Farmers Protest Punjab: देश में तेल की बढ़ती कीमतों और BBMB (Bhakra Beas Management Board) से पंजाब की नुमाइंदगी खत्म करने के खिलाफ 2 जून को DC दफ्तरों के सामने किसान गरजेंगे। यह ऐलान भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के सूबा प्रधान हरिंदर सिंह लखोवाल ने किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के निर्देशों के तहत भारतीय किसान यूनियन लखोवाल 2 जून 2026, मंगलवार को पूरे पंजाब में डिप्टी कमिश्नर दफ्तरों के सामने रोष जताते हुए बड़ी संख्या में शामिल होगी।
यह प्रदर्शन किसानों की बढ़ती नाराजगी को दिखाता है। देखा जाए तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर ही पड़ता है क्योंकि खेती का पूरा काम ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और दूसरी मशीनों पर निर्भर है।
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डीजल 98, पेट्रोल 105 रुपये के पार
लखोवाल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। डीजल तकरीबन 98 रुपये और पेट्रोल 105 रुपये प्रति लीटर पार कर गया है। यह आम आदमी और किसान के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि धान की फसल की बिजाई सिर पर है। ट्रैक्टर, ट्यूबवेल, कंबाइन सभी डीजल पर चलते हैं। इन बढ़ी हुई तेल की कीमतों के कारण इस समय एक एकड़ धान का खर्चा तकरीबन 3000 रुपये बढ़ गया है, जो कि किसान-मजदूर और आम लोगों के साथ सीधी लूट है।
समझने वाली बात यह है कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन फसलों की कीमतें उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहीं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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चंडीगढ़ की तर्ज पर सस्ता करे डीजल
लखोवाल ने मांग की कि पंजाब सरकार चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब में डीजल का रेट सस्ता करे। यह मांग महत्वपूर्ण है क्योंकि चंडीगढ़ में VAT कम होने के कारण डीजल पंजाब की तुलना में सस्ता मिलता है।
अगर गौर करें तो राज्य सरकार के पास यह अधिकार है कि वह VAT (Value Added Tax) घटाकर डीजल-पेट्रोल की कीमतें कम कर सकती है। कई राज्यों ने समय-समय पर यह कदम उठाया है।
BBMB से पंजाब की नुमाइंदगी खत्म करने पर रोष
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने BBMB (Bhakra Beas Management Board) से पंजाब की नुमाइंदगी खत्म की है। यह संघीय ढांचे पर हमला है।
BBMB भाखड़ा और ब्यास बांधों का प्रबंधन करता है जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को बिजली और पानी देते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पंजाब का इन बांधों पर ऐतिहासिक अधिकार रहा है और नुमाइंदगी खत्म करना पंजाब के हितों के खिलाफ है।
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जिलों में तैयारी पूरी
हरिंदर सिंह लखोवाल ने बताया है कि 2 जून के धरने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें विभिन्न जिलों में ब्लॉकों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। सुबह 10 बजे हर ब्लॉक से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले DC दफ्तर के लिए रवाना होंगे।
11 बजे से शाम 4 बजे तक DC दफ्तरों के सामने धरने दिए जाएंगे। यह दिखाता है कि प्रदर्शन पूरी तरह से संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से होगा।
ट्रांसपोर्ट, व्यापारियों से अपील
इस समय सूबा प्रधान लखोवाल ने पूरे पंजाब के विभिन्न ट्रांसपोर्ट, छोटे कारोबारियों, मजदूरों, छोटे ट्रांसपोर्टरों को अपील की है कि इस धरने में अधिक से अधिक शामिल हों ताकि केंद्र सरकार की जड़ें हिलाई जा सकें।
दिलचस्प बात यह है कि यह केवल किसानों का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट, व्यापार सब प्रभावित होते हैं और अंततः आम आदमी की जेब पर असर पड़ता है।
देखा जाए तो किसान संगठन व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
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मुख्य बातें (Key Points)
- संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के निर्देश पर 2 जून को DC दफ्तरों पर प्रदर्शन होगा
- पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण धान की एक एकड़ खेती का खर्चा 3000 रुपये बढ़ा
- किसानों ने मांग की कि पंजाब सरकार चंडीगढ़ की तरह डीजल सस्ता करे
- BBMB से पंजाब की नुमाइंदगी खत्म करने को बताया संघीय ढांचे पर हमला
- ट्रांसपोर्ट, व्यापारी, मजदूरों से ज्यादा से ज्यादा शामिल होने की अपील













