कोरोना की तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी, बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक

नई दिल्ली, 23 अगस्त (The News Air)
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लोग दहशत में हैं। कोरोना की दूसरी लहर के ख़तरनाक समय से बाहर निकलने के बाद अब तीसरी लहर का ख़तरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार की भी कोशिश जारी है ताकि कोरोना एक बार फिर देश में हाहाकार न मचा सके। इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के तहत गठित विशेषज्ञों की एक समिति ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास चर्म पर पहुंच सकती है और यह बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकती है। 
प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्टूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका ज़ाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ़, डॉक्टर्स, नर्सेज, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेज़ी से काम शुरू किया जाना चाहिए।
सितंबर में रोज़ाना आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस- नीति आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने आशंका जताई है कि सितंबर में 4 से 5 लाख कोरोना केस रोज़ाना आ सकते हैं। हर 100 कोरोना मामलों में से 23 मामलों को अस्‍पताल में भर्ती कराने की व्‍यवस्‍‍था करनी पड़ सकती है। ऐसे में पहले से ही 2 लाख आईसीयू बैड्स तैयार रखने की आवश्यकता है।
इससे पहले कानपुर आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया कि देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका अब न के बराबर है। इसकी मुख्य वजह बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन होना बताया है। महामारी को लेकर नई स्टडी प्रो. अग्रवाल ने गणितीय सूत्र मॉडल के आधार पर जारी की है। इसके मुताबिक़ संक्रमण अब लगातार कम होगा। 
आईआईटी की स्टडी के मुताबिक़, देश में कोरोना के एक्टिव केस अक्टूबर तक 15 हज़ार के क़रीब रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, असम, अरुणाचल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में संक्रमित आते रहेंगे। मणींद्र अग्रवाल लगातार स्टडी के ज़रिए रिपोर्ट जारी कर सरकार को अलर्ट करते रहे हैं। दूसरी लहर का इनका दावा काफ़ी हद तक सही भी साबित हुआ। उन्होंने अक्टूबर तक अपनी नई प्रिडिक्शन रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि तीसरी लहर की आशंका लगभग शून्य है। रिपोर्ट के मुताबिक़ अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस इकाई अंक तक पहुंच जाएंगे।

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