निगम का कागजी बजट: 700 करोड़ वसूली, खर्चा 774, सपने 300 करोड़ के; हाउस का 1032.28 करोड़ का..

The News Air- लुधियाना नगर निगम हाउस इस बार अपना अंतिम बजट पेश करने जा रहा है। इस लिए मेयर बलकार सिंह संधू ने साल 2021-22 में हुई वूसली से 300 करोड़ रुपये बढ़ाकर 1032 करोड़ रुपये का वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट सोमवार को पेश करने जा रहे हैं, जिसमें 502 करोड़ रुपये विकास बजट में दिखाए गए हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि निगम अपने साल 2021-22 के निर्धारित 815 करोड़ के बजट में से 15 मार्च तक मात्र 700 करोड रुपये ही वसूल पाया है।

जबकि वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों का वेतन, कंटीजेंसी खर्च व कमिटेड व ओएंडएम खर्च मिलाकर ही 774 करोड़ रुपये खर्च हो जाएगा। ऐसे में अब पिछले बजट की वसूली और नए बजट में पड़े 300 करोड़ रुपये के गैप को निगम कैसे भरेगा इसका कोई प्लान नहीं। अगर निगम ने यह लक्ष्य किसी तरह हासिल भी कर लिया तो भी विकास के लिए मात्र 22 फीसदी ही राशि बचेगी, लेकिन यह भी उपलब्ध होना संभव नहीं है। क्योंकि चुनावी साल होने से जनता पर बकाया वसूली के लिए सख्ती बरतने से भी नेता गुरेज करेंेगे। निगम ने इस बार बजट में शहर के 95 वॉर्डों में होने वाले विकास के कामों पर 48.65 फीसदी(502 करोड़) पैसा रखने की बात कही है, जबकि अफसराें-मुलाजिमों के वेतन पर 48.44 फीसदी पैसा खर्च किया जाएगा। वहीं, 2.91 फीसदी आपातस्थिति के लिए रिजर्व रखा गया है। निगम ने कागजी बजट तो पेश कर दिया है, लेकिन असलियत ये है कि विकास के कामों के खर्च के साथ 114.50 करोड़ का परमानेंट खर्चे भी जोड़ कर बता दिया गया हैं।

बजट में खर्चा इन डेवलपमेंट के कामों पर बताया गया

इस बार नई डेवलपमेंट पर 258 करोड़ रुपए खर्चा बताया है। सबसे हैरानी वाली बात ये है कि 30 करोड़ रुपए स्ट्रीट लाइटों का खर्चा बता दिया है, जबकि सिटी में इस समय स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 1.05 लाख एलईडी लाइट लग चुकी हैं और इनकी मेंटीनेंस से लेकर अन्य खर्चों की जिम्मेदारी भी अगले कई सालों तक कंपनी की है। इसके अलावा 15 फीसदी एलईडी लाइट की और मंजूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद बजट में 30 करोड़ खर्च अलग से दिखाते हुए सीधे तौर पर डेवलपमेंट का पैसा बढ़ाया जा रहा है। जबकि पेश किए जा रहे 1032.28 करोड़ के बजट में से 258 करोड़ रुपए यानी 25 फीसदी पैसा डेवलपमेंट पर खर्च होगा। वहीं, स्ट्रीट लाइट के 30 करोड़ रुपए को डेवलपमेंट के नाम पर जोड़ा है, जिसे हटा दिया जाए तो शहर की डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 22.08 फीसदी(करीब 228 करोड़) पैसा बचता है।

आमदनी देखिए- साल 2022-23 में 1034.23 करोड़ प्राप्त होने की उममीद

बजट में साल 2022-23 में कुल 1034.23 करोड़ प्राप्त होने की उम्मीद बताई गई है। इसमें 48.65 फीसदी विकास पर, 48.44 फीसदी विभागीय सैलरी और अचानक खर्चा 2.91 फीसदी पेश किया गया है। इसमें 100 करोड़ सड़कों पर, 1 करोड़ रुपए स्लम एरिया, 10 करोड़ रुपए पार्कों पर खर्चा दिखाया, 90.50 करोड़ रुपए पानी-सीवरेज और निगम ने 2.50 करोड़ से नई मशीनरी खरीद करने के लिए बताया गया है। बजट का कुल खर्चा 1032.28 करोड़ रुपए पेश किया गया और इसे रिकवरी करने के लिए आमदनी भी ऊपर बताई गई है।

परमानेंट खर्चे- साॅलिड वेस्ट का नहीं लगा टेंडर, खर्चों में जोड़े 30 करोड़

निगम के हाल देखिए खर्चों को कागजों में किस तरह से घुमाया जाता है। सॉलिड वेस्ट के लिए निगम ने इस बार 30 करोड़ रुपए खर्च बता दिया है। जबकि अभी तक टेंडर तक नहीं लगाया गया है। जबकि प्लानिंग ये चल रही है कि पीपीपी मोड पर कंपनी को रखा जाएगा। जिससे निगम को खर्चा देने की बजाए, आमदनी होगी। इसके बावजूद 30 करोड़ रुपए खर्चा सॉलिड वेस्ट के लिए रख दिया। इसी तरह 21 करोड़ रुपए सालाना बिजली बिल चुकाने का रखा गया है। हैरानी की बात ये है कि निगम के चारों जोनों में सोलर सिस्टम लगे हैं, स्ट्रीट लाइटें सीधे टाटा कंपनी के पास हैं। इसके बावजूद बिजली बिल के 21 करेाड़ सालाना खर्च होने वाली बात कुछ हजम नहीं हो पाई है। इसी तरह बैंकों से लिए कर्ज का सालाना 55 करोड़ भी परमानेंट खर्चों में मिलाकर कुल बजट में रकम 114.50 करोड़ बताई गई है।

ऐसे समझिए निगम के ख्याली पुलाव

जीएसटी में 81 करोड़, प्रॉपर्टी टैक्स में 20, विज्ञापन टैक्स में 18, एक्साइज ड्यूटी से 11 करोड़ आय बढ़ाने व जमीन बेचने से 26.50 करोड़ जुटाने की आस, पिछले साल से 300 करोड़ ज्यादा वसूली कैसे करेंगे इसका प्लान नहीं

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