नहीं समझ पाते कि वो 20% पर एनम नहीं है, वो 20% पर वीकली बेसिस पर वहां पर आपसे चार्ज कर रहे हैं। और वहां से पूरा का पूरा मैथमेटिकल कैलकुलेशन चेंज हो जाता है।
समझने वाली बात यह है कि वीकली 20% मतलब सालाना 1000% से भी ज्यादा ब्याज।
2022-24 में 60 आत्महत्याएं
2022 से लेकर 2024 के बीच में BBC की इन्वेस्टिगेशन के चलते 60 ऐसे रिपोर्टेड केसेस हैं जहां पर लोगों ने सुसाइड कर लिया है। ऐसे डिजिटल लोन्स लेने के बाद जब वो रिपेमेंट नहीं कर पाए और उसके बाद वहां पर जो रिकवरी एजेंट्स की प्रोसेस थी उससे तंग आकर उन्होंने अपनी जिंदगी वहां पर खो दी।
यह आंकड़ा बहुत चौंकाने वाला है और दर्शाता है कि यह समस्या कितनी गंभीर है।
चाइनीज कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग
हैरानी की बात यह है कि इसमें चाइना की भी बहुत एक मेजर प्रेजेंस बताई जा रही है। इसी लोन ऐप्स, क्रिप्टो स्कैम्स के चलते अप्रोक्समेटली 28,000 करोड़ इंडिया से यहां पर ड्रेन हो चुका है।
हाल ही में केरल के केस में दो लोगों को यहां पर पकड़ा गया – 718 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में। जहां पर यह ऐसी ही डिफरेंट ऐप्स का यूज करते थे लोन एक्सटेंड करने के लिए। फिर उन लोन से जो पैसा आता था उनको डिफरेंट म्यूल अकाउंट्स में – क्लोज टू 400 म्यूल अकाउंट्स इनके पास अवेलेबल थे।
उन अकाउंट्स में डालते थे, वहां से क्रिप्टो एक्सचेंजेस WazirX में वहां पर उसे ट्रांसफर करते थे और WazirX के थ्रू आगे जाके क्रिप्टो चैनल्स के थ्रू वो पैसा डिफरेंट लोगों के पास सिंगापुर, चाइना की तरफ यहां पर जाता था।
दिलचस्प बात यह है कि यह एक पूरी लॉन्ड्रिंग मशीन है जो काम कर रही है।
RBI की 2025 गाइडलाइंस विद्ड्रॉन
RBI ने 2025 में अपनी एक रूल बुक निकाली थी – कैसे यहां पर डिजिटल लेंडिंग की जाएगी। जिसमें सीधा-सीधा कहा गया था कि जो बीच का बिचौला है, वो जैसे क्रेड हो गया है ना, Paytम हो गया – वो आपको हेल्प करते हैं। वो कहते हैं ना कि भाई आपको लोन तो नहीं चाहिए।
बट एक इशू मिला – वो इशू क्या था कि जैसे ही मैं RBI की वेबसाइट पर गया कि 2025 की गाइडलाइंस विद्ड्रॉन हैं। एंड दैट क्रिएट्स अ वेरी मेजर कंसर्न।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी कोई स्पष्ट गाइडलाइंस नहीं हैं, जो चिंता का विषय है।
खुद को कैसे बचाएं?
मेक श्योर अगर आप भी कहीं से इस प्रकार का लोन ऑब्टेन कर रहे हैं तो वो लेजिट डिजिटल लेंडर यहां पर होना चाहिए। RBI के लेंडर जो डायरेक्टरी है उसमें क्लियरली उसकी लिस्टिंग होनी चाहिए।
फैक्ट स्टेटमेंट आप पढ़िए। ट्रू APR यहां पर आइडेंटिफाई कीजिए। अगर कोई भी अगर आपको डाउट आता है तो अपने लोन के एप्लीकेशन को वहीं के वहीं रोक दीजिए।
जो छोटे शॉर्ट टर्म के लोन दे रहे हैं ना – 4 दिन, 7 दिन – भैया इनको इग्नोर करो। यह दीज़ आर नॉट वेरिफाइड थिंग्स। हमेशा ध्यान रखो कि आपके टर्म्स एंड कंडीशन पढ़ने से पहले अगर आपको कोई लोन ऑफर कर दे रहा है तो आपकी हेल्प नहीं कर रहा है – वो आपको हंट कर रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- केरल में डेंटल स्टूडेंट की आत्महत्या
- 14,000 के लोन पर हजारों की वसूली
- 2022-24 में 60 आत्महत्याएं रिपोर्ट
- 28,000 करोड़ चाइना की तरफ ड्रेन
- 718 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग पकड़ी गई













