India US Trade Deal Protest एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री की जालंधर फेरी के दौरान किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर केंद्र सरकार का पुतला फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया।
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‘गोल्डन गेट पर फूंका पुतला’
देखा जाए तो यह विरोध किसान मजदूर मोर्चे के आह्वान पर हुआ। अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंककर अपना गुस्सा जाहिर किया।
‘क्यों हो रहा विरोध’
समझने वाली बात यह है कि किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ हैं। किसान नेताओं का दावा है कि इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा।
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‘बीमार किसान नेता नजरबंद’
चिंता का विषय यह रहा कि किसान नेताओं ने बताया कि जालंधर में संगठन के आगू बलदेव सिंह जांदा, जो कई दिनों से बीमार हैं, को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया। किसान नेताओं ने साफ किया कि प्रधानमंत्री की रैली में विघ्न डालने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं था।
उनका कहना था कि वे सिर्फ इस फेरी के विरोध में पुतले फूंककर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बीमार किसान नेता की घर में की गई नजरबंदी तुरंत खत्म की जाए।
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आम जनता पर क्या असर
अगर किसान नेताओं की चिंता सही साबित होती है, तो व्यापार समझौते का असर सीधे किसानों की उपज की कीमतों और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। यही वजह है कि यह विरोध सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं माना जा रहा।
मुख्य बातें (Key Points)
- किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर केंद्र का पुतला फूंका।
- विरोध भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किया गया।
- किसान नेता बलदेव सिंह जांदा को पुलिस ने घर में नजरबंद किया।
- किसानों ने कहा, रैली में विघ्न डालने का कोई इरादा नहीं था।













