बुज़ुर्ग दंपती ने ट्रांसजेंडर कपल को लिया गोद, घरवालों ने भगाया, स्लम में रहे, भीख माँगी

The News Air- चंडीगढ़ के रहने वाले एक बुज़ुर्ग दंपती ने ट्रांसजेंडर कपल को गोद लिया है। जिस जोड़े को उनके घरवालों और समाज ने अपनाने से इनकार कर दिया था। वो अब बुज़ुर्ग दंपती के साथ एक परिवार के रूप में रह रहे हैं।
93 साल की शमशेर कौर चहल और 95 साल के एडवोकेट दरबार सिंह चहल ने ट्रांसजेंडर जोड़े को अपना घर और एक परिवार दिया है। बुज़ुर्ग दंपती के इस पहल की लोग ख़ूब तारीफ़ कर रहे हैं।

अपने घरवालों ने किया किनारा तो बुज़ुर्ग बने सहारा

धनंजय चौहान और रूद्र प्रताप सिंह एक ट्रांसजेंडर कपल हैं। दोनों ने जब से अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया, उनके परिवार वालों ने उनसे किनारा करना शुरू कर दिया। उन्हें बदनामी का डर सता रहा था।
मिताली से रूद्र बने ट्रांस मैन रूद्र प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ लखनऊ रहते थे। लेकिन जब उन्होंने एक पुरुष के रूप में अपनी पहचान ज़ाहिर की तो उनके भाई ने उनका विरोध किया। जिसके चलते रूद्र(पहले मिताली) डिप्रेशन के शिकार हो गए। आख़िरकार उन्होंने अपना घर छोड़ने का फ़ैसला कर लिया। रूद्र फ़िलहाल एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं।

धनंजय चौहान थे पंजाब यूनिवर्सिटी के पहले ट्रांसजेंडर स्टूडेंट

ट्रांस वुमन धनंजय चौहान 2020 में तब चर्चा में आई थीं जब वो पंजाब यूनिवर्सिटी की पहली ट्रांसजेंडर स्टूडेंट बनी थीं। वो LGBTQ+ कम्यूनिटी के अधिकारों को लेकर काफ़ी मुखर रहती हैं। एक महिला के रूप में अपनी पहचान ज़ाहिर करने के बाद धनंजय को भी अपना घर छोड़ना पड़ा था।
ऐसे में धनंजय और रूद्र एक-दूसरे के क़रीब आए। दोनों ने साथ ज़िंदगी बिताने का फ़ैसला किया। लेकिन उनके पास परिवार नहीं था। जिसकी कमी उन्हें हमेशा खलती थी। लेकिन दरबार सिंह और शमशेर कौर ने उनकी इस कमी को पूरी कर दी है। ट्रांसजेंडर कपल धनंजय और रूद्र के पास अब एक ऐसा परिवार है जो उनके रिश्ते की क़द्र करता है।

स्लम में रहते थे, भीख माँगकर करते थे गुज़ारा

अपने-अपने परिवार के द्वारा ठुकराए जाने के बाद धनंजय और रूद्र स्लम में रह रहे थे। उन्हें कई बार अपने गुज़ारे के लिए भीख तक मांगनी पड़ी। लेकिन इसी बीच एक धनंजय की मुलाक़ात बुज़ुर्ग दंपती की बेटी समायरा कौर से हुई। दोनों साथ में कथक सीखते थे। समायरा ने यह बात अपनी बहन और मां-बाप को बताई। जिसके बाद सबने इस बेघर जोड़े को घर और परिवार देने का फ़ैसला किया। अकेले रह रहे दरबार सिंह और शमशेर कौर भी इसके लिए फ़ौरन तैयार हो गए। अब यह कपल अपने नए मां-बाप के साथ उनके घर में रह रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए शमशेर कौर ने बताया कि ‘इस बड़े घर में हम लोग अकेले रह रहे थे। अब ये बच्चे हमारा ख्याल रखते हैं। इनके साथ होने से हमें कभी अकेलापन महसूस नहीं होता।’

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